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Shravasti News: भाई को तिलक लगा लंबी उम्र की कामना की
Fri, 24 Oct 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 24 Oct 2025 12:35 AM IST
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भाई को मिठाईखिलाती बहन।- स्रोत: ग्रामीण
श्रावस्ती/इकौना। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार भाई दूज बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई को तिलक लगाकर लंबी उम्र की कामना की।
भाई दूज पर्व को लेकर घरों में सुबह से ही चहलपहल शुरू हो गई। कुछ बहनें भाई के घर पहुंचीं, तो कुछ भाई अपनी बहनों के घर आए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को बहनें भाई को लाई व भुरकी (विशेष प्रकार की मिठाई) खिलाती हैं। बदले में भाई उन्हें उपहार देकर रक्षा का वचन देते हैं। इस पर्व को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं।
पंडित दिनेश शर्मा बताते हैं कि एक बार यमराज निमंत्रण पर अपनी बहन यमुना के घर गए और यमुना ने उनका तिलक लगाकर स्वागत किया। फिर भोज कराया। इससे यमराज ने प्रसन्न होकर कहा कि इस दिन जो बहन अपने भाई का सत्कार करेगी, उसे यमराज का भय नहीं रहेगा। अकाल मृत्यु उसे नहीं आएगी।
उन्होंने बताया कि भाई दूज पर भाई को बहन के घर जाना चाहिए। इसी तरह कई अन्य कहानियां भी हैं। तभी से भाई-दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक मना जाने लगा।
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भाई दूज पर्व को लेकर घरों में सुबह से ही चहलपहल शुरू हो गई। कुछ बहनें भाई के घर पहुंचीं, तो कुछ भाई अपनी बहनों के घर आए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को बहनें भाई को लाई व भुरकी (विशेष प्रकार की मिठाई) खिलाती हैं। बदले में भाई उन्हें उपहार देकर रक्षा का वचन देते हैं। इस पर्व को लेकर कई कहानियां प्रचलित हैं।
पंडित दिनेश शर्मा बताते हैं कि एक बार यमराज निमंत्रण पर अपनी बहन यमुना के घर गए और यमुना ने उनका तिलक लगाकर स्वागत किया। फिर भोज कराया। इससे यमराज ने प्रसन्न होकर कहा कि इस दिन जो बहन अपने भाई का सत्कार करेगी, उसे यमराज का भय नहीं रहेगा। अकाल मृत्यु उसे नहीं आएगी।
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उन्होंने बताया कि भाई दूज पर भाई को बहन के घर जाना चाहिए। इसी तरह कई अन्य कहानियां भी हैं। तभी से भाई-दूज का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक मना जाने लगा।
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