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लखीमपुर खीरी में टिड्डी दल के पहुंचने पर जिले में अलर्ट
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श्रावस्ती। टिड्डियों के दल ने तराई क्षेत्र लखीमपुर खीरी में अपनी मौजूदगी दर्ज करी दी है। जिले की सीमा से करीब 80 किलोमीटर दूरी पर टिड्डी दल के पहुंचने के बाद जिले में भी उनके हमले की संभावना बढ़ गई है। इसको लेकर कृषि विभाग की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में गुरुवार को विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही किसानों की सहायता के लिए फोन नंबर व दवाओं के बारे में भी बताया है। जिसका उपयोग कर टिड्डी के हमले से बचा जा सकता है।
टिड्डियों के दल ने पड़ोसी बहराइच से सटे लखीमपुर खीरी जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर है। इसको देखते हुए कृषि विभाग की ओर से किसानों को इससे बचने के लिए सुझाव व दवाओं का नाम भी बताया गया है। जिसका छिड़काव कर किसान टिड्डियों की समस्या से निजात पा सकते हैं। वहीं ब्लॉक में तैनात प्राविधिक सहायक ग्रुप सी व ग्रुप बी से संपर्क करने की सलाह दी है।
उप कृषि निदेशक आरपी राना ने कृषि विभाग के सभी क्षेत्रीय कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने क्षेत्र में टिड्डी दल के प्रकोप की निगरानी करें। साथ ही किसानों को इससे बचाव की जानकारी दें। जिससे टिड्डी दल के आक्रमण से बचाव किया जा सके। टिड्डी दल के हमले की दशा में ढोल, टीन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाएं। इससे टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना कम रहती है।
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साथ ही टिड्डी दल का प्रकोप होने पर किसान क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें। इसके अलावा क्लोरपायरीफॉस 50 प्रतिशत या क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत या लैम्बडासाय हैलोथ्रिन 5 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 50 प्रति ईसी की 02 मिली मात्रा एक लीटर पानी के साथ प्रयोग करें। साथ ही किसान टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में मोबाइल नंबर 9452618132 पर संपर्क कर कीट व रोग नियंत्रण के संबंध में सलाह ले सकते है।
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टिड्डियों के दल ने पड़ोसी बहराइच से सटे लखीमपुर खीरी जिले में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। वहीं प्रदेश के कई जिलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर है। इसको देखते हुए कृषि विभाग की ओर से किसानों को इससे बचने के लिए सुझाव व दवाओं का नाम भी बताया गया है। जिसका छिड़काव कर किसान टिड्डियों की समस्या से निजात पा सकते हैं। वहीं ब्लॉक में तैनात प्राविधिक सहायक ग्रुप सी व ग्रुप बी से संपर्क करने की सलाह दी है।
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उप कृषि निदेशक आरपी राना ने कृषि विभाग के सभी क्षेत्रीय कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने क्षेत्र में टिड्डी दल के प्रकोप की निगरानी करें। साथ ही किसानों को इससे बचाव की जानकारी दें। जिससे टिड्डी दल के आक्रमण से बचाव किया जा सके। टिड्डी दल के हमले की दशा में ढोल, टीन के डब्बों, थालियों आदि को बजाते हुए शोर मचाएं। इससे टिड्डी दल के आक्रमण की संभावना कम रहती है।
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साथ ही टिड्डी दल का प्रकोप होने पर किसान क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें। इसके अलावा क्लोरपायरीफॉस 50 प्रतिशत या क्वीनालफॉस 25 प्रतिशत या लैम्बडासाय हैलोथ्रिन 5 प्रतिशत अथवा मैलाथियान 50 प्रति ईसी की 02 मिली मात्रा एक लीटर पानी के साथ प्रयोग करें। साथ ही किसान टिड्डी दल के प्रकोप की दशा में मोबाइल नंबर 9452618132 पर संपर्क कर कीट व रोग नियंत्रण के संबंध में सलाह ले सकते है।