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जंगल की नर्सरी में बच्चों से करा रहे काम
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जमुनहा (श्रावस्ती)। जिले के जंगलों की पौधशाला में बच्चों से कार्य कराया जा रहा है। ऐसा कुछ शनिवार को ककरदरी जंगल के दक्षिणी बीट की नर्सरी में देखने को मिला। जहां चौदह वर्ष से कम उम्र के बच्चे काम करते दिखे। इन बच्चों को निर्धारित मजदूरी से काफी कम पैसा दिया जा रहा है।
जमुनहा विकास क्षेत्र के ककरदरी जंगल में स्थित ककरदरी दक्षिणी बीट की नर्सरी में बच्चों से काम कराया जा रहा है। इन बच्चों को वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से निर्धारित 225 के स्थान पर 150 से 175 रुपये मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। यह पैसा भी कर्मचारी अपनी जेब से देने की बात कह रहे हैं।
नर्सरी में काम कर रहे बच्चों ने बताया कि जब वह नर्सरी में पौध लगाने के लिए रखी एक हजार पॉलीथिन में मिट्टी भरकर क्यारी में लगाते हैं, तब उन्हें 225 रुपये मिलते हैं। इस कार्य में डेढ़ से दो दिन तक लग जाते है। यहां प्रतिदिन या मासिक रूप से पारिश्रमिक का भुगतान करने के बजाय काम के हिसाब से ही पैसा दिया जाता है।
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ऐसा ही कहना नर्सरी में काम कर रहे कुछ अन्य बच्चों का भी था। सभी की उम्र चौदह वर्ष से कम है। जिन्हें औसतन प्रतिदिन 150 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इस बारे में पौधशाला में मौजूद व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक हजार पौधे लगाने के एवज में पहले बच्चों को 100 रुपये ही दिया जाता है, जो अब बढ़ा है।
वहीं इस संबंध में डीएफओ एपी यादव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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जमुनहा विकास क्षेत्र के ककरदरी जंगल में स्थित ककरदरी दक्षिणी बीट की नर्सरी में बच्चों से काम कराया जा रहा है। इन बच्चों को वन विभाग के कर्मचारियों की ओर से निर्धारित 225 के स्थान पर 150 से 175 रुपये मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। यह पैसा भी कर्मचारी अपनी जेब से देने की बात कह रहे हैं।
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नर्सरी में काम कर रहे बच्चों ने बताया कि जब वह नर्सरी में पौध लगाने के लिए रखी एक हजार पॉलीथिन में मिट्टी भरकर क्यारी में लगाते हैं, तब उन्हें 225 रुपये मिलते हैं। इस कार्य में डेढ़ से दो दिन तक लग जाते है। यहां प्रतिदिन या मासिक रूप से पारिश्रमिक का भुगतान करने के बजाय काम के हिसाब से ही पैसा दिया जाता है।
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ऐसा ही कहना नर्सरी में काम कर रहे कुछ अन्य बच्चों का भी था। सभी की उम्र चौदह वर्ष से कम है। जिन्हें औसतन प्रतिदिन 150 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इस बारे में पौधशाला में मौजूद व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक हजार पौधे लगाने के एवज में पहले बच्चों को 100 रुपये ही दिया जाता है, जो अब बढ़ा है।
वहीं इस संबंध में डीएफओ एपी यादव ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।