फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Women from rural areas are writing a new speech

गांवों में महिलाओं ने थामी कमाई की कमान

Thu, 15 Oct 2020 12:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Oct 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Women from rural areas are writing a new speech
शामली गांव जाफरपुर में ज्योत बत्ती बनातीं महिला समूह की सदस्य। - फोटो : SHAMLI
शामली। ग्रामीण महिलाएं अब केवल चूल्हा-चौका तक ही सीमित नहीं हैं। वे गांव में रहते हुए भी आजीविका कमा रही हैं और गृहिणी का धर्म निभाते हुए घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं। जनपद में करीब 40 हजार महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर परिवार का खर्च चलाने में पुरुषों की मदद कर रहीं हैं। इन महिलाओं ने स्कूली बच्चों की यूनिफार्म से लेकर कोरोना काल में मास्क भी तैयार तैयार किए और त्योहारी सीजन में देवी-देवताओं की प्रतिमा के लिए कपड़े तैयार करने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही रुई से जोत-बत्ती बनाने, फूलों की खेती, अचार, मुरब्बा, पापड़ बनाकर परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं। और तो और समूह से जुड़ी महिलाओं ने कोटेदार बनकर राशन वितरण और बिजली बिल वसूली का काम भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

----------
रुई की बत्ती से ‘रोशन’ हुआ बबली का घर
शामली। थानाभवन ब्लाक के जाफरपुुर गांव में लक्ष्मी समूह की बबली ने जमीन ठेके में लेकर 1509 धान लगाया था। करनाल में धान बेचकर छह हजार रुपये का मुनाफा कमाया है। समूह के माध्यम से रुई की बत्ती तैैयार करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही है। बबली बताती हैं कि एक माह से रुई से बत्ती बनाने काम कर रही हैं। 80 रुपये में ज्योत बत्ती तैयार करके 130 रुपये में देवबंद में बेचती हैं। देवबंद का किराया ज्यादा होने की वजह से थानाभवन, तीतरो, गढीपुख्ता में भी छोटे दुकानदारों से बात कर रही हैं। यहां सप्लाई शुरू हो गई तो त्योहारी सीजन में अच्छा मुनाफा मिलेगा।
विज्ञापन

----------------
राशन वितरण से ममता ने कमाए 5600 रुपये
शामली। थानाभवन ब्लाक के कैल शिकारपुर गांव की सरस्वती महिला समूह से जुड़ीं ममता बताती हैं कि गांव में उन्हें सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित हुई है। एक माह में 90 क्विंटल खाद्यान्न वितरण करके 5600 रुपये का लाभांश कमाया है। परिवार में पति की मजदूरी कभी मिलती है, कभी नहीं। समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। गांव याहियापुर की चांदनी भी राशन वितरण कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि लाभांश से उनके परिवार की आय बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------
बिजली के बिल की वसूली कर रहीं रूबी
साईं बाबा समूह के माध्यम से जुड़ी मंटी हसनपुर गांव की रुबी देवी पिछले तीन माह से ग्रामीणों से बिजली के बिल की वसूली कर जमा कर रही हैं। तीन माह में 38 हजार रुपये बिजली बिल पावर कारपोरेशन को जमा कर चुकी हैं। पावर कारपोरेशन से एक बिल पर बीस रुपये कमीशन समूह की महिलाओं को दिए जाने की बात कही है। रूबी ने पति के साथ दस बीघा भूमि ठेके पर लेकर धान की फसल भी उगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed