फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   43 FIRs registered on 77 farmers

77 किसानों पर 43 एफआईआर दर्ज

Sun, 01 Nov 2020 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2020 10:24 PM IST
विज्ञापन
43 FIRs registered on 77 farmers
फसल अवशेष जलाने वाले 77 किसानों पर 43 एफआईआर दर्ज
विज्ञापन

- 56 किसानों की हुई गिरफ्तारी, 21 अब भी फरार
श्रावस्ती। पराली जलाने के मामले में तमाम प्रयास के बाद भी किसान मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कृषि विभाग द्वारा अब तक 77 किसानों पर 43 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इनमें से पुलिस द्वारा अब तक 56 किसानों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि फरार 21 किसानों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
जिले में किसान धान की पराली न जलाएं, इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान व सचिव सहित राजस्व लेखपालों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इतना ही नहीं उनकी निगरानी के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बावजूद किसानों द्वारा चोरी-छिपे पराली जलाई जा रही है। इससे वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है। जिसेे रोकने के लिए एनजीटी ने खेतों में फसल अवशेष (पराली) जलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया है। इतना ही नहीं पराली जलाने की घटनाओं की सैटेलाइट से मॉनीटरिंग भी की जा रही है। इससे जिले में अब तक पराली जलाने के 43 मामले उजागर हो चुके हैं। जिसके लिए जिम्मेदार 77 किसानों पर पराली जलाने का मामला दर्ज किया गया है। इनमें से अब तक 56 किसानों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं, फरार 21 किसानों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन

कोट्स
पराली जलाना पूर्णतया प्रतिबंधित है। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी कम हो रही है। ऐसे में किसानों से अपील है कि पराली न जलाएं। उसका भूसा बनाकर पशुओं को खिलाएं। या फिर अपनी नजदीकी गोशाला को दें दे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- आरपी राणा, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed