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पत्नी के हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
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श्रावस्ती। पत्नी के हत्यारे को एफटीसी न्यायालय ने आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस दौरान न्यायालय ने आरोपी के माता-पिता को निर्दोष भी करार दिया। यह घटना वर्ष 2018 में भिनगा कोतवाली के बांसकुड़ी गांव में घटी थी।
इकौना के सेमगढ़ा निवासी जहांगीर की बहन का विवाह भिनगा थाना क्षेत्र के बांसकुड़ी गांव में अजमेर अली पुत्र बकरीदी के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही अजमेर अली अपनी पत्नी को मारता-पीटता था। दस मई, 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में जहांगीर की बहन की मौत उसके ससुराल में ही हो गई। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल सत्येंद्र बहादुर सिंह बताते हैं कि मामले में जहांगीर ने भिनगा कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाते हुए लिखा था कि उसकी बहन का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व अजमेर अली के साथ हुआ था, लेकिन बाद में अजमेर अली ने एक अन्य महिला से भी विवाह कर लिया।
इसी के बाद वह उसकी बहन को मारपीट कर भगाता रहता था। 10 मार्च, 2018 को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे अजमेर अली ने अपने मां-बाप व अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर बहन को मारकर फांसी पर लटका दिया। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अजय सिंह के यहां चल रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान अजमेर अली को दोषी करार देते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी जबकि परीक्षण के दौरान न्यायालय ने उसके माता-पिता को निर्दोष करार दिया।
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इकौना के सेमगढ़ा निवासी जहांगीर की बहन का विवाह भिनगा थाना क्षेत्र के बांसकुड़ी गांव में अजमेर अली पुत्र बकरीदी के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही अजमेर अली अपनी पत्नी को मारता-पीटता था। दस मई, 2018 को संदिग्ध परिस्थितियों में जहांगीर की बहन की मौत उसके ससुराल में ही हो गई। घटना के संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिला शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल सत्येंद्र बहादुर सिंह बताते हैं कि मामले में जहांगीर ने भिनगा कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाते हुए लिखा था कि उसकी बहन का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व अजमेर अली के साथ हुआ था, लेकिन बाद में अजमेर अली ने एक अन्य महिला से भी विवाह कर लिया।
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इसी के बाद वह उसकी बहन को मारपीट कर भगाता रहता था। 10 मार्च, 2018 को पूर्वाह्न लगभग 11 बजे अजमेर अली ने अपने मां-बाप व अन्य रिश्तेदारों के साथ मिलकर बहन को मारकर फांसी पर लटका दिया। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) अजय सिंह के यहां चल रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान अजमेर अली को दोषी करार देते हुए उसे सश्रम आजीवन कारावास के साथ पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी जबकि परीक्षण के दौरान न्यायालय ने उसके माता-पिता को निर्दोष करार दिया।
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