{"_id":"5ed90f448ebc3e90835de7c0","slug":"38-million-rupees-to-build-community-toilets-srawasti-news-lko524452453","type":"story","status":"publish","title_hn":"38 करोड़ से बनेंगे सामुदायिक शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
38 करोड़ से बनेंगे सामुदायिक शौचालय
विज्ञापन
38 करोड़ से बनेंगे सामुदायिक शौचालय
प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में दो-दो प्रसाधन निर्माण का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। प्रवासी मजदूरों को गांव में ही काम मिले इसके लिए पंचायत राज विभाग ने पहल की है। अब सभी ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इसमें से एक शौचालय की लागत ग्राम पंचायत व मनरेगा से दी जाएगी, जबकि दूसरे का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से होगा। इसके लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। योजना के तहत जिले में 794 सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इस पर 37 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपये का खर्च आएगा।
प्रवासी मजदूर लगातार जिले में आ रहे हैं। अब तक जिले में लगभग 48 हजार प्रवासी मजदूरों की वापसी हो चुकी है। इन्हें अपने गांव में काम नहीं मिल पा रहा है। होम क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद भी प्रवासी मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग ने घर लौटे प्रवासी मजदूरों को उन्हीं के गांव में काम दिलाने के लिए 37 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपये से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो दो सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। इसमें से एक शौचालय के निर्माण की लागत राज्य वित्त या चौदहवें वित्त के तहत दी जाएगी। इसमें मजदूरी का अंश मनरेगा से दिया जाएगा। इस शौचालय की लागत प्रत्येक पंचायत में तीन लाख 85 हजार रुपये होगी। ऐसे में देखा जाए तो जिले की 397 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत निधि व मनरेगा के सहयोग से लगभग 15 करोड़ 28 लाख 45 हजार रुपये की लागत से कार्य का सृजन होगा। इस पैसे से दो यूनिट ब्लॉक टायलेट का निर्माण होगा। दूसरे शौचालय का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन से कराया जाएगा। इस शौचालय निर्माण में चार यूनिट ब्लॉक पर पांच लाख 71 हजार का खर्च आएगा। ऐसे में देखा जाए तो 397 ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण करीब 22 करोड़ 66 लाख 87 हजार रुपये खर्च करेगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को भूमि चयन का निर्देश दे दिया गया है। जल्द से जल्द निर्माण प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
बाक्स में -
इन सुविधाओं पर रहेगा फोकस
सामुदायिक शौचालय के निर्माण में बच्चों, निशक्तों व महिलाओं की सुविधा के लिए सीट, स्नानागार, हाथ धोने के स्थान के साथ शौचालय में विद्युत व्यवस्था, जल भंडारण के लिए ओवर हेड टैंक, बोरिंग हैंडपंप की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
बाक्स में -
सामुदायिक निगरानी समिति रखेगी निगाह
सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए ग्राम पंचायत व प्रधान तो जिम्मेदार होंगे ही, साथ ही सामुदायिक निगरानी समिति भी इस पर निगाह रखेगी। प्रत्येक समिति में तीन से लेकर पांच सदस्य होंगे। इसमें से एक महिला सदस्य अनिवार्य होगी।
बाक्स में -
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में दो सामुदायिक शौचालय बनने हैं। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को भूमि चयन करने का निर्देश दिया गया है। जहां-जहां भूमि मिलती जा रही है, वहां निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में प्रवासियों को रोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही लोगों को सामुदायिक शौचालय का भी लाभ मिलेगा। - किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी
विज्ञापन
प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में दो-दो प्रसाधन निर्माण का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। प्रवासी मजदूरों को गांव में ही काम मिले इसके लिए पंचायत राज विभाग ने पहल की है। अब सभी ग्राम पंचायतों में दो-दो सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इसमें से एक शौचालय की लागत ग्राम पंचायत व मनरेगा से दी जाएगी, जबकि दूसरे का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से होगा। इसके लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। योजना के तहत जिले में 794 सामुदायिक शौचालय का निर्माण होगा। इस पर 37 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपये का खर्च आएगा।
प्रवासी मजदूर लगातार जिले में आ रहे हैं। अब तक जिले में लगभग 48 हजार प्रवासी मजदूरों की वापसी हो चुकी है। इन्हें अपने गांव में काम नहीं मिल पा रहा है। होम क्वारंटीन की अवधि पूरी करने के बाद भी प्रवासी मजदूर काम की तलाश में भटक रहे हैं। ऐसे में पंचायत राज विभाग ने घर लौटे प्रवासी मजदूरों को उन्हीं के गांव में काम दिलाने के लिए 37 करोड़ 95 लाख 32 हजार रुपये से सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो दो सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। इसमें से एक शौचालय के निर्माण की लागत राज्य वित्त या चौदहवें वित्त के तहत दी जाएगी। इसमें मजदूरी का अंश मनरेगा से दिया जाएगा। इस शौचालय की लागत प्रत्येक पंचायत में तीन लाख 85 हजार रुपये होगी। ऐसे में देखा जाए तो जिले की 397 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत निधि व मनरेगा के सहयोग से लगभग 15 करोड़ 28 लाख 45 हजार रुपये की लागत से कार्य का सृजन होगा। इस पैसे से दो यूनिट ब्लॉक टायलेट का निर्माण होगा। दूसरे शौचालय का निर्माण स्वच्छ भारत मिशन से कराया जाएगा। इस शौचालय निर्माण में चार यूनिट ब्लॉक पर पांच लाख 71 हजार का खर्च आएगा। ऐसे में देखा जाए तो 397 ग्राम पंचायत में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण करीब 22 करोड़ 66 लाख 87 हजार रुपये खर्च करेगा। इसके लिए ग्राम पंचायतों को भूमि चयन का निर्देश दे दिया गया है। जल्द से जल्द निर्माण प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी।
विज्ञापन
बाक्स में -
इन सुविधाओं पर रहेगा फोकस
सामुदायिक शौचालय के निर्माण में बच्चों, निशक्तों व महिलाओं की सुविधा के लिए सीट, स्नानागार, हाथ धोने के स्थान के साथ शौचालय में विद्युत व्यवस्था, जल भंडारण के लिए ओवर हेड टैंक, बोरिंग हैंडपंप की व्यवस्था होगी।
विज्ञापन
बाक्स में -
सामुदायिक निगरानी समिति रखेगी निगाह
सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए ग्राम पंचायत व प्रधान तो जिम्मेदार होंगे ही, साथ ही सामुदायिक निगरानी समिति भी इस पर निगाह रखेगी। प्रत्येक समिति में तीन से लेकर पांच सदस्य होंगे। इसमें से एक महिला सदस्य अनिवार्य होगी।
बाक्स में -
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में दो सामुदायिक शौचालय बनने हैं। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत को भूमि चयन करने का निर्देश दिया गया है। जहां-जहां भूमि मिलती जा रही है, वहां निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है। जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में प्रवासियों को रोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही लोगों को सामुदायिक शौचालय का भी लाभ मिलेगा। - किरन, जिला पंचायत राज अधिकारी