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गैर जिले में टीकाकरण कर श्रावस्ती का पूरा कर रहे कोटा
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श्रावस्ती। कोविड 19 वैक्सीनेशन के लिए जिले का तय कोटा गैर जिलों में वैक्सीन लगाकर पूरा किया जा रहा है। इसका खुलासा बाराबंकी में हुआ। जहां सीएचसी प्रभारी के गांव में एक चतुर्थ श्रेणी लैब अटेंडेंट देर रात में टीकाकरण करते हुए पकड़ा गया। इस दौरान टीकाकरण करने वालों ने अपना कोटा पूरा करने के लिए गैर जनपद में वैक्सीनेशन की बात भी स्वीकारी। मामले में लैब अटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है, जबकि डॉ. विनय वर्मा के विरूद्ध़ कार्यवाही के लिए डीएम के माध्यम से सूचना शासन को प्रेषित की गई है।
जिले की जनसंख्या करीब बारह लाख है, इसमें से स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह 3,79,411 लोगों का वैक्सीनेशन कर चुका है। विभाग का यह भी दावा है कि 45,338 लोगों ने अपनी दूसरी डोज ले ली है। इस दावे के बाद प्रदेश के अधिकारियों ने जिले की प्रशंसा की, लेकिन परदे के पीछे वैक्सीनेशन का कुछ दूसरा ही खेल तब सामने आया, जब बाराबंकी में देर रात टीकाकरण करते हुए जिले का कर्मचारी पकड़ा गया। सूचना के बाद बाराबंकी का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जांच हुई तो इस बात का खुलासा हुआ कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा के अधीक्षक डॉ. विनय वर्मा का घर बाराबंकी के ग्राम मानपुर जैदपुर में है। वह श्रावस्ती जिले के कोटे की कोविड वैक्सीन रात को अंधेरे में ले जाकर अपने गांव में लगवा रहे थे।
जानकारों के मुताबिक यह कोई पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी कई बार इस तरह वह चुपके से वैक्सीन ले जाकर अपने गांव में लगवा चुके हैं और वहां का आधार कार्ड अपने जिले में जाकर फीड करा देते हैं। इस हेराफेरी के चलते जहां जिले के कोटे में आई वैक्सीन की कमी रहती है। वहीं जिले की जनसंख्या के सापेक्ष वैक्सीन लगने की सूचना से भी जिले वासियों को नुकसान हो रहा था। श्रावस्ती जिले की वैक्सीन ले जाकर बाराबंकी के जैदपुर में इस्तेमाल करने के मामले से ज्यादा गंभीर यह भी है कि इस अनियमितता के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं हुआ। वैक्सीन वहां सीएचसी भिनगा में तैनात लैब असिस्टेंट सूर्य प्रताप सिंह ही लगा रहा था, जबकि इसके लिए ट्रेंड नर्स सहित अन्य प्रोटोकाल की जरूरत होती है। यही नहीं वैक्सीन प्रोटोकाल के अनुसार इसे स्वास्थ्य केंद्र से बाहर नहीं जानी चाहिए, लेकिन इसकी भी ट्रांसपोटिंग की गई।
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जिले से वैक्सीन चुरा कर गैर जनपद में ले जाकर लगाने का जब खुलासा हुआ तो सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने एक पत्र जारी किया। इस पत्र में लिखा है कि सूर्य प्रताप सिंह, लैब अटेंडेंट (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिनगा जनपद बाराबंकी के ग्राम मानपुर, जैदपुर मे दिनांक 28.08.2021 को अनाधिकृत रूप से टीकाकरण करते हुये पाये गयेे, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। जांच करने पर पता चला कि उक्त गांव डॉ. विनय वर्मा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भिनगा का निवास स्थान है तथा ग्राम मानपुर, जैदपुर में उनका आवास स्थित है। अपने सगे संबंधियों का कोविड-19 टीका लगवाने के लिए अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भिनगा सूर्य प्रताप सिंह को अपने साथ लेकर गये थे। जिसके क्रम में तत्कालिक प्रभाव से सूर्य प्रताप सिंह लैब अटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है। जबकि डॉ. विनय वर्मा के विरूद्ध़ कार्यवाही के लिए डीएम के माध्यम से सूचना शासन को प्रेषित की गई है।
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जिले की जनसंख्या करीब बारह लाख है, इसमें से स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह 3,79,411 लोगों का वैक्सीनेशन कर चुका है। विभाग का यह भी दावा है कि 45,338 लोगों ने अपनी दूसरी डोज ले ली है। इस दावे के बाद प्रदेश के अधिकारियों ने जिले की प्रशंसा की, लेकिन परदे के पीछे वैक्सीनेशन का कुछ दूसरा ही खेल तब सामने आया, जब बाराबंकी में देर रात टीकाकरण करते हुए जिले का कर्मचारी पकड़ा गया। सूचना के बाद बाराबंकी का स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। जांच हुई तो इस बात का खुलासा हुआ कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिनगा के अधीक्षक डॉ. विनय वर्मा का घर बाराबंकी के ग्राम मानपुर जैदपुर में है। वह श्रावस्ती जिले के कोटे की कोविड वैक्सीन रात को अंधेरे में ले जाकर अपने गांव में लगवा रहे थे।
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जानकारों के मुताबिक यह कोई पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी कई बार इस तरह वह चुपके से वैक्सीन ले जाकर अपने गांव में लगवा चुके हैं और वहां का आधार कार्ड अपने जिले में जाकर फीड करा देते हैं। इस हेराफेरी के चलते जहां जिले के कोटे में आई वैक्सीन की कमी रहती है। वहीं जिले की जनसंख्या के सापेक्ष वैक्सीन लगने की सूचना से भी जिले वासियों को नुकसान हो रहा था। श्रावस्ती जिले की वैक्सीन ले जाकर बाराबंकी के जैदपुर में इस्तेमाल करने के मामले से ज्यादा गंभीर यह भी है कि इस अनियमितता के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं हुआ। वैक्सीन वहां सीएचसी भिनगा में तैनात लैब असिस्टेंट सूर्य प्रताप सिंह ही लगा रहा था, जबकि इसके लिए ट्रेंड नर्स सहित अन्य प्रोटोकाल की जरूरत होती है। यही नहीं वैक्सीन प्रोटोकाल के अनुसार इसे स्वास्थ्य केंद्र से बाहर नहीं जानी चाहिए, लेकिन इसकी भी ट्रांसपोटिंग की गई।
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जिले से वैक्सीन चुरा कर गैर जनपद में ले जाकर लगाने का जब खुलासा हुआ तो सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने एक पत्र जारी किया। इस पत्र में लिखा है कि सूर्य प्रताप सिंह, लैब अटेंडेंट (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भिनगा जनपद बाराबंकी के ग्राम मानपुर, जैदपुर मे दिनांक 28.08.2021 को अनाधिकृत रूप से टीकाकरण करते हुये पाये गयेे, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ। जांच करने पर पता चला कि उक्त गांव डॉ. विनय वर्मा अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भिनगा का निवास स्थान है तथा ग्राम मानपुर, जैदपुर में उनका आवास स्थित है। अपने सगे संबंधियों का कोविड-19 टीका लगवाने के लिए अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, भिनगा सूर्य प्रताप सिंह को अपने साथ लेकर गये थे। जिसके क्रम में तत्कालिक प्रभाव से सूर्य प्रताप सिंह लैब अटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है। जबकि डॉ. विनय वर्मा के विरूद्ध़ कार्यवाही के लिए डीएम के माध्यम से सूचना शासन को प्रेषित की गई है।