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अस्पताल में जमीन पर लेटी दिखीं प्रसव पीड़िताएं
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मल्हीपुर सीएचसी में जमीन में लेटी गर्भधात्री।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। जहां गंदगी तो है ही, आवारा कुत्ते भी डेरा जमाए रहते हैं। वहीं पैसे के लालच में लोग अस्पताल के अंदर ही चाय-नाश्ते की दुकान भी चला रहे हैं। ऐसे में यहां बेहतर इलाज व सुविधा के लिए आने वाले लोगों को असुविधा ज्यादा मिल रही है।
यहां तीमारदारों सहित प्रसव पीड़िताओं को भी जमीन पर लेटना पड़ रहा है जिनके आसपास आवारा कुत्ते भी मंडराते रहते हैं। वार्ड में जगह न मिल पाने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए जमीन पर लेट कर इंतजार करते देखा जा सकता है। ऐसा ही कुछ शनिवार रात संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में देखने को मिला।
सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने कहा कि हो सकता है कि अस्पताल में बेड खाली न रहा हो तथा प्रसव का समय पूरा न हुआ हो, इसलिए प्रसव पीड़िता को इंतजार करने के लिए कहा गया हो। आपसे कमियों की जानकारी हुई है। इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसका प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही जो भी जिम्मेदार होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में मरीजों के साथ आए तीमारदार बरामदे में चादर बिछाकर जमीन पर लेटे दिखे। पास में ही एक व्यक्ति सिलेंडर रख चाय, ब्रेड व बिस्किट बेच रहा था। कुछ तीमारदार खाली जगह न मिलने के कारण मोटर साइकिल व बेंच के ऊपर रात काट रहे थे। आसपास आवारा कुत्ते घूम रहे थे। न तो यहां कोई सुरक्षा कर्मी देखने को मिला और न ही पुलिस कर्मी ही दिखाई पड़े। मरीज व तीमारदारों की सुरक्षा भगवान भरोसे दिखी।
सीएचसी मल्हीपुर
अस्पताल के सभी 12 बेड पर मरीज थे। 14 महिलाओं का प्रसव हो चुका था जबकि चार प्रसव पीड़िताएं जमीन पर लेटी हुई थीं। उनके साथ परिवार की अन्य महिलाएं भी फर्श पर लेटी दिखीं। रात करीब 11 बजे डंडेकुइया निवासिनी एक प्रसव पीड़िता एंबुलेंस से पहुंची जिसे स्ट्रेचर नसीब नहीं हुआ। बेड न होने के कारण उसे फर्श पर लेटना पड़ा। जोगिया की आशा शांति ने बताया कि वह दो महिलाओं को लाई थी। इनमें से एक घर से भोजन लाई थी जबकि दूसरी भूखी ही लेटी रही। रामपुर बंदरा निवासिनी सुमन सिंह पत्नी उमेश सिंह को प्रसव हुआ था जिसे भोजन नहीं मिला। तीमारदारों के पास आवारा कुत्ते मंडराते मिले।
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यहां तीमारदारों सहित प्रसव पीड़िताओं को भी जमीन पर लेटना पड़ रहा है जिनके आसपास आवारा कुत्ते भी मंडराते रहते हैं। वार्ड में जगह न मिल पाने के कारण मरीजों को अपनी बारी के लिए जमीन पर लेट कर इंतजार करते देखा जा सकता है। ऐसा ही कुछ शनिवार रात संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में देखने को मिला।
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सीएमओ डॉ. बीके सिंह ने कहा कि हो सकता है कि अस्पताल में बेड खाली न रहा हो तथा प्रसव का समय पूरा न हुआ हो, इसलिए प्रसव पीड़िता को इंतजार करने के लिए कहा गया हो। आपसे कमियों की जानकारी हुई है। इसकी पुनरावृत्ति न हो, इसका प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही जो भी जिम्मेदार होंगे उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय
संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में मरीजों के साथ आए तीमारदार बरामदे में चादर बिछाकर जमीन पर लेटे दिखे। पास में ही एक व्यक्ति सिलेंडर रख चाय, ब्रेड व बिस्किट बेच रहा था। कुछ तीमारदार खाली जगह न मिलने के कारण मोटर साइकिल व बेंच के ऊपर रात काट रहे थे। आसपास आवारा कुत्ते घूम रहे थे। न तो यहां कोई सुरक्षा कर्मी देखने को मिला और न ही पुलिस कर्मी ही दिखाई पड़े। मरीज व तीमारदारों की सुरक्षा भगवान भरोसे दिखी।
सीएचसी मल्हीपुर
अस्पताल के सभी 12 बेड पर मरीज थे। 14 महिलाओं का प्रसव हो चुका था जबकि चार प्रसव पीड़िताएं जमीन पर लेटी हुई थीं। उनके साथ परिवार की अन्य महिलाएं भी फर्श पर लेटी दिखीं। रात करीब 11 बजे डंडेकुइया निवासिनी एक प्रसव पीड़िता एंबुलेंस से पहुंची जिसे स्ट्रेचर नसीब नहीं हुआ। बेड न होने के कारण उसे फर्श पर लेटना पड़ा। जोगिया की आशा शांति ने बताया कि वह दो महिलाओं को लाई थी। इनमें से एक घर से भोजन लाई थी जबकि दूसरी भूखी ही लेटी रही। रामपुर बंदरा निवासिनी सुमन सिंह पत्नी उमेश सिंह को प्रसव हुआ था जिसे भोजन नहीं मिला। तीमारदारों के पास आवारा कुत्ते मंडराते मिले।