{"_id":"602ff4118ebc3e1dcd5a9769","slug":"claimants-are-not-able-to-ring-due-to-closed-nepal-border-srawasti-news-lko5656891120","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद नेपाल सीमा के कारण नहीं बज पा रहीं शहनाइयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद नेपाल सीमा के कारण नहीं बज पा रहीं शहनाइयां
विज्ञापन
रमेश कुमार अमलानी संयोजक भारत नेपाल संबंध।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। भारत नेपाल की सीमा सीज होने का असर दोनों देशों में वैवाहिक संबंधों पर पड़ रहा है। सीमा खुलने की अनिश्चितता के कारण लोग विवाह की तिथियां निर्धारित नहीं कर पा रहे हैं। पूर्व में जहां विवाह की तिथियां तय भी की गईं थीं उन्हें टालने को लोगों को मजबूर होना पड़ रहा है। यह पहला अवसर है जब दोनों देशों के बीच तल्खी का असर वैवाहिक संबंधों पर नजर आ रहा है।
नेपाल में करीब दो करोड़ से अधिक की आबादी भारतीय मूल के लोगों की है। जिन्हें वहां के स्थानीय भाषा में मधेशी कहा जाता है। मधेशी वर्ग का संबंध भारत से हमेशा रोटी बेटी का रहा है। भारत की लड़की नेपाल के लड़कों से तो नेपाल की लड़की का विवाह भारतीय लड़कों से होता रहा है। यही कारण रहा है कि सहालग के समय सीमा पर आम यात्रियों से ज्यादा बरातियों का आवागमन हमेशा से रहा है। इन्हीं संबंधों को देखते हुए पहले नेपाल सरकार भी बरातियों से भंसार (नेपाल में प्रवेश का कर) नहीं लेती थी। वहीं भारत में आने वाले लोगों को भी विशेष सुविधाएं मिलती थीं।
मार्च 2020 में कोविड व दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी के बाद नेपाल सीमा सील कर दी गई। इसका सबसे ज्यादा असर दोनों देशों के वैवाहिक संबंधों पर पड़ा। सीमा सीज होने से पहले दोनों देशों में तय वैवाहिक संबंध को टालना पड़ा। अभी भी सीमा न खुलने के कारण आगामी 14 अप्रैल के बाद भी प्रारंभ होने वाले वैवाहिक मुहुर्त में भी लोग विवाह की तिथियां तय न करके उसे टालने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे सीमा खुलने के बाद धूमधाम से बरात ले जाकर शादी समारोह का आयोजन किया जाए।
विज्ञापन
पुरोहित बोले, सीमा खुले तो शुरू हो सहालग
भिनगा, सिरसिया व जमुनहा के साठ फीसदी लोगों का वैवाहिक संबंध नेपाल से है। प्रति वर्ष मेरे द्वारा ही 150 से 200 विवाह कराया जाता रहा है। लेकिन मार्च 2020 के बाद सीमा सीज होने के कारण दोनों देशों के बीच वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हो पाए। जबकि यहां के कई लड़के लड़कियों का गोद भराई व वरीक्षा का कार्यक्रम काफी दिनों पहले हो चुका है। उम्मीद है कि भारत नेपाल सीमा खुलते ही दोनों देशों के बीच परंपरा के रूप में चले आ रहे वैवाहिक संबंध पुन: स्थापित होंगे। -राधेश्याम पांडे पुरोहित
नेपाल के बांके जिले से मेरी जानकारी में 80 से 90 परिवार ऐसे हैं जिनका रिश्ता श्रावस्ती जिले में विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जुड़ा है। लेकिन बॉर्डर सीज होने के कारण विवाह की तिथियां निर्धारित कराने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बॉर्डर खुलेगा जिसके बाद ही दोनों देशों के लोग वैवाहिक तिथियां निर्धारित कराएंगे। -आचार्य पवन कुमार शर्मा नेपालगंज
सभी को बॉर्डर खुलने का इंतजार
दोनों देशों के बीच इस समय वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण है कि सीमा सीज होने के कारण बाराती आ जा नहीं पा रहे हैं। इस तरह की तमाम समस्याएं लेकर लोग मेरे पास आ रहे हैं। लेकिन मैं भी बॉर्डर खुलने का इंतजार कर रहा हूं। - रमेश कुमार अमलानी संयोजक भारत नेपाल संबंध
भारत नेपाल के रिश्ते पुराने हैं। लेकिन मौजूदा हालात दोनों देशों के वैवाहिक संबंधों के आड़े आ रहा है। इससे दोनों देशों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले सहालग में चारों तरफ शहनाई बजती थी। वहीं अब सन्नाटा पसरा है। -संजय थापा नेपालगंज लायंस क्लब सदस्य ं
विज्ञापन
नेपाल में करीब दो करोड़ से अधिक की आबादी भारतीय मूल के लोगों की है। जिन्हें वहां के स्थानीय भाषा में मधेशी कहा जाता है। मधेशी वर्ग का संबंध भारत से हमेशा रोटी बेटी का रहा है। भारत की लड़की नेपाल के लड़कों से तो नेपाल की लड़की का विवाह भारतीय लड़कों से होता रहा है। यही कारण रहा है कि सहालग के समय सीमा पर आम यात्रियों से ज्यादा बरातियों का आवागमन हमेशा से रहा है। इन्हीं संबंधों को देखते हुए पहले नेपाल सरकार भी बरातियों से भंसार (नेपाल में प्रवेश का कर) नहीं लेती थी। वहीं भारत में आने वाले लोगों को भी विशेष सुविधाएं मिलती थीं।
विज्ञापन
मार्च 2020 में कोविड व दोनों देशों के संबंधों में आई तल्खी के बाद नेपाल सीमा सील कर दी गई। इसका सबसे ज्यादा असर दोनों देशों के वैवाहिक संबंधों पर पड़ा। सीमा सीज होने से पहले दोनों देशों में तय वैवाहिक संबंध को टालना पड़ा। अभी भी सीमा न खुलने के कारण आगामी 14 अप्रैल के बाद भी प्रारंभ होने वाले वैवाहिक मुहुर्त में भी लोग विवाह की तिथियां तय न करके उसे टालने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे सीमा खुलने के बाद धूमधाम से बरात ले जाकर शादी समारोह का आयोजन किया जाए।
विज्ञापन
पुरोहित बोले, सीमा खुले तो शुरू हो सहालग
भिनगा, सिरसिया व जमुनहा के साठ फीसदी लोगों का वैवाहिक संबंध नेपाल से है। प्रति वर्ष मेरे द्वारा ही 150 से 200 विवाह कराया जाता रहा है। लेकिन मार्च 2020 के बाद सीमा सीज होने के कारण दोनों देशों के बीच वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हो पाए। जबकि यहां के कई लड़के लड़कियों का गोद भराई व वरीक्षा का कार्यक्रम काफी दिनों पहले हो चुका है। उम्मीद है कि भारत नेपाल सीमा खुलते ही दोनों देशों के बीच परंपरा के रूप में चले आ रहे वैवाहिक संबंध पुन: स्थापित होंगे। -राधेश्याम पांडे पुरोहित
नेपाल के बांके जिले से मेरी जानकारी में 80 से 90 परिवार ऐसे हैं जिनका रिश्ता श्रावस्ती जिले में विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जुड़ा है। लेकिन बॉर्डर सीज होने के कारण विवाह की तिथियां निर्धारित कराने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बॉर्डर खुलेगा जिसके बाद ही दोनों देशों के लोग वैवाहिक तिथियां निर्धारित कराएंगे। -आचार्य पवन कुमार शर्मा नेपालगंज
सभी को बॉर्डर खुलने का इंतजार
दोनों देशों के बीच इस समय वैवाहिक कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं। इसका कारण है कि सीमा सीज होने के कारण बाराती आ जा नहीं पा रहे हैं। इस तरह की तमाम समस्याएं लेकर लोग मेरे पास आ रहे हैं। लेकिन मैं भी बॉर्डर खुलने का इंतजार कर रहा हूं। - रमेश कुमार अमलानी संयोजक भारत नेपाल संबंध
भारत नेपाल के रिश्ते पुराने हैं। लेकिन मौजूदा हालात दोनों देशों के वैवाहिक संबंधों के आड़े आ रहा है। इससे दोनों देशों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जहां पहले सहालग में चारों तरफ शहनाई बजती थी। वहीं अब सन्नाटा पसरा है। -संजय थापा नेपालगंज लायंस क्लब सदस्य ं