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जिले में 17 नए स्वास्थ्य उप केंद्रों की होगी स्थापना
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श्रावस्ती। ग्रामीण अंचलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 17 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों की स्थापना की जाएगी। यह उपकेंद्र जिले के सभी विकास खंडों में आवश्यकतानुसार शुरू किए जाएंगे। इस संबंध में प्रदेश के चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर इन उपकेंद्रों को शीघ्र ही संचालित कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही भवन निर्माण होने तक उपकेंद्रों का संचालन किराए के भवनों में कराने का निर्देश भी दिया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि पूर्व में हुए एक सर्वे के अनुसार करीब पांच हजार की आबादी पर एक उपकेंद्र का मानक निर्धारित था। मगर जनसंख्या बढ़ने पर ग्रामीणों को चिकित्सीय सुविधाएं मिलने में मुश्किलें होने लगी। इसलिए नए उपकेंद्रों को मंजूरी दी गई है। इन उपकेंद्रों के चयन में भौगोलिक स्थिति, उपकेंद्र से आसपास के गांवों की दूरी और लाभान्वित होने वाली ग्रामीण आबादी का विशेष ध्यान रखा गया है। जिससे कि ग्रामीणजन कम से कम दूरी तय करके अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकें। जिले में कुल 17 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाने हैं। इनमें से जमुनहा और गिलौला ब्लॉक में छह-छह, हरिहरपुररानी और इकौना में दो-दो तथा सिरसिया ब्लॉक में एक स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला जाना है।
किराए के भवन का मानक
उपकेंद्रों के भवन के लिए जमीन ग्राम पंचायत मुहैया कराएंगी। प्रत्येक उपकेंद्र की स्थापना कम से कम 300 (15 गुणे 20) वर्ग मीटर के भूखंड पर की जाएगी। जब तक भवन नहीं बनता तब तक उप केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जाएंगे। किराए पर लिए जाने वाले भवनों का मानक भी निर्धारित कर दिया है। किराए पर संचालित होने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए तीन कमरे, शौचालय, विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता के साथ ही एंबुलेंस व मरीजों के आने-जाने के लिए बेहतर रास्ता होना चाहिए। इसके लिए किराया तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामसभा से जमीन लेकर खुद के भवन में संचालन करने की योजना है।
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उपकेंद्रों पर यह होंगी व्यवस्थाएं
स्वास्थ्य उप केंद्रों पर गर्भवती की जांच, शिशुओं के टीकाकरण, प्रसव, परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं दी जाएंगी। प्रत्येक उपकेंद्र के संचालन के लिए वहां पर एक एएनएम की तैनाती की जाएगी। उप केंद्रों के शुरू होने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंच सकेंगी।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि पूर्व में हुए एक सर्वे के अनुसार करीब पांच हजार की आबादी पर एक उपकेंद्र का मानक निर्धारित था। मगर जनसंख्या बढ़ने पर ग्रामीणों को चिकित्सीय सुविधाएं मिलने में मुश्किलें होने लगी। इसलिए नए उपकेंद्रों को मंजूरी दी गई है। इन उपकेंद्रों के चयन में भौगोलिक स्थिति, उपकेंद्र से आसपास के गांवों की दूरी और लाभान्वित होने वाली ग्रामीण आबादी का विशेष ध्यान रखा गया है। जिससे कि ग्रामीणजन कम से कम दूरी तय करके अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकें। जिले में कुल 17 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले जाने हैं। इनमें से जमुनहा और गिलौला ब्लॉक में छह-छह, हरिहरपुररानी और इकौना में दो-दो तथा सिरसिया ब्लॉक में एक स्वास्थ्य उपकेंद्र खोला जाना है।
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किराए के भवन का मानक
उपकेंद्रों के भवन के लिए जमीन ग्राम पंचायत मुहैया कराएंगी। प्रत्येक उपकेंद्र की स्थापना कम से कम 300 (15 गुणे 20) वर्ग मीटर के भूखंड पर की जाएगी। जब तक भवन नहीं बनता तब तक उप केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जाएंगे। किराए पर लिए जाने वाले भवनों का मानक भी निर्धारित कर दिया है। किराए पर संचालित होने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए तीन कमरे, शौचालय, विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता के साथ ही एंबुलेंस व मरीजों के आने-जाने के लिए बेहतर रास्ता होना चाहिए। इसके लिए किराया तीन हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामसभा से जमीन लेकर खुद के भवन में संचालन करने की योजना है।
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उपकेंद्रों पर यह होंगी व्यवस्थाएं
स्वास्थ्य उप केंद्रों पर गर्भवती की जांच, शिशुओं के टीकाकरण, प्रसव, परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं दी जाएंगी। प्रत्येक उपकेंद्र के संचालन के लिए वहां पर एक एएनएम की तैनाती की जाएगी। उप केंद्रों के शुरू होने के बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंच सकेंगी।