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मलंग गांव में बंजर भूमि से काट ले गए 27 पेड़
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जमुनहा (श्रावस्ती)। मल्हीपुर कला के मजरा मलंग गांव के पूरब में बंजर भूमि स्थित है। जिस पर आम, नीम व गूलर सहित अन्य प्रजाति के पेड़ लगे हुए थे। जिन्हें बुधवार रात लकड़ी माफिया ने काट लिया। सूचना के बाद वन विभाग की ओर से जांच कराए जाने की बात कही जा रही है।
मल्हीपुर थाना क्षेत्र व वनक्षेत्र हरदत्त नगर गिरंट के ग्राम मल्हीपुर कला के मजरा मलंग गांव के पूरब सार्वजनिक बंजर भूमि स्थित है। जिस पर काफी संख्या में विभिन्न प्रजाति के पेड़ लगे हुए थे। इस भूमि पर मलंग गांव निवासी मथुरा, भूरे, महंथ व गूठे पुत्रगण मोती का कब्जा था। बुधवार रात लकड़ी माफिया द्वारा बगैर परमिट व बिना सूचना बंजर भूमि पर लगे 25 पेड़ आम, एक पेड़ नीम, एक पेड़ गूलर सहित कई अन्य पेड़ बनजैता काट कर धराशाई कर दिया। जबकि आंवला के पेड़ को अधकटा छोड़ दिया है।
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस सहित वन विभाग से की। लेकिन कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके तक जांच करने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह भूमि सार्वजनिक है। यदि इसी तरह जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे रहे तो लकड़ी माफिया काटे गए पेड़ों का बूट बना कर या तो ईंट भट्ठों में खपत कर देंगे। या फिर उसे जिले के बाहर बेच सकते हैं। इससे न सिर्फ हरियाली को खतरा बढ़ेगा। बल्कि सरकार को राजस्व का हानि होगा। वहीं इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी हरदत्त नगर गिरंट दिनेश कुमार का कहना है कि सूचना मिली है मामले की जांच कराई जाएगी।
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मल्हीपुर थाना क्षेत्र व वनक्षेत्र हरदत्त नगर गिरंट के ग्राम मल्हीपुर कला के मजरा मलंग गांव के पूरब सार्वजनिक बंजर भूमि स्थित है। जिस पर काफी संख्या में विभिन्न प्रजाति के पेड़ लगे हुए थे। इस भूमि पर मलंग गांव निवासी मथुरा, भूरे, महंथ व गूठे पुत्रगण मोती का कब्जा था। बुधवार रात लकड़ी माफिया द्वारा बगैर परमिट व बिना सूचना बंजर भूमि पर लगे 25 पेड़ आम, एक पेड़ नीम, एक पेड़ गूलर सहित कई अन्य पेड़ बनजैता काट कर धराशाई कर दिया। जबकि आंवला के पेड़ को अधकटा छोड़ दिया है।
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ग्रामीणों ने इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस सहित वन विभाग से की। लेकिन कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके तक जांच करने नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह भूमि सार्वजनिक है। यदि इसी तरह जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे रहे तो लकड़ी माफिया काटे गए पेड़ों का बूट बना कर या तो ईंट भट्ठों में खपत कर देंगे। या फिर उसे जिले के बाहर बेच सकते हैं। इससे न सिर्फ हरियाली को खतरा बढ़ेगा। बल्कि सरकार को राजस्व का हानि होगा। वहीं इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी हरदत्त नगर गिरंट दिनेश कुमार का कहना है कि सूचना मिली है मामले की जांच कराई जाएगी।
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