{"_id":"5efa1a918ebc3e42c701ef27","slug":"case-filed-for-demanding-bribe-against-chc-superintendent-srawasti-news-lko528341439","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी मल्हीपुर अधीक्षक के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी मल्हीपुर अधीक्षक के खिलाफ रिश्वत लेने का मामला दर्ज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर के अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का केस दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि आशा बहुओं की भर्ती के लिए उन्होंने एक महिला से रिश्वत मांगी थी। इसका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था। इस मामले को अमर उजाला ने 28 नवंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसे संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच कराई गई थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
मल्हीपुर सीएचसी के तहत आशा बहुओं की नियुक्ति होनी थी। इसमें गीता देवी ने भी आवेदन किया था। आवेदन के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह व केंद्र में तैनात बीसीपीएम रिजवाना ने नियुक्ति के एवज में महिला से रिश्वत मांगी थी। रिश्वत मांगने के दौरान जो भी वार्ता हुई, उसे महिला ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे बाद में उसने वायरल कर दिया था।
इस मामले को अमर उजाला ने बीती 28 नवंबर के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर सीएमओ ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया को सौंपी थी। जांच में सीएचसी में तैनात बीसीपीएम रिजवाना व अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह को रिश्वत मांगने का दोषी प्रथम दृष्टया माना गया।
विज्ञापन
इसके बाद सीएमओ डॉ. एपी भार्गव के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ ने अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मल्हीपुर थाने में मामला दर्ज कराया है। इस संबंध में थाना प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
सीएचसी में आशा बहुओं की नियुक्ति के मामले में अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह व बीसीपीएम रिजवाना के विरुद्ध हुई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई थी। जांच अधिकारी ने अपने निष्कर्ष में स्पष्ट लिखा है कि दोनों व्यक्ति रिश्वत मांगने में प्रथमदृष्टया दोषी हैं, लेकिन जब एफआईआर कराई गई तो अकेले अधीक्षक एसबी सिंह के खिलाफ, जबकि रिजवाना का नाम शामिल नहीं किया गया।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि रिजवाना संविदा कर्मी है। उनका रिन्यूवल प्रतिवर्ष किया जाता है। इस आरोप के बाद उनका रिन्यूवल नहीं किया जाएगा। इसीलिए एफआईआर में नाम शामिल नहीं किया गया है।
विज्ञापन
मल्हीपुर सीएचसी के तहत आशा बहुओं की नियुक्ति होनी थी। इसमें गीता देवी ने भी आवेदन किया था। आवेदन के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह व केंद्र में तैनात बीसीपीएम रिजवाना ने नियुक्ति के एवज में महिला से रिश्वत मांगी थी। रिश्वत मांगने के दौरान जो भी वार्ता हुई, उसे महिला ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे बाद में उसने वायरल कर दिया था।
विज्ञापन
इस मामले को अमर उजाला ने बीती 28 नवंबर के अंक में मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस पर सीएमओ ने मामले की जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया को सौंपी थी। जांच में सीएचसी में तैनात बीसीपीएम रिजवाना व अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह को रिश्वत मांगने का दोषी प्रथम दृष्टया माना गया।
विज्ञापन
इसके बाद सीएमओ डॉ. एपी भार्गव के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ ने अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मल्हीपुर थाने में मामला दर्ज कराया है। इस संबंध में थाना प्रभारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि डिप्टी सीएमओ की तहरीर पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
सीएचसी में आशा बहुओं की नियुक्ति के मामले में अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह व बीसीपीएम रिजवाना के विरुद्ध हुई जांच में आरोपों की पुष्टि हुई थी। जांच अधिकारी ने अपने निष्कर्ष में स्पष्ट लिखा है कि दोनों व्यक्ति रिश्वत मांगने में प्रथमदृष्टया दोषी हैं, लेकिन जब एफआईआर कराई गई तो अकेले अधीक्षक एसबी सिंह के खिलाफ, जबकि रिजवाना का नाम शामिल नहीं किया गया।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि रिजवाना संविदा कर्मी है। उनका रिन्यूवल प्रतिवर्ष किया जाता है। इस आरोप के बाद उनका रिन्यूवल नहीं किया जाएगा। इसीलिए एफआईआर में नाम शामिल नहीं किया गया है।