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सजे मंदिर, कल से प्रारंभ होगी पूजा

Thu, 31 Mar 2022 10:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 10:39 PM IST
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Adorned temple, worship will start from tomorrow
भिनगा नगर स्थित राजर्षि काली मंदिर - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। चैत्र नवरात्र शनिवार से प्रारंभ हो रहा है। जिसके स्वागत को लेकर भिनगा व इकौना नगर सहित जिले के अन्य हिस्सों में स्थित देवी मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जहां कल से नौ दिन तक माता की आराधना विभिन्न रूपों में की जाएगी। वहीं मातारानी के स्वागत के लिए दुकानें भी सजकर तैयार हो चुकी हैं।
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चैत्र नवरात्र पर भिनगा नगर के राजर्षि काली मंदिर, इकौना के बेचूबाबा, माता ज्वाला देवी मंदिर, जमुनहा के जगपति धाम, सिरसिया के दुर्गामंदिर, गिलौला के झारखंडी व सदाशिव महादेव मंदिर पर नौ दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। जहां क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग आकर आदि शक्ति जगत जननी जगदंबा की नौ दिन नौ रूपों की आराधना करते हैं।
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ऐसे में देवी मंदिरों पर आने वाली लोगों की भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। इस दौरान स्थानीय पुलिस व होमगार्ड के जवानों के साथ ही सादे ड्रेस में महिला पुलिस व महिला होमगार्ड लगाया जाएगा। वहीं इस दौरान मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावा के लिए नगरीय क्षेत्रों सहित मंदिर के निकट चुनरी की दुकानें व बाजारों में फलों की दुकानें सज चुकी हैं।
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कलश स्थापना का विशेष महत्व
चैत्र नवरात्र दो अप्रैल से प्रारंभ होगी। जिसका 11 अप्रैल को पारण के साथ समापन होगा। भिनगा नगर के पंडित राधेश्याम पांडे ने बताया कि इस बार नवरात्र पूरे 09 दिनों की पड़ रही है। 09 दिन की नवरात्र को बड़ा ही शुभ माना जाता है। नवरात्र में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। नवरात्र की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है। घट स्थापना सुबह स्नान कर पूजा का संकल्प लें। मिट्टी की वेदी पर जौ को बोएं, कलश की स्थापना करें, गंगा जल रखें। इस पर कुल देवी की प्रतिमा या फिर लाल कपड़े में लिपटे नारियल को रखें और पूजन करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ अवश्य करें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कलश की जगह पर नौ दिन तक अखंड दीप जलता रहे।

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 02 अप्रैल को सुबह 11:58 तक है। ऐसे में चैत्र नवरात्र के लिए कलश स्थापना 02 अप्रैल को होगी। इसके साथ ही नवरात्र का पर्व प्रारंभ होगा। 02 अप्रैल को घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:10 बजे से प्रात: 08:31 बजे के मध्य तक है। किसी कारणवश देरी होती है तो दोपहर 12 बजे से 12:50 बजे के मध्य कलश स्थापना कर सकते हैं।
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