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गारंटी अवधि में खर्चा पूरा, अनुरक्षण कार्य सिफर

Wed, 13 Apr 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 13 Apr 2022 10:45 PM IST
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श्रावस्ती। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनी सड़क गड्ढे में तब्दील हो रही है। इसके बावजूद इस सड़क के अनुरक्षण के नाम पर हर साल लाखों के भुगतान का खेल चल रहा है। इसके चलते सड़क निर्माण के बाद पांच साल की गारंटी अवधि में बिना कोई मरम्मत व अनुरक्षण कार्य कराए ही गारंटी मनी का भुगतान ठेकेदार को हो रहा है। जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की शिकायत करते हुए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़क पर पांच वर्ष की गारंटी अवधि होती है। इस गारंटी अवधि में ठेकेदार को सड़क टूटने पर मरम्मत कराने के साथ ही वर्षा बाद सड़क पटरियों पर लगने वाले जंगल की सफाई, रेनक टंकी भराई, साइड पटरी का अनुरक्षण कार्य करना होता है। इस कार्य के लिए ठेकेदार को प्रतिवर्ष एक निश्चित धनराशि का भुगतान होता है। इसके बावजूद आला अफसरों की उदासीनता से सड़क निर्माण के बाद ठेकेदार उसे देखने तक की जहमत नहीं उठाते। इसके चलते मरम्मत कार्य न होने से पीएमजेएसवाई के तहत बनी सड़के गड्ढों में तब्दील होने लगी है। जबकि ठेकेदार प्रतिवर्ष सड़क मेंटीनेंस के नाम पर मिलने वाली भुगतान राशि हड़प रहे हैं।
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लक्ष्मनपुर बाजार से बेचईपुरवा तक लंबाई 16800 मीटर है। यह सड़क पूरी तरह से गड्ढे में तब्दीन हो चुकी है। जबकि सड़क अनुरक्षण का समय 22 जनवरी 2019 से 21 जनवरी 2024 तक है। इस सड़क अनुरक्षण के लिए ठेकेदार प्रथम वर्ष व द्वितीय वर्ष में लाखों रुपये का भुगतान ले चुका है जबकि यहां चलने लायक सड़क पर कुछ बचा ही नहीं। हुसैनपुर खुरहुरी से बहराइच मल्हीपुर मार्ग का निर्माण इसी वर्ष 3.99 करोड़ से कराया गया है।
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सड़क निर्माण अवधि भी पूरा नहीं कर पाई कि सड़क जगह जगह पर टूटने व बिखरने लगी है। कई बार इसकी शिकायत करने के बाद भी मानक दर किनार कर सिर्फ पैच वर्क कर मरम्मत कार्य पूरा मान लिया गया। गिलौला सेमगढ़ा मार्ग का नवीनीकरण भी डेढ़ वर्ष पूर्व कराया गया था। इसके अनुरक्षण पर प्रति वर्ष ठेकेदार को लाखों का भुगतान होता है लेकिन वर्तमान में यह सड़क चलने लायक तक नहीं रही। इस संबंध में पीमजेएसवाई से जुड़े अधिशासी अभियंता एसके हरित का कहना है कि लक्ष्मनपुर बेचईपुरवा मार्ग की शिकायत मिली है। इसमें कार्रवाई की जा रही है।
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