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पीडब्लूडी कर्मियों के लिए 22 करोड़ से बनेंगे आवास
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श्रावस्ती। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को अब प्रतिदिन बहराइच का चक्कर नहीं लगाना होगा। उन्हें रहने के लिए जिले में ही आवास मिलेगा। इसके लिए 120 आवास का निर्माण कराया जाएगा। इस पर 22 करोड़ 70 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 24 आवास निर्माण की मंजूरी विभाग को मिल चुकी है, जबकि अन्य के निर्माण को जल्द ही मंजूरी मिलने वाली है।
जिले में सरकारी आवास की कमी है। किसी भी विभाग के पास अपना कोई भी आवास नहीं है। केवल कलेक्ट्रेट कर्मियों के लिए कुछ आवास बने हुए हैं। इसमें कलेक्ट्रेट कर्मियों के साथ न्याय विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी रहते हैं। कुछ अधिकारी ट्रांजिट हास्टल में रह रहे हैं। इसके बाद भी अधिकारी व कर्मचारियों के रहने के लिए कोई उचित प्रबंध न होने के कारण अधिकांश कर्मचारी बहराइच में रह कर प्रतिदिन आते जाते हैं। इससे उनका कार्य तो प्रभावित होता ही है, साथ ही आने जाने पर प्रतिदिन का खर्च उन्हें अलग से करना होता है।
इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने अपने आवास निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें लोक निर्माण विभाग को आवास निर्माण की मंजूरी मिली है। लोक निर्माण विभाग ने कुल 120 आवासों के निर्माण के लिए 22 करोड़ 70 लाख रुपये की मांग शासन से की थी। इसमें टाइप वन के 24 आवास के लिए 277.64 लाख रुपये, टाइप टू के 48 आवास के लिए 660.70 लाख रुपये, टाइप थ्री के 36 आवास के लिए 713.92 लाख रुपये व टाईप फोर के बारह आवास के लिए 617.96 लाख रुपये शामिल हैं।
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इसमें टाइप वन के चौबीस आवास को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसका निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। जबकि अन्य आवासों के लिए मंजूरी जल्द ही मिलने वाली है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि जिले में आवास की बहुत कमी है। कर्मचारियों की सुविधाओं को देखते हुए प्रस्ताव भेजा गया था। टाईप वन की मंजूरी आ गई है। अन्य वर्ग के आवासों को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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जिले में सरकारी आवास की कमी है। किसी भी विभाग के पास अपना कोई भी आवास नहीं है। केवल कलेक्ट्रेट कर्मियों के लिए कुछ आवास बने हुए हैं। इसमें कलेक्ट्रेट कर्मियों के साथ न्याय विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी रहते हैं। कुछ अधिकारी ट्रांजिट हास्टल में रह रहे हैं। इसके बाद भी अधिकारी व कर्मचारियों के रहने के लिए कोई उचित प्रबंध न होने के कारण अधिकांश कर्मचारी बहराइच में रह कर प्रतिदिन आते जाते हैं। इससे उनका कार्य तो प्रभावित होता ही है, साथ ही आने जाने पर प्रतिदिन का खर्च उन्हें अलग से करना होता है।
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इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने अपने आवास निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें लोक निर्माण विभाग को आवास निर्माण की मंजूरी मिली है। लोक निर्माण विभाग ने कुल 120 आवासों के निर्माण के लिए 22 करोड़ 70 लाख रुपये की मांग शासन से की थी। इसमें टाइप वन के 24 आवास के लिए 277.64 लाख रुपये, टाइप टू के 48 आवास के लिए 660.70 लाख रुपये, टाइप थ्री के 36 आवास के लिए 713.92 लाख रुपये व टाईप फोर के बारह आवास के लिए 617.96 लाख रुपये शामिल हैं।
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इसमें टाइप वन के चौबीस आवास को शासन ने मंजूरी दे दी है। इसका निर्माण कार्य भी प्रारंभ होने वाला है। जबकि अन्य आवासों के लिए मंजूरी जल्द ही मिलने वाली है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता एके सिंह का कहना है कि जिले में आवास की बहुत कमी है। कर्मचारियों की सुविधाओं को देखते हुए प्रस्ताव भेजा गया था। टाईप वन की मंजूरी आ गई है। अन्य वर्ग के आवासों को जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।