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प्रतिभा खोज परीक्षा में शामिल हुए मेधावी
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गिलौला(श्रावस्ती)। गिलौला के कृष्ण लली सरस्वती शिशु मंदिर में सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा आयोजित कराई गई। विद्या भारती द्वारा संचालित अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान की ओर से आयोजित इस परीक्षा में 67 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
विद्या भारती द्वारा संचालित अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान ने कृष्णलली सरस्वती विद्या मंदिर गिलौला में सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा कराई। इसमें श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच में संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के 67 छात्रों ने प्रतिभाग किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र व परीक्षा पर्यवेक्षक बेचन लाल पाठक के नेतृत्व में आयोजित इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया। इस परीक्षा में कक्षा पांच से आठ तक के छात्रों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा पर्यवेक्षक ने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता सिर्फ उन्हें खोजने की है।
विद्याभारती प्रति वर्ष ऐसी प्रतियोगी परीक्षाएं कराकर विद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाती है जिससे छात्र बुलंदियों को छू सकें। इस प्रतिभा खोज परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को तीन वर्ष तक छात्रवृत्ति देकर पुरस्कृत किया जाता है। परीक्षा में मूल रूप से गणित, अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय शामिल होता है। इस मौके पर शिव कुमार मिश्रा, शुभम, आनंद, रवीश, पूजा व पूनम सहित जिले के कई आचार्य मौजूद रहे।
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विद्या भारती द्वारा संचालित अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान ने कृष्णलली सरस्वती विद्या मंदिर गिलौला में सरस्वती प्रतिभा खोज परीक्षा कराई। इसमें श्रावस्ती, बलरामपुर व बहराइच में संचालित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के 67 छात्रों ने प्रतिभाग किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार मिश्र व परीक्षा पर्यवेक्षक बेचन लाल पाठक के नेतृत्व में आयोजित इस परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी रखा गया। इस परीक्षा में कक्षा पांच से आठ तक के छात्रों ने प्रतिभाग किया। परीक्षा पर्यवेक्षक ने कहा कि समाज में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता सिर्फ उन्हें खोजने की है।
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विद्याभारती प्रति वर्ष ऐसी प्रतियोगी परीक्षाएं कराकर विद्यालयों में छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाती है जिससे छात्र बुलंदियों को छू सकें। इस प्रतिभा खोज परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को तीन वर्ष तक छात्रवृत्ति देकर पुरस्कृत किया जाता है। परीक्षा में मूल रूप से गणित, अंग्रेजी, हिंदी, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषय शामिल होता है। इस मौके पर शिव कुमार मिश्रा, शुभम, आनंद, रवीश, पूजा व पूनम सहित जिले के कई आचार्य मौजूद रहे।
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