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मछली व्यापारियों ने बना डाला फर्जी वाहन पास
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इकौना (श्रावस्ती)। लॉकडाउन के दौरान इकौना में मछली व्यापारियों ने एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर से पास बना लिया। इसकी जानकारी जब वाहन स्वामी को लगी, तो उसने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
लॉकडाउन के दौरान केवल आवश्यक कार्यों में लगे वाहनों का पास प्रशासन जारी कर रहा है। इसमें दवा, सब्जी या फिर राशन लाने ले जाने की अनुमति प्रदान की जा रही है। इकौना में कुछ मछली व्यापारियों ने एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर से पास बना कर उसका उपयोग शुरू कर दिया। इसका खुलासा जिस वाहन के चालक का पास बना था, उसी ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर किया।
इकौना कस्बे के पिकअप वाहन मालिक अनिल कुमार ने एसडीएम इकौना को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि चार दिन पहले कटरा के मछली व्यापारी अरविंद यादव उर्फ पाले व कुर्बान शेख मछली ले जाने के लिए किराए पर पिकअप बुक कराने आए थे। इस पर अनिल ने पास न होने की बात कह कर मना कर दिया था। इस पर व्यापारियों ने गाड़ी के कागज व ड्राइवर का लाइसेंस लेकर पास बनवाने के लिए कहा। जिसके बाद अनिल ने गाड़ी के कागज व ड्राइवर का लाइसेंस उन्हें दे दिया। दो दिन पहले व्यापारी ने पिकअप का पास बनवाकर भेजा था। इस पर एसडीएम इकौना का मोहर व हस्ताक्षर के साथ चालक के फोटो पर मोहर लगी हुई थी।
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पास देखकर अनिल को शक हुआ तो उसने तस्दीक के लिए तहसील से संपर्क किया। तो वहां पता चला कि तहसील से इस तरह का कोई पास जारी ही नहीं किया गया। इस पर अनिल ने एसडीएम से फर्जी पास बनाने के प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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लॉकडाउन के दौरान केवल आवश्यक कार्यों में लगे वाहनों का पास प्रशासन जारी कर रहा है। इसमें दवा, सब्जी या फिर राशन लाने ले जाने की अनुमति प्रदान की जा रही है। इकौना में कुछ मछली व्यापारियों ने एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर से पास बना कर उसका उपयोग शुरू कर दिया। इसका खुलासा जिस वाहन के चालक का पास बना था, उसी ने एसडीएम को शिकायती पत्र देकर किया।
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इकौना कस्बे के पिकअप वाहन मालिक अनिल कुमार ने एसडीएम इकौना को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि चार दिन पहले कटरा के मछली व्यापारी अरविंद यादव उर्फ पाले व कुर्बान शेख मछली ले जाने के लिए किराए पर पिकअप बुक कराने आए थे। इस पर अनिल ने पास न होने की बात कह कर मना कर दिया था। इस पर व्यापारियों ने गाड़ी के कागज व ड्राइवर का लाइसेंस लेकर पास बनवाने के लिए कहा। जिसके बाद अनिल ने गाड़ी के कागज व ड्राइवर का लाइसेंस उन्हें दे दिया। दो दिन पहले व्यापारी ने पिकअप का पास बनवाकर भेजा था। इस पर एसडीएम इकौना का मोहर व हस्ताक्षर के साथ चालक के फोटो पर मोहर लगी हुई थी।
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पास देखकर अनिल को शक हुआ तो उसने तस्दीक के लिए तहसील से संपर्क किया। तो वहां पता चला कि तहसील से इस तरह का कोई पास जारी ही नहीं किया गया। इस पर अनिल ने एसडीएम से फर्जी पास बनाने के प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम इकौना राजेश मिश्रा ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।