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सत्र प्रारंभ होने के एक माह बाद पहुंची किताबों की पहली खेप
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श्रावस्ती। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित सहायता प्राप्त विद्यालयों का नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए एक माह व्यतीत हो चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी भी विद्यालय में बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। शासन की ओर से भेजी गई पुस्तकों की पहली खेप मांग के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत हैं। जिसका अभी सत्यापन होना बाकी है।
जिले में देखा जाए तो परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के कुल 1,80,722 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए एक माह बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी भी छात्र-छात्रा को विद्यालय मेें नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं।
ऐसे में यह बच्चे बगैर पाठ्य पुस्तक के ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिले में बच्चों को वितरण के लिए दस लाख 65 हजार 946 पाठ्य पुस्तकों के लिए मांग पत्र शासन को भेजा गया था। जिसके सापेक्ष अब तक जिले को मात्र 1,24,624 पुस्तकों की पहली खेप भेजी गई है। जो मांग के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत है। जिसका अभी सत्यापन नहीं हो सका है। इन पाठ्य पुस्तकों का सत्यापन कराने के बाद संबंधित विद्यालयों को भेजा जाएगा। इस कार्य में अभी कितना समय लगेगा तथा यह पाठ्य पुस्तकें कब तक छात्रों को मुहैया कराई जा सकेंगी। इस बारे में अभी कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी।
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जिले में देखा जाए तो परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के कुल 1,80,722 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए एक माह बीत चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी भी छात्र-छात्रा को विद्यालय मेें नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं।
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ऐसे में यह बच्चे बगैर पाठ्य पुस्तक के ही शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जिले में बच्चों को वितरण के लिए दस लाख 65 हजार 946 पाठ्य पुस्तकों के लिए मांग पत्र शासन को भेजा गया था। जिसके सापेक्ष अब तक जिले को मात्र 1,24,624 पुस्तकों की पहली खेप भेजी गई है। जो मांग के सापेक्ष मात्र 11 प्रतिशत है। जिसका अभी सत्यापन नहीं हो सका है। इन पाठ्य पुस्तकों का सत्यापन कराने के बाद संबंधित विद्यालयों को भेजा जाएगा। इस कार्य में अभी कितना समय लगेगा तथा यह पाठ्य पुस्तकें कब तक छात्रों को मुहैया कराई जा सकेंगी। इस बारे में अभी कुछ कह पाना जल्दबाजी होगी।
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