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बंदरों के चलते सब्जियों की खेती से दूर होने लगे किसान

Sun, 14 Mar 2021 10:49 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Mar 2021 10:49 PM IST
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Farmers started getting away from vegetable cultivation due to monkeys
श्रावस्ती। भिनगा जंगल से सटे गांवों में बंदरों का आतंक व्याप्त है। बंदरों के भय से आसपास के किसानों ने सब्जी की खेती से मुंह मोड़ लिया है। जरा सी चूक होने पर लोग इनके गुस्से का शिकार बन रहे हैं। जानकारी के बावजूद वन विभाग के अधिकारियों की खामोशी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही है। भिनगा नगर के आसपास बसे गांवों में सब्जी की अच्छी खेती होती थी। यहां से किसान अपनी उपज भिनगा व इकौना की मंडी सहित बहराइच, तुलसीपुर व बलरामपुर की मंडी में भी भेजते थे।
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नगर से सटे रमना, मंगलभट्ठा, कुन्नपुर, नौसहरा, कहारनपुरवा, मटखनवा, लोनियनपुरवा, टड़वा, बनकटवा, बगुरइयां, बालू पुरवा, सिसवा, वर्गीवर्गा, चहलवा, मदरहवा, खरगौरा, पूरे खैरी सहित कई अन्य गांवों में किसान सब्जी की खेती करते रहे हैं। लेकिन बंदरों के प्रकोप के चलते सब्जी की खेती से किसान अब मुंह मोड़ रहे हैं। गांवों के साथ ही मुख्यालय के कलक्ट्रेट कालोनी, विकास भवन, पुलिस लाइन सहित आसपास बने सरकारी कार्यालयों व आवासों में भी बंदरों का आतंक चरम पर है।
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आये दिन बंदर न सिर्फ घर में घुस कर बना भोजन चट कर जाते हैं, बल्कि विरोध करने पर लोगों को इनके कोप का भाजन बनना पड़ता है। इसकी कई बार शिकायत भी ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन सहित वन विभाग के उच्च अधिकारियों से की जा चुकी है। प्रभागीय वनाधिकारी एपी व बताते हैं कि गांवों में रहने वाले यह बंदर जंगल के नहीं है। यदि इनमें से कोई बंदर लोगों को काटता है तो उसे चिन्हित कराया जाएगा। शेष बंदर ग्रामीण क्षेत्रों के हैं, जिनसे विभाग का कोई लेना देना नहीं है।
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