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प्रशासक व अध्यक्ष के बीच फंसे कर्मचारी

Sun, 09 Aug 2020 09:00 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2020 09:00 PM IST
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Employee stuck between administrator and chairman
श्रावस्ती। नगर पालिका के नियमित व संविदा कर्मचारी प्रशासक व अध्यक्ष के बीच फंस गए हैं। जेल जाने के कारण निलंबित अध्यक्ष को अभी तक चार्ज नहीं दिया गया। वहीं उनके स्थान पर बनाए गए प्रशासक एसडीएम भिनगा नगर पालिका के कामों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसका खामियाजा कर्मचारी उठा रहे हैं। उन्हें इसके कारण वेतन व मानदेय नहीं मिल पा रहा है। इस पर संविदा कर्मचारी प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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नगर पालिका भिनगा चेयरमैन कुछ दिन पूर्व धोखाधड़ी के एक मामले में जेल गए थे। जेल जाने के बाद उनके अधिकारों को निलंबित करते हुए डीएम ने शासन के निर्देश पर एसडीएम भिनगा को प्रशासक नियुक्त कर दिया था। इस दौरान एसडीएम ने कई महीने तक प्रशासक के रूप में काम भी किया। विगत माह जेल से वापस आने के बाद चेयरमैन ने चार्ज न मिलने के कारण हाईकोर्ट की शरण ली थी।
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इसमें हाईकोर्ट ने डीएम के उस आदेश को निरस्त कर दिया था, जिसमें एसडीएम भिनगा को प्रशासक बनाया गया था। वहीं हाईकोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि अध्यक्ष को चार्ज दिया जाए अन्यथा नहीं। इसी कारण अध्यक्ष को चार्ज देने वाली पत्रावली एक पटल से दूसरे पटल टहलती रही। वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद एसडीएम ने प्रशासक के तौर पर कार्य करना बंद कर दिया।
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यह बात और है कि उन्हें न तो अभी तक डीएम ने और न ही शासन की ओर से प्रशासक पद से हटाने का कोई आदेश जारी हुआ है। ऐसे में मौजूदा समय में प्रशासक की शिथिलता व अध्यक्ष को चार्ज न मिलने का खामियाजा संविदा कर्मचारियों के साथ नियमित कर्मचारी भी भुगत रहे हैं। कर्मचारियों को इस दौरान का वेतन व मानदेय अभी तक नहीं मिल पाया है। जिसके चलते सफाई कर्मियों ने नगर पालिका के सामने प्रदर्शन भी किया था।

अनियमितता वाली फाइल बन रही बाधक
नगर पालिका में कुछ माह पूर्व तात्कालिक डीएम ने एक संयुक्त टीम गठित कर विकास, स्वच्छता व निर्माण से संबंधित कार्यों की जांच कराई थी। इस मामले में कमेटी ने लगभग पौने दो करोड़ रुपये की अनियमितता पकड़ी थी। इस अनियमितता की रिपोर्ट तात्कालिक डीएम ने शासन को भेजी थी। शासन ने इस पत्रावली पर डीएम को फिर से जांच का आदेश दिया था। जिसकी जांच पूरी हो गई है। इस जांच में भी पुराने आरोपों की पुष्टि होना बताया जा रहा है। इसके साथ ही कई अन्य तथ्य भी हैं।
प्रशासक व अध्यक्ष प्रकरण में प्रशासन विधिक पहलुओं को देख रहा है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट होगी। उसी के अनुसार काम किया जाएगा। - योगानंद पांडे एडीएम
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