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Shravasti News: वन भूमि पर पौधरोपण की जगह हो रही खेती

Sat, 12 Apr 2025 02:20 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Sat, 12 Apr 2025 02:20 AM IST
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Farming is being done in place of plantation on forest land
ककरदरी द​क्षिणी ​स्थित वन भूमि पर हो रही खेती।
शांति स्वरूप पांडेय
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श्रावस्ती। ककरदरी दक्षिणी वन क्षेत्र की भूमि पर पौधरोपण न कराकर विगत 15 वर्ष से बंटाई पर खेती कराई जा रही है। विभाग के जिम्मेदारों की सांठगांठ से ऐसा हो रहा है, लेकिन इसके बाद भी वे अनजान बन रहे हैं। इससे विभाग की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है।
तराई में हरियाली लाने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। वहीं, वन विभाग भूमि का अभाव बताकर अन्य विभागों की भूमि में पौधरोपण करा रहा है। देखा जाए तो विभाग की तमाम भूमि ऐसी हैं जो खाली हैं, लेकिन उनमें पौधरोपण नहीं हो रहा। ऐसी ही एक भूमि ककरदरी दक्षिण वनक्षेत्र में भी स्थित है। करीब 150 बीघा भूमि पर विगत 15 वर्ष से वन विभाग पौधरोपण न कराकर जमुनहा क्षेत्र के लक्ष्मणपुर कोठी निवासी किसान से बटाई पर खेती करा रहा है। इससे होने वाली आय न तो विभाग के खाते में जमा हो रही है और न ही उसे ट्रेजरी में ही भेजा जा रहा है।
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ऐसे में सरकार व विभाग को प्रतिवर्ष लाखों रुपये की क्षति हो रही है, जबकि विभागीय लोग मालामाल हो रहे हैं। मौजूद समय में इस वन भूमि में गेहूं की फसल लगी है, जिसे किसान काट कर उठा रहे हैं। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि नदी किनारे स्थित इस भूमि में समय-समय पर पौधरोपण दिखा कर सरकारी धन का आहरण किया जा रहा है, जबकि मौके पर सिर्फ खेती हो रही है। इस बारे में एसडीओ वन वेद प्रकाश का कहना है कि अभी मैं फील्ड में हूं। आपसे जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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