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धूप खिली लेकिन बर्फीली हवा से ठिठुरन बरकरार
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज रविवार से सामान्य हो चुका है। सुबह से खिल रही चटकीली धूप से किसान प्रफुल्लित हो रहे हैं। वहीं विगत एक सप्ताह से कीचड़, जलभराव व रिमझिम बरसात की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत मिली।
इसके बावजूद आसपास के जिलों में हुई ओलावृष्टि व पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी तथा पश्चिमोत्तर हवाओं के कारण ठिठुरन बरकरार है।
जिले में मौसम विगत दो दिनों से पूरी तरह खुशगवार बना हुआ है। दिन में खिली चटकीली धूप व रात में मौसम सामान्य होने के कारण मौसम का मिजाज बसंती बना हुआ है।
ऐसे में किसान भी अपनी फसलों को सुखाने में लग गया है। वहीं दिन रात चल रही पश्चिमोत्तर बर्फीली हवाओं के कारण धूप में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
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छाया में लोगों को कपकपाती ठंड से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्यिसय पहुंच गया। उप निदेशक कृषि जसपाल बताते हैं कि किसान संभव हो तो गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव कर दें।
जिससे पैदावार बढ़ेगी। जिन किसान ने सरसों अथवा लाही काट लिया था। और वह भीग गई थी। उसे तत्काल सुखा लें। जितना जल्दी हो सके इसकी मड़ाई कर सुरक्षित कर लें।
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इसके बावजूद आसपास के जिलों में हुई ओलावृष्टि व पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी तथा पश्चिमोत्तर हवाओं के कारण ठिठुरन बरकरार है।
जिले में मौसम विगत दो दिनों से पूरी तरह खुशगवार बना हुआ है। दिन में खिली चटकीली धूप व रात में मौसम सामान्य होने के कारण मौसम का मिजाज बसंती बना हुआ है।
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ऐसे में किसान भी अपनी फसलों को सुखाने में लग गया है। वहीं दिन रात चल रही पश्चिमोत्तर बर्फीली हवाओं के कारण धूप में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
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छाया में लोगों को कपकपाती ठंड से जूझना पड़ रहा है। सोमवार को न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्यिसय पहुंच गया। उप निदेशक कृषि जसपाल बताते हैं कि किसान संभव हो तो गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव कर दें।
जिससे पैदावार बढ़ेगी। जिन किसान ने सरसों अथवा लाही काट लिया था। और वह भीग गई थी। उसे तत्काल सुखा लें। जितना जल्दी हो सके इसकी मड़ाई कर सुरक्षित कर लें।