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किसानों को पराली के बदले मिलेगी खाद

Thu, 21 Oct 2021 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 10:42 PM IST
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Farmers will get fertilizer instead of stubble
श्रावस्ती। खेतों में धान की पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई न करनी पड़े। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से नई पहल की गई है। किसान यदि धान की पराली को नजदीकी गोशाला में देंगे तो उन्हें इसके बदले में गोबर की खाद दी जाएगी।
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शासन द्वारा पराली जलाना पूर्णतया प्रतिबंध किया गया है। जिसकी सेटेलाइट से निगरानी कराई जा रही है। इसके बावजूद किसान बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में किसानों पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन उनसे जुर्माना भी वसूल रहा है। इसे देखते हुए अब जिला प्रशासन की ओर से एक नई पहल की गई है। जिसे ‘पराली दो खाद लो’ का नाम दिया गया है। यह जानकारी देते हुए मुख्य विकास अधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया है कि जिलाधिकारी टीके शिबु के निर्देश पर जिले में पराली दो और खाद लो योजना शुरू की गई है।
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उन्होंने बताया कि फसल अवशेष व पराली को किसानों द्वारा जलाने से रोकने एवं उसके सदुपयोग के लिए जिले में संचालित गोआश्रय स्थलों पर संरक्षित गोवंश के गोबर से बनी खाद से फसल अवशेष/पराली को बदला जाएगा। इससे संबंधित सभी अभिलेख ग्राम स्तरीय समिति द्वारा अपडेट रखा जाएगा। जिससे आवश्यकतानुसार ऑडिट के लिए समय-समय पर उपलब्ध कराया जा सके। सीडीओ ने निर्देश दिया है कि फसल अवशेष पराली से गोबर की खाद की इस योजना को तत्काल प्रभाव से लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस योजना के क्रियान्वयन में आवश्यक कार्रवाई करें। ताकि इसका लाभ किसानों को मिल सके।
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