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आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होकर आगे बढ़ेंगी बेटियां
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महामाया राजकीय महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मौजूद अतिथि व छात्र छात्राएं।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। महामाया डिग्री कॉलेज इकौना में अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल्स के तहत बुधवार को संवाद कार्यक्रम हुआ। जिसमें मौजूद अधिकारियों ने छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके बताए। इस दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ आत्मरक्षा का भी प्रशिक्षण लेने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आपात सेवा के लिए यूपी 100 व 1090 पर कॉल कर सहायता लेने की सलाह दी गई। इसके पीछे मंशा है कि बेटियां शिक्षित, स्वावलंबी, जागरूक व आत्मनिर्भर बनें। विद्यालय के शिक्षकों के साथ ही पुलिस व तहसील के अधिकारियों का मानना है कि शिक्षित होकर बेटियां अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ ही आत्मनिर्भर बनकर अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य धर्मेंद्र गुप्ता ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में तहसीलदार इकौना शिवध्यान पांडे व विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभारी निरीक्षक इकौना मनोज पांडे मौजूद रहे।
बेहतर भविष्य के लिए बनाएं योजनाएं
छात्राओं के लिए सरकार के पास कई योजनाएं हैं। इसमें सुरक्षा के साथ ही आत्मनिर्भर बनने के लिए कई प्रकार के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। इसका उपयोग छात्राएं अपने बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं बना सकती हैं। इसके साथ ही विद्यालय में शिक्षा के साथ ही खेलकूद प्रतियोगिता में भी भाग लें। जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही स्वस्थ व निरोगी बन सकें।
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-शिवध्यान पांडे, तहसीलदार इकौना
खेलकूद के साथ आत्मरक्षा का गुर भी सीखें
बालिकाओं को विद्यालय आते-जाते समय कोई रोके टोके न इसके लिए एंटी रोमियो टीम गठित की गई है। साथ ही उनकी मदद के लिए स्थानीय पुलिस के साथ ही 100, 1090 आदि नंबर भी है। इस पर कॉल कर आप सभी प्रकार की आपात सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही आप सभी पढ़ाई व खेलकूद के साथ ही आत्मरक्षा का गुर भी सीखें।
-मनोज पांडे, प्रभारी निरीक्षक इकौना
ताकि सुरक्षित रहें छात्र-छात्राएं
शिक्षा के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य होना भी आवश्यक है। जिसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। समय-समय पर अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा के तरीकों सहित अन्य सुविधाओं के बारे में प्रशिक्षित कराया जा रहा है। ताकि समय पड़ने पर इसका उपयोग कर छात्र-छात्राएं सुरक्षित रहें।
-धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य
यातायात नियमों को भी दें प्रशिक्षण
संसार में ऐसा कोई काम नहीं है। जो सिर्फ बेटे ही कर सकते हैं, बेटियां नहीं। ऐसा मानने वालों को अब अपनी सोच बदलनी होगी। विद्यालय में शिक्षा संस्कार के साथ ही आत्मरक्षा व यातायात नियमों का भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जिससे बेटियां स्वयं सुरक्षित रहकर सभी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दमखम दिखा सकें।
-अनिल दीक्षित, उप निरीक्षक
बालिकाओं के जीवन लाएगा बदलाव
बालिकाओं के लिए जितना आवश्यक शिक्षा है। उतना ही आवश्यक है कि वह स्वस्थ व आत्मनिर्भर बन सकें। यह तभी संभव है जब उन्हें शिक्षा के साथ ही स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास तथा स्वयं की सुरक्षा के तरीकों का प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस दिशा में अमर उजाला की यह पहल निश्चित ही बालिकाओं के जीवन में बदलाव लाएगा।
-प्रो. आशुतोष मिश्रा
शिक्षा के लिए आवश्यक है कि मन व मस्तिष्क स्वस्थ रहे। किसी प्रकार का दिल व दिमाग में भय न हो। विद्यालय में शिक्षा मिलने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कहीं न कहीं मन में भय बना रहता है। टोल फ्री नंबरों की जानकारी के बाद निश्चित ही हमारा आत्मबल बढ़ेगा।
-रिप्सी
नारी अबला नहीं सबला है। लेकिन यह उन पर लागू होता है जो शिक्षित और युद्ध कौशल में अच्छी तरह से प्रशिक्षित हों। बालिकाओं को अमर उजाला ने आत्मरक्षा के लिए जो प्रशिक्षण दिलाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया है। इसका निश्चित ही फायदा मिलेगा।
-खुशबू
विद्यालयों में मिल रही शिक्षा व सुरक्षा सहित अन्य जानकारी का हमें अपने जीवन में आत्मसात करना होगा। इसके लिए दूसरों को भी जागरूक करना होगा। इससे न सिर्फ हम अपनी सुरक्षा कर सकेंगे। बल्कि दूसरों की सुरक्षा करने के साथ ही स्वस्थ बनाने में सहयोग कर सकेंगे।
-सुनीता
विद्यालय में आज मिले टोल फ्री नंबर का पूरा लाभ मिले। इसके लिए हम सभी छात्रों को पाठ्यक्रम की भांति इसे याद रखना होगा। यदि कहीं कोई मार्ग दुर्घटना होती है अथवा किसी के साथ कोई घटना घटती है तो टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर उसकी मदद भी करना होगा।
-गीता यादव
बेटियों को ज्ञान के लिए मां सरस्वती व शक्ति के लिए काली की आराधना करना चाहिए। ताकि समय पड़ने पर वह अपने ज्ञान के बल पर मुश्किलों से निपट सकें। जरूरत पड़े तो वह अपने बल पर दूसरे को शिकस्त भी दे सकें। इसलिए शिक्षा के साथ जानकारी भी जरूरी है।
-शिवानी रानी
तराई में बेटियों के सामने सिर्फ मनचलों का ही नहीं हिंसक जीवों का भी खतरा रहता है। ऐसे में हम जागरूक हो अपनी सूझबूझ से खतरे का डटकर सामना कर सकेंगे। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर आवश्यकता पड़ी तो अपनी शक्ति के बल पर अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगे।
-सरिता
शिक्षा के लिए आवश्यक है कि मन व मस्तिष्क स्वस्थ रहे। किसी प्रकार का दिल व दिमाग में भय न हो। विद्यालय में शिक्षा मिलने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कहीं न कहीं मन में भय बना रहता है। सेल्फ डिफेंस व यातायात नियम की जानकारी से हमारा आत्मबल बढ़ेगा।
-प्रीती मौर्या
सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा के प्रति गंभीर है। इसका परिणाम है कि सभी सरकारी विद्यालयों में बेटियों को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने के साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में सभी माता पिता अपनी बेटियों को विद्यालय जरूरी भेजे।
-रागिनी सिंह
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कार्यक्रम के दौरान आपात सेवा के लिए यूपी 100 व 1090 पर कॉल कर सहायता लेने की सलाह दी गई। इसके पीछे मंशा है कि बेटियां शिक्षित, स्वावलंबी, जागरूक व आत्मनिर्भर बनें। विद्यालय के शिक्षकों के साथ ही पुलिस व तहसील के अधिकारियों का मानना है कि शिक्षित होकर बेटियां अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ ही आत्मनिर्भर बनकर अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य धर्मेंद्र गुप्ता ने किया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में तहसीलदार इकौना शिवध्यान पांडे व विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रभारी निरीक्षक इकौना मनोज पांडे मौजूद रहे।
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बेहतर भविष्य के लिए बनाएं योजनाएं
छात्राओं के लिए सरकार के पास कई योजनाएं हैं। इसमें सुरक्षा के साथ ही आत्मनिर्भर बनने के लिए कई प्रकार के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। इसका उपयोग छात्राएं अपने बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं बना सकती हैं। इसके साथ ही विद्यालय में शिक्षा के साथ ही खेलकूद प्रतियोगिता में भी भाग लें। जिससे वह शिक्षित होने के साथ ही स्वस्थ व निरोगी बन सकें।
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-शिवध्यान पांडे, तहसीलदार इकौना
खेलकूद के साथ आत्मरक्षा का गुर भी सीखें
बालिकाओं को विद्यालय आते-जाते समय कोई रोके टोके न इसके लिए एंटी रोमियो टीम गठित की गई है। साथ ही उनकी मदद के लिए स्थानीय पुलिस के साथ ही 100, 1090 आदि नंबर भी है। इस पर कॉल कर आप सभी प्रकार की आपात सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही आप सभी पढ़ाई व खेलकूद के साथ ही आत्मरक्षा का गुर भी सीखें।
-मनोज पांडे, प्रभारी निरीक्षक इकौना
ताकि सुरक्षित रहें छात्र-छात्राएं
शिक्षा के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य होना भी आवश्यक है। जिसके लिए विद्यालय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। समय-समय पर अमर उजाला द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को आत्मरक्षा के तरीकों सहित अन्य सुविधाओं के बारे में प्रशिक्षित कराया जा रहा है। ताकि समय पड़ने पर इसका उपयोग कर छात्र-छात्राएं सुरक्षित रहें।
-धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य
यातायात नियमों को भी दें प्रशिक्षण
संसार में ऐसा कोई काम नहीं है। जो सिर्फ बेटे ही कर सकते हैं, बेटियां नहीं। ऐसा मानने वालों को अब अपनी सोच बदलनी होगी। विद्यालय में शिक्षा संस्कार के साथ ही आत्मरक्षा व यातायात नियमों का भी प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। जिससे बेटियां स्वयं सुरक्षित रहकर सभी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और दमखम दिखा सकें।
-अनिल दीक्षित, उप निरीक्षक
बालिकाओं के जीवन लाएगा बदलाव
बालिकाओं के लिए जितना आवश्यक शिक्षा है। उतना ही आवश्यक है कि वह स्वस्थ व आत्मनिर्भर बन सकें। यह तभी संभव है जब उन्हें शिक्षा के साथ ही स्वस्थ रहने के लिए योगाभ्यास तथा स्वयं की सुरक्षा के तरीकों का प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस दिशा में अमर उजाला की यह पहल निश्चित ही बालिकाओं के जीवन में बदलाव लाएगा।
-प्रो. आशुतोष मिश्रा
शिक्षा के लिए आवश्यक है कि मन व मस्तिष्क स्वस्थ रहे। किसी प्रकार का दिल व दिमाग में भय न हो। विद्यालय में शिक्षा मिलने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कहीं न कहीं मन में भय बना रहता है। टोल फ्री नंबरों की जानकारी के बाद निश्चित ही हमारा आत्मबल बढ़ेगा।
-रिप्सी
नारी अबला नहीं सबला है। लेकिन यह उन पर लागू होता है जो शिक्षित और युद्ध कौशल में अच्छी तरह से प्रशिक्षित हों। बालिकाओं को अमर उजाला ने आत्मरक्षा के लिए जो प्रशिक्षण दिलाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया है। इसका निश्चित ही फायदा मिलेगा।
-खुशबू
विद्यालयों में मिल रही शिक्षा व सुरक्षा सहित अन्य जानकारी का हमें अपने जीवन में आत्मसात करना होगा। इसके लिए दूसरों को भी जागरूक करना होगा। इससे न सिर्फ हम अपनी सुरक्षा कर सकेंगे। बल्कि दूसरों की सुरक्षा करने के साथ ही स्वस्थ बनाने में सहयोग कर सकेंगे।
-सुनीता
विद्यालय में आज मिले टोल फ्री नंबर का पूरा लाभ मिले। इसके लिए हम सभी छात्रों को पाठ्यक्रम की भांति इसे याद रखना होगा। यदि कहीं कोई मार्ग दुर्घटना होती है अथवा किसी के साथ कोई घटना घटती है तो टोल फ्री नंबर पर सूचना देकर उसकी मदद भी करना होगा।
-गीता यादव
बेटियों को ज्ञान के लिए मां सरस्वती व शक्ति के लिए काली की आराधना करना चाहिए। ताकि समय पड़ने पर वह अपने ज्ञान के बल पर मुश्किलों से निपट सकें। जरूरत पड़े तो वह अपने बल पर दूसरे को शिकस्त भी दे सकें। इसलिए शिक्षा के साथ जानकारी भी जरूरी है।
-शिवानी रानी
तराई में बेटियों के सामने सिर्फ मनचलों का ही नहीं हिंसक जीवों का भी खतरा रहता है। ऐसे में हम जागरूक हो अपनी सूझबूझ से खतरे का डटकर सामना कर सकेंगे। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर आवश्यकता पड़ी तो अपनी शक्ति के बल पर अपनी सुरक्षा भी कर सकेंगे।
-सरिता
शिक्षा के लिए आवश्यक है कि मन व मस्तिष्क स्वस्थ रहे। किसी प्रकार का दिल व दिमाग में भय न हो। विद्यालय में शिक्षा मिलने के बाद भी सुरक्षा को लेकर कहीं न कहीं मन में भय बना रहता है। सेल्फ डिफेंस व यातायात नियम की जानकारी से हमारा आत्मबल बढ़ेगा।
-प्रीती मौर्या
सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा के प्रति गंभीर है। इसका परिणाम है कि सभी सरकारी विद्यालयों में बेटियों को नि:शुल्क शिक्षा दिलाने के साथ ही उनके बेहतर स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में सभी माता पिता अपनी बेटियों को विद्यालय जरूरी भेजे।
-रागिनी सिंह