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सहकारी समितियों पर खाद की कमी से भटक रहे किसान
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गिलौला (श्रावस्ती)। गेहूं की सिंचाई कर चुके किसान अब यूरिया के लिए भटक रहे हैं। सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत देख दुकानदार किसानों से मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। इसका कारण दुकानदार आपूर्ति कम होना बता रहे हैं। जिससे किसानों को न चाहते हुए भी महंगे दामों में यूरिया खरीदने को विवश होना पड़ रहा है।
सहकारी समितियों पर यूरिया ऊंट के मुंह का जीरा बनी हुई है। यहां यूरिया आने की जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में किसान समितियों पर पहुंच रहे हैं। जिन्हें घंटों इंतजार के बाद बड़ी मुश्किल से दो बोरी यूरिया ही मुहैया कराई जा रही है। यूरिया की दूसरी खेप आने पर पुन: आने की बात कह किसानों को अतिरिक्त यूरिया देने से इंकार कर दिया जाता है। ऐसे में खेतों में लगी गेहूं की फसल की सिंचाई कर चुके किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वहीं दुकानदार आपूर्ति कम होने की बात कह किसानों को प्रति बोरी 370 से 400 रुपये में यूरिया खुलेआम बेचे रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि खाद डीलरों के यहां उन्हें यूरिया महंगे दामों पर मिलती है। ऐसे में फुटकर में यूरिया को मंहगे दामों में बेचना मजबूरी है। देखा जाए तो गिलौला बाजार मे खाद की एजेंसी है। जहां से पूरे मंडल में खाद की सप्लाई की जाती है। यहां के सप्लायर राजू रस्तोगी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खाद की शॉर्टेज होने के कारण खाद मिलना थोड़ा असहज हो गया है। जबकि महंगे दामों पर खाद की बिक्री कर रहे दुकानदार एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के आदी हो गए हैं।
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गिलौला के साधन सहकारी समिति पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ देखी गई। यहां तैनात सचिव जगराखंन तिवारी ने बताया कि अक्तूबर से लेकर अब तक समिति पर 2920 बोरी यूरिया वितरित की जा चुकी है। मंगलवार को 300 बोरी यूरिया आई थी जिसमें बुधवार को 155 बोरी यूरिया का वितरण किया गया। शेष 145 बोरी स्टाक में है जो मशीन डिस्चार्ज होने के कारण नहीं बांटी जा सकी। सचिव के अनुसार समितियों पर यूरिया की कोई किल्लत नहीं है।
वहीं गिलौला से सटे बहराइच जिले के मिर्चिहा, मलावां, रायडीह, वीरपुर, पकड़ी कला, गोंमदापुर, थवई, डेरवा, हरबंसपुर्र, डुहुरु, कमोलिया, सिटकहना व धरसवां आदि गांव के किसानों को गिलौला की समितियों से यूरिया नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां खाद विक्रेताओं द्वारा इनके जेबों पर डाका डाला जा रहा है। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव का कहना है कि जिले में यूरिया की किल्लत नहीं है। यदि कोई महंगे दामों पर बेंचता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सहकारी समितियों पर यूरिया ऊंट के मुंह का जीरा बनी हुई है। यहां यूरिया आने की जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में किसान समितियों पर पहुंच रहे हैं। जिन्हें घंटों इंतजार के बाद बड़ी मुश्किल से दो बोरी यूरिया ही मुहैया कराई जा रही है। यूरिया की दूसरी खेप आने पर पुन: आने की बात कह किसानों को अतिरिक्त यूरिया देने से इंकार कर दिया जाता है। ऐसे में खेतों में लगी गेहूं की फसल की सिंचाई कर चुके किसानों को निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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वहीं दुकानदार आपूर्ति कम होने की बात कह किसानों को प्रति बोरी 370 से 400 रुपये में यूरिया खुलेआम बेचे रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि खाद डीलरों के यहां उन्हें यूरिया महंगे दामों पर मिलती है। ऐसे में फुटकर में यूरिया को मंहगे दामों में बेचना मजबूरी है। देखा जाए तो गिलौला बाजार मे खाद की एजेंसी है। जहां से पूरे मंडल में खाद की सप्लाई की जाती है। यहां के सप्लायर राजू रस्तोगी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खाद की शॉर्टेज होने के कारण खाद मिलना थोड़ा असहज हो गया है। जबकि महंगे दामों पर खाद की बिक्री कर रहे दुकानदार एक-दूसरे पर दोषारोपण करने के आदी हो गए हैं।
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गिलौला के साधन सहकारी समिति पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ देखी गई। यहां तैनात सचिव जगराखंन तिवारी ने बताया कि अक्तूबर से लेकर अब तक समिति पर 2920 बोरी यूरिया वितरित की जा चुकी है। मंगलवार को 300 बोरी यूरिया आई थी जिसमें बुधवार को 155 बोरी यूरिया का वितरण किया गया। शेष 145 बोरी स्टाक में है जो मशीन डिस्चार्ज होने के कारण नहीं बांटी जा सकी। सचिव के अनुसार समितियों पर यूरिया की कोई किल्लत नहीं है।
वहीं गिलौला से सटे बहराइच जिले के मिर्चिहा, मलावां, रायडीह, वीरपुर, पकड़ी कला, गोंमदापुर, थवई, डेरवा, हरबंसपुर्र, डुहुरु, कमोलिया, सिटकहना व धरसवां आदि गांव के किसानों को गिलौला की समितियों से यूरिया नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें बाजार का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां खाद विक्रेताओं द्वारा इनके जेबों पर डाका डाला जा रहा है। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी अवधेश कुमार यादव का कहना है कि जिले में यूरिया की किल्लत नहीं है। यदि कोई महंगे दामों पर बेंचता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।