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निर्माण के दो माह बाद ही उधड़ने लगी सड़क, पैच वर्क शुरू

Tue, 29 Mar 2022 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 10:45 PM IST
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तुलसीपुर (श्रावस्ती)। बीबीएससी हुसैनपुर खुरहुरी से बहराइच मल्हीपुर मार्ग पर हुए घटिया निर्माण कार्य की परते उधड़ने लगी है। घटिया निर्माण के कारण ही दो माह पहले बनी सड़क फिर से उधड़ कर बदहाल होने लगी है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 3.99 करोड़ की लागत से बनी सड़क जर्जर हो जाने से बनने के दो माह बाद ही इस पर अब पैच निर्माण का कार्य होने लगा है। सड़क की वारंटी पांच वर्ष की है।
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जमुनहा क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बीबीएससी हुसैनपुर खुरहुरी से बहराइच मल्हीपुर मार्ग तक 6.417 किलोमीटर सड़क का निर्माण जनवरी माह में कराया गया था। सभी को उम्मीद थी कि उन्हें इस योजना से आगामी पांच वर्ष तक एक बेहतर सड़क उपयोग के लिए मिलेगी। सड़क का निर्माण 24 मार्च 2021 से लेकर 23 मई 2022 तक होना था लेकिन मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर कर इस सड़क को तय समयावधि से पहले जनवरी माह में ही बना कर तैयार कर दिया गया।
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निर्माण के समय ही स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी के साथ घटिया सामग्री के प्रयोग की शिकायत की थी लेकिन विभागीय अधिकारी आंखें मूंद कर सड़क का निर्माण गुणवत्ता पूर्ण होने का दावा मात्र करते रहे। इसके चलते ही निर्माण कार्य पूरा होने के दो माह बाद ही सड़क जगह जगह से उधड़ कर ककंधू मोड़, चौगोई, पुरखीपुरवा सहित कई अन्य स्थानों पर बदहाल दिखने लगी है। इससे नाराज क्षेत्रीय ग्रामीणों के रोष को देखते हुए ठेकेदार ने इस सड़क पर जगह जगह पैच वर्क करा कर अपनी खामियों को छिपाने की कोशिश भी शुरू कर दी है। ऐसे में इस सड़क के पांच साल तक दुरुस्त बने रहने पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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विशेषज्ञों की माने तो सड़क निर्माण प्रांकलन के मुताबिक सड़क पर टेंक कोट 6853 लीटर पड़ना चाहिए था लेकिन जैसे जैसे सड़क टूट रही है वैसे वैसे यह दिखाई दे रहा है कि सड़क पर टेंक कोट था ही नहीं। सड़क पर मिट्टी व बड़े साइज के पत्थर दिखने लगे है। यहां देखने से ही लगता है कि टेंक कोट डाला ही नहीं गया। जबकि स्टीमेट में प्राइमर कोट में 21189 लीटर का प्राविधान किया गया था।

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण में पांच वर्ष की वारंटी का प्राविधान है। इसके लिए ठेकेदार को अलग से स्टीमेट में पैसा देने का प्राविधान भी है। यदि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के समय किसी लेयर में कमी करता है तो उसे घटिया निर्माण की श्रेणी में रख कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अधिशासी अभियंता प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना एसके हरित बताते हैं कि सड़क जहां जहां टूटी थी वहां ठेकेदार ने ठीक कराया है। सड़क की पांच वर्ष की गारंटी है। जब भी सड़क टूटेगी वह उसे ठीक कराने का कार्य कराया जाएगा।
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