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Shamli News: बिना सहरी के भी रख सकते हैं रोजा, मिट्टी मुंह में जाने से नहीं टूटेगा रोजा
Sat, 28 Feb 2026 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 28 Feb 2026 01:04 AM IST
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हेल्पलाइन...मुफ्ती साजिद
शामली। रमजान के मुकद्दस महीने में रोजे को लेकर लोगों के मन में उठ रहे सवालों का समाधान करने के लिए शहर की मरकज वाली मस्जिद के उलमाओं द्वारा निशुल्क रमजान हेल्पलाइन चलाई जा रही है। रमजान के दस रोजे पूरे हो चुके हैं और रोजेदार रोजे से जुड़े मसलों की फोन कर जानकारी ले रहे हैं।
मरकज वाली मस्जिद के मुफ्ती मौलाना साजिद और कारी शमशाद अहमद का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मजबूरी में सहरी के समय नहीं उठ सका और उसने कुछ खाया-पीया नहीं, तो भी उसका रोजा मान लिया जाएगा। इसके लिए रात में सोने से पहले रोजे की नियत कर सकता है या सुबह आंख खुलते ही नियत कर ले, तो रोजा मान्य होगा। हालांकि सुबह की अजान शुरू होने के बाद सहरी खाना जायज नहीं है। उलमाओं के अनुसार फिल्म या सीरियल देखना, बाल कटवाना, शेविंग कराना या आंख में दवाई डालने से रोजा नहीं टूटता। नमाज पढ़ते समय जान-माल का खतरा होने पर नियत तोड़ी जा सकती है। यदि भूलवश कुछ खा-पी लिया जाए तो रोजा नहीं टूटता, बस याद आते ही तुरंत रुक जाएं।
सवाल-जवाब
सवाल : मरीज या मुसाफिर को रोजा रखना जरूरी है? मुनीर, सादिक, काजीवाड़ा शामली
जवाब : यदि मरीज की हालत गंभीर हो तो उसे रोजा रखना जरूरी नहीं है। लगभग 77 किलोमीटर या उससे अधिक का सफर करने वाले मुसाफिर के लिए भी रोजा रखना अनिवार्य नहीं है। वह बाद में कजा रोजा रख सकता है।
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सवाल : रोजे की हालत में खाना चखा जा सकता है? साहिद, अनवर बागपत, बड़ौत
जवाब : स्वाद चखने की अनुमति है, लेकिन उसे निगलना नहीं चाहिए। जीभ पर रखकर तुरंत थूक देना चाहिए। यदि महिलाओं को यह आशंका हो कि बिना चखे विवाद होगा तो वह सावधानीपूर्वक चख सकती हैं।
सवाल : ब्रश करने से रोजा टूटता है? समरीन, शाहिस्ता, खालापार मुजफ्फरनगर
जवाब : टूथपेस्ट के साथ ब्रश करने से बचें। केवल सादा ब्रश या मिस्वाक से दांत साफ करने से रोजा नहीं टूटता।
सवाल : मिट्टी हवा से उड़कर मुंह में चली जाए तो क्या रोजा टूटेगा? परवीन, नईम, थानाभवन शामली
जवाब : नहीं, अनजाने में मिट्टी मुंह में चली जाने से रोजा नहीं टूटता।
रमजान हेल्पलाइन नंबर
7669130104, 9917545476
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मरकज वाली मस्जिद के मुफ्ती मौलाना साजिद और कारी शमशाद अहमद का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति मजबूरी में सहरी के समय नहीं उठ सका और उसने कुछ खाया-पीया नहीं, तो भी उसका रोजा मान लिया जाएगा। इसके लिए रात में सोने से पहले रोजे की नियत कर सकता है या सुबह आंख खुलते ही नियत कर ले, तो रोजा मान्य होगा। हालांकि सुबह की अजान शुरू होने के बाद सहरी खाना जायज नहीं है। उलमाओं के अनुसार फिल्म या सीरियल देखना, बाल कटवाना, शेविंग कराना या आंख में दवाई डालने से रोजा नहीं टूटता। नमाज पढ़ते समय जान-माल का खतरा होने पर नियत तोड़ी जा सकती है। यदि भूलवश कुछ खा-पी लिया जाए तो रोजा नहीं टूटता, बस याद आते ही तुरंत रुक जाएं।
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सवाल-जवाब
सवाल : मरीज या मुसाफिर को रोजा रखना जरूरी है? मुनीर, सादिक, काजीवाड़ा शामली
जवाब : यदि मरीज की हालत गंभीर हो तो उसे रोजा रखना जरूरी नहीं है। लगभग 77 किलोमीटर या उससे अधिक का सफर करने वाले मुसाफिर के लिए भी रोजा रखना अनिवार्य नहीं है। वह बाद में कजा रोजा रख सकता है।
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सवाल : रोजे की हालत में खाना चखा जा सकता है? साहिद, अनवर बागपत, बड़ौत
जवाब : स्वाद चखने की अनुमति है, लेकिन उसे निगलना नहीं चाहिए। जीभ पर रखकर तुरंत थूक देना चाहिए। यदि महिलाओं को यह आशंका हो कि बिना चखे विवाद होगा तो वह सावधानीपूर्वक चख सकती हैं।
सवाल : ब्रश करने से रोजा टूटता है? समरीन, शाहिस्ता, खालापार मुजफ्फरनगर
जवाब : टूथपेस्ट के साथ ब्रश करने से बचें। केवल सादा ब्रश या मिस्वाक से दांत साफ करने से रोजा नहीं टूटता।
सवाल : मिट्टी हवा से उड़कर मुंह में चली जाए तो क्या रोजा टूटेगा? परवीन, नईम, थानाभवन शामली
जवाब : नहीं, अनजाने में मिट्टी मुंह में चली जाने से रोजा नहीं टूटता।
रमजान हेल्पलाइन नंबर
7669130104, 9917545476

हेल्पलाइन...मुफ्ती साजिद