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बौद्ध उपासकों ने तपोस्थली में की पूजा
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बौद्ध तपोस्थली में प्रार्थना करते अनुयायी।
- फोटो : SRAWASTI
कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। विभिन्न देशों से आए अनुयायियों ने आनंद बोधि पर भिक्षु दीपा लोक महाथेरो के नेतृत्व में विशेष प्रार्थना की। इस दौरान दल के सदस्यों ने विश्व शांति की कामना के साथ तपोस्थली का भ्रमण भी किया।
इस दौरान भिक्षु दीपा लोक महाथेरो ने कहा कि संसार के प्रति अपना दृष्टिकोण इस प्रकार का बनाइए कि आपको विषम स्थितियों में भी सफलता मिले। अपना स्तर इतना ऊंचा उठाइए कि संसार की छोटी बड़ी कोई भी समस्या आपका मानसिक संतुलन न बिगाड़ सके। प्रतिकूल स्थितियों में भी प्रसन्न रहना सीखिए। कठिनाइयों में सफलता की संभावना तलाश करें। विरोध को प्रेरणा के रूप में स्वीकार करें। हानि लाभ, सुख दु:ख, उत्कर्ष अपकर्ष में तटस्थ रहिए। विषाद, निराशा, निरुत्साह अथवा व्यग्रता का कारण अपने दिल में न पनपने दें।
परेशानियों को सहज घटना समझकर स्वीकार करें। वीर वह है जो संसार के सारे दुख को तटस्थ भाव से सहन करता हुआ सदा प्रसन्न रहता है। पूजन के उपरांत सभी उपासकों ने शिवली स्तूप, सभामंडप, सूर्यकुंड, आनंद बोधि, कच्ची कुटी, पक्की कुटी, पूर्वाराम बिहार, विश्व शांति घंटा पार्क आदि का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर सुख सागर, नाथ सागर, दीपालोक, ज्ञान ज्योति, ज्ञान सागर आदि बौद्ध भिक्षु तथा उपासक मौजूद रहे।
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इस दौरान भिक्षु दीपा लोक महाथेरो ने कहा कि संसार के प्रति अपना दृष्टिकोण इस प्रकार का बनाइए कि आपको विषम स्थितियों में भी सफलता मिले। अपना स्तर इतना ऊंचा उठाइए कि संसार की छोटी बड़ी कोई भी समस्या आपका मानसिक संतुलन न बिगाड़ सके। प्रतिकूल स्थितियों में भी प्रसन्न रहना सीखिए। कठिनाइयों में सफलता की संभावना तलाश करें। विरोध को प्रेरणा के रूप में स्वीकार करें। हानि लाभ, सुख दु:ख, उत्कर्ष अपकर्ष में तटस्थ रहिए। विषाद, निराशा, निरुत्साह अथवा व्यग्रता का कारण अपने दिल में न पनपने दें।
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परेशानियों को सहज घटना समझकर स्वीकार करें। वीर वह है जो संसार के सारे दुख को तटस्थ भाव से सहन करता हुआ सदा प्रसन्न रहता है। पूजन के उपरांत सभी उपासकों ने शिवली स्तूप, सभामंडप, सूर्यकुंड, आनंद बोधि, कच्ची कुटी, पक्की कुटी, पूर्वाराम बिहार, विश्व शांति घंटा पार्क आदि का भ्रमण कर उसकी ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर सुख सागर, नाथ सागर, दीपालोक, ज्ञान ज्योति, ज्ञान सागर आदि बौद्ध भिक्षु तथा उपासक मौजूद रहे।
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