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गांवों में रोजगार के लिए 84.91 करोड़ मिले
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84.91 करोड़ से गांवों में ही मिलेगा रोजगार
-- आय बढ़ाने को 24,99,918 मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आने वाले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 84.91 करोड़ की धनराशि मुहैया होगी। आय बढ़ने के लिए गांवों में मनरेगा मजदूरों के लिए 2499918 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। मजदूरों का पलायन रोकने के लिए जिला प्रशासन नए वित्तीय वर्ष से मनरेगा योजना को और ज्यादा सशक्त व प्रभावी बनाने की कवायद में जुटा है।
इसके तहत ही भारत सरकार को मनरेगा योजना के तहत आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नए सृजित मानव दिवस का लक्ष्य प्रस्तावित करके भेजा गया है। इसमें 84,91,68,476 की राशि के भुगतान से 2499918 मानव दिवस सृजित किए जाने की बात कही गयी है। इस धनराशि के भुगतान से मजदूरों को काम मिल सकेगा। इस योजना से जिले में मजदूरों को उनके गांवों में ही काम मिलने के साथ ही ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य भी होंगे।
हो रहे हैं अभिनव प्रयोग
मनरेगा योजना के तहत लोगों को गांवों में काम देने के साथ ही कई अन्य अभिनव प्रयोग भी हो रहे है। इसी प्रयोग में ओपेन जिम, ग्रामीण स्तर पर पार्क के साथ साथ जमुनहा में एक अत्याधुनिक नर्सरी निर्माण भी कराया जा रहा है। इस नर्सरी के माध्यम से गांव में ही तैनात उन्नत फलदार पौधों को बेचने की व्यवस्था की गई है ताकि जुलाई माह में चलने वाले वृहद पौधरोपण अभियान के दौरान जिले में तैयार पौधे बेचे जा सके।
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मनरेगा योजना का उद्ेश्य है कि गांव में ही मजदूरों को काम मिले। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
ईशान प्रताप सिंह सीडीओ
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-- आय बढ़ाने को 24,99,918 मानव दिवस सृजन का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आने वाले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 84.91 करोड़ की धनराशि मुहैया होगी। आय बढ़ने के लिए गांवों में मनरेगा मजदूरों के लिए 2499918 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। मजदूरों का पलायन रोकने के लिए जिला प्रशासन नए वित्तीय वर्ष से मनरेगा योजना को और ज्यादा सशक्त व प्रभावी बनाने की कवायद में जुटा है।
इसके तहत ही भारत सरकार को मनरेगा योजना के तहत आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए नए सृजित मानव दिवस का लक्ष्य प्रस्तावित करके भेजा गया है। इसमें 84,91,68,476 की राशि के भुगतान से 2499918 मानव दिवस सृजित किए जाने की बात कही गयी है। इस धनराशि के भुगतान से मजदूरों को काम मिल सकेगा। इस योजना से जिले में मजदूरों को उनके गांवों में ही काम मिलने के साथ ही ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य भी होंगे।
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हो रहे हैं अभिनव प्रयोग
मनरेगा योजना के तहत लोगों को गांवों में काम देने के साथ ही कई अन्य अभिनव प्रयोग भी हो रहे है। इसी प्रयोग में ओपेन जिम, ग्रामीण स्तर पर पार्क के साथ साथ जमुनहा में एक अत्याधुनिक नर्सरी निर्माण भी कराया जा रहा है। इस नर्सरी के माध्यम से गांव में ही तैनात उन्नत फलदार पौधों को बेचने की व्यवस्था की गई है ताकि जुलाई माह में चलने वाले वृहद पौधरोपण अभियान के दौरान जिले में तैयार पौधे बेचे जा सके।
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मनरेगा योजना का उद्ेश्य है कि गांव में ही मजदूरों को काम मिले। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस सृजन का लक्ष्य रखा गया है।
ईशान प्रताप सिंह सीडीओ