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Shravasti News: यूरिया के लिए मारामारी, तीन घायल
Fri, 15 Aug 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 15 Aug 2025 12:57 AM IST
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साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
श्रावस्ती/इकौना। तराई में यूरिया की भारी किल्लत है। बृहस्पतिवार को खाद वितरण के दौरान साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा पर धक्का-मुक्की में तीन किसान घायल हो गए। अफरातफरी की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया। बावजूद इसके समिति सचिव ने बिना खाद वितरित किए ही गोदाम बंद कर घर चले गए, इससे किसानों में भारी आक्रोश रहा।
तराई के किसानों को समय से खाद उपलब्ध करवाने के लिए अब तक जिले में 21,652 मीट्रिक टन यूरिया, 6534 मीट्रिक टन डीएपी, 1600 मीट्रिक टन एनपीके और 8911 मीट्रिक टन एसएसपी पहुंच चुकी है। बावजूद इसके किसानों के हाथ खाली हैं और समितियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।
आलम यह है कि समितियों पर मारपीट की नौबत आ जा रही है और पुलिस बुलानी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को इकौना की साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा पर खाद पहुंचने की सूचना पर सैकड़ों किसान पहुंच गए, इससे अफरातफरी मच गई। खाद लेने की उत्सुकता में जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे तीन किसान घायल हो गए।
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पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को काबू किया, लेकिन भीड़ का बहाना कर सचिव ने खाद का वितरण बंद कर दिया। इससे सुबह से लाइन में लगे किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। सचिव के खिलाफ किसानों में भारी आक्रोश रहा।
नेपाल व बहराइच में तस्करी का आरोप
यूरिया की किल्लत के बीच किसानों का आरोप है कि उनके हिस्से की खाद को मुनाफाखोरी के लिए पड़ोसी देश नेपाल भेजा रहा है। कई निजी विक्रेता मुनाफाखोरी के लिए श्रावस्ती की खाद को बहराइच में बेच रहे हैं, जिसके चलते जिले में खाद की किल्लत बरकरार है। किसानों ने बताया कि नेपाल में एक बोरी यूरिया 500 से 600 रुपये में बेची जा रही है।
कई दिनों बाद आई खाद, फिर भी नहीं मिली
साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा पर खाद लेने पहुंचे पंचम ने बताया कि कई दिनों बाद समिति पर खाद पहुंची थी। खाद पहुंचने की सूचना पर तत्काल आए, लेकिन सचिव ने अगले दिन आने के लिए कहा है। खेत में लगी फसल खराब होने का खतरा है।
......
सुबह से लगाई लाइन, लेकिन हाथ खाली
किसान दद्दन शर्मा ने बताया कि खाद आने की सूचना पर सुबह ही समिति पर पहुंच गए और लाइन लगा ली। धक्कामुक्की व भीड़ के चलते खाद नहीं मिली। अब फिर से समिति के चक्कर काटने पड़ेंगे।
......
निजी विक्रेता कर रहे ओवररेटिंग
किसान गोकरन ने बताया कि निजी विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, लेकिन वे खाद की ओवररेटिंग कर रहे हैं। इसलिए मजबूरन समिति पर आना पड़ रहा है और यहां भी भीड़ के चलते खाद नहीं मिल रही।
गन्ने का रकबा बढ़ने से बढ़ी खपत : कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्रा ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार ज्यादा खाद आई है, लेकिन वीरपुर क्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ा है। किसानों ने इस बार 5000 हेक्टेयर अधिक गन्ना बोया है और यूरिया की टॉप ड्रेसिंग कर रहे हैं। इसके चलते समितियों पर भीड़ उमड़ रही है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, जिले में प्रचुर मात्रा में खाद उपलब्ध है।
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तराई के किसानों को समय से खाद उपलब्ध करवाने के लिए अब तक जिले में 21,652 मीट्रिक टन यूरिया, 6534 मीट्रिक टन डीएपी, 1600 मीट्रिक टन एनपीके और 8911 मीट्रिक टन एसएसपी पहुंच चुकी है। बावजूद इसके किसानों के हाथ खाली हैं और समितियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।
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आलम यह है कि समितियों पर मारपीट की नौबत आ जा रही है और पुलिस बुलानी पड़ रही है। बृहस्पतिवार को इकौना की साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा पर खाद पहुंचने की सूचना पर सैकड़ों किसान पहुंच गए, इससे अफरातफरी मच गई। खाद लेने की उत्सुकता में जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे तीन किसान घायल हो गए।
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पुलिस ने मोर्चा संभाला और भीड़ को काबू किया, लेकिन भीड़ का बहाना कर सचिव ने खाद का वितरण बंद कर दिया। इससे सुबह से लाइन में लगे किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। सचिव के खिलाफ किसानों में भारी आक्रोश रहा।
नेपाल व बहराइच में तस्करी का आरोप
यूरिया की किल्लत के बीच किसानों का आरोप है कि उनके हिस्से की खाद को मुनाफाखोरी के लिए पड़ोसी देश नेपाल भेजा रहा है। कई निजी विक्रेता मुनाफाखोरी के लिए श्रावस्ती की खाद को बहराइच में बेच रहे हैं, जिसके चलते जिले में खाद की किल्लत बरकरार है। किसानों ने बताया कि नेपाल में एक बोरी यूरिया 500 से 600 रुपये में बेची जा रही है।
कई दिनों बाद आई खाद, फिर भी नहीं मिली
साधन सहकारी समिति सेमगढ़ा पर खाद लेने पहुंचे पंचम ने बताया कि कई दिनों बाद समिति पर खाद पहुंची थी। खाद पहुंचने की सूचना पर तत्काल आए, लेकिन सचिव ने अगले दिन आने के लिए कहा है। खेत में लगी फसल खराब होने का खतरा है।
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सुबह से लगाई लाइन, लेकिन हाथ खाली
किसान दद्दन शर्मा ने बताया कि खाद आने की सूचना पर सुबह ही समिति पर पहुंच गए और लाइन लगा ली। धक्कामुक्की व भीड़ के चलते खाद नहीं मिली। अब फिर से समिति के चक्कर काटने पड़ेंगे।
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निजी विक्रेता कर रहे ओवररेटिंग
किसान गोकरन ने बताया कि निजी विक्रेताओं के पास पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, लेकिन वे खाद की ओवररेटिंग कर रहे हैं। इसलिए मजबूरन समिति पर आना पड़ रहा है और यहां भी भीड़ के चलते खाद नहीं मिल रही।
गन्ने का रकबा बढ़ने से बढ़ी खपत : कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्रा ने बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा इस बार ज्यादा खाद आई है, लेकिन वीरपुर क्षेत्र में गन्ने का रकबा बढ़ा है। किसानों ने इस बार 5000 हेक्टेयर अधिक गन्ना बोया है और यूरिया की टॉप ड्रेसिंग कर रहे हैं। इसके चलते समितियों पर भीड़ उमड़ रही है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, जिले में प्रचुर मात्रा में खाद उपलब्ध है।