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खतरे के निशान से 20 सेमी. ऊपर बह रही राप्ती

Sun, 05 Sep 2021 10:47 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 10:47 PM IST
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20 cm from the danger mark. Rapti flowing up
श्रावस्ती। राप्ती नदी का जलस्तर विगत एक सप्ताह से घट बढ़ रहा है। जो अब भी खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर ऊपर है। लगातार नदी के खतरे के निशान पार होने के कारण कछार के कई गांव या तो जलमग्न हैं या फिर बाढ़ से घिरे होने के कारण टापू बने हुए हैं। घटते जलस्तर के साथ कछारवासियों की दुश्वारियां भले कम होने लगी है। लेकिन कटान का खतरा बढने लगा है।
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नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे नहीं आ रहा है। रविवार दोपहर एक बजे जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर 127.90 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान से बीस सेंटीमीटर ऊपर है। यहां खतरे का निशान 127.70 मीटर है। राप्ती नदी के खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण राप्ती नदी के कछार में बसे सुल्तानाजोत, सर्रा, हरिहरपुर, महाराजनगर, मिसिरपुरवा, उत्तमापुर, जिगरिया, लौकिहा, अशरफ नगर, नरैनापुर, भग्गनपुरवा, ओरीपुरवा, बरंगा, वीरपुर, सधई पुरवा, चहलवा, पिपरहवा, गुरदत्तपुरवा, बरुहा सहित कई अन्य गांव अब भी जलमग्न हैं।
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धीरे धीरे घट रहे जलस्तर के साथ राप्ती नदी के कछार में कटान का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों के संपर्क मार्गों के कटने व क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण लोगों के सामने आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गई है। जिलाधिकारी टीके शिबु ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही। सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। संभावित बाढ़ वाले गांवों के निवासियों से सीधा संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
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