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ऊर्जा निगम के एक्सईएन पर 13 हजार जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 05 Jan 2017 12:35 AM IST
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शामली। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता पर 13 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए एक माह में जमा करने के आदेश दिए हैं।
मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना तहसील के ग्राम अलावलपुर माजरा निवासी राजपाल सिंह ने उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड के विद्युत वितरण खंड प्रथम
करमू खेेड़ी शामली के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। अवगत कराया कि सिंचाई के लिए नलकूप का पांच हार्सपावर कनेक्शन के लिए 22 अक्तूबर 2002 में 125 रुपये विद्युत निगम में जमा करके कनेक्शन की सभी औपचारिकता पूरी की गई थी।
एस्टीमेट तैयार कर नलकूप की लाइन खींचने के लिए 6302 रुपये की रसीद कटवाने के बाद विद्युत निगम द्वारा तार नहीं खींचे गए। आरोप लगाया कि अवैध वसूली के लिए उसको 7503 रुपये का नोटिस भेज दिया गया। शिकायत करने पर भी विभागीय अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमैन एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित किसान की खेती में सिंचाई में खर्च के नुकसान की क्षतिपूर्ति धनराशि दस हजार, वाद व्यय तीन हजार कुल धनराशि 13 हजार एक माह में चेक द्वारा फोरम में जमा करने के आदेश दिए। देरी होने पर कुल धनराशि पर दंडात्मक दस प्रतिशत सालाना ब्याज निर्णय के 30 दिन बाद से अदा कराना होगा। चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करने पर विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन के विरुद्ध धारा 27 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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मुजफ्फरनगर जिले की बुढ़ाना तहसील के ग्राम अलावलपुर माजरा निवासी राजपाल सिंह ने उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड के विद्युत वितरण खंड प्रथम
करमू खेेड़ी शामली के अधिशासी अभियंता को आरोपी बनाकर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। अवगत कराया कि सिंचाई के लिए नलकूप का पांच हार्सपावर कनेक्शन के लिए 22 अक्तूबर 2002 में 125 रुपये विद्युत निगम में जमा करके कनेक्शन की सभी औपचारिकता पूरी की गई थी।
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एस्टीमेट तैयार कर नलकूप की लाइन खींचने के लिए 6302 रुपये की रसीद कटवाने के बाद विद्युत निगम द्वारा तार नहीं खींचे गए। आरोप लगाया कि अवैध वसूली के लिए उसको 7503 रुपये का नोटिस भेज दिया गया। शिकायत करने पर भी विभागीय अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के चेयरमैन एसकेएस यादव, सदस्य श्रवण कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए पीड़ित किसान की खेती में सिंचाई में खर्च के नुकसान की क्षतिपूर्ति धनराशि दस हजार, वाद व्यय तीन हजार कुल धनराशि 13 हजार एक माह में चेक द्वारा फोरम में जमा करने के आदेश दिए। देरी होने पर कुल धनराशि पर दंडात्मक दस प्रतिशत सालाना ब्याज निर्णय के 30 दिन बाद से अदा कराना होगा। चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करने पर विद्युत वितरण खंड प्रथम के एक्सईएन के विरुद्ध धारा 27 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।