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Shamli News: सीबीआई अधिकारी बनकर महिला से 54 हजार रुपये ठगे
Fri, 30 Oct 2026 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:52 AM IST
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शामली। आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव मुंडेट कलां निवासी महिला से 54 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई। आरोपियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर महिला को 23 लाख रुपये उसके खाते में भेजे जाने का झांसा दिया और टैक्स के नाम पर 54 हजार रुपये ठग लिए। साइबर के शातिरों ने महिला को आतंकवादियों से मिलने के आरोप में फंसाने की धमकी भी दी। एसपी के आदेश पर पीड़िता की तरफ से साइबर क्राइम थाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पीड़िता रूपा ने बताया कि एक सितंबर को पूर्वाह्न करीब 11 बजे उसके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके खाते में किसी व्यक्ति ने 23 लाख रुपये भेजे हैं। इसके बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप पर बात की और कुछ वीडियो भी भेजे। उन्होंने रकम पर टैक्स कटने की बात कहकर महिला से रुपये जमा कराने को कहा। आरोपियों के झांसे में आकर महिला ने अलग-अलग किस्तों में 17 हजार, 20 हजार और 17 हजार रुपये उनके दिए स्कैनर पर भेज दिए। पीड़िताा के मुताबिक 54 हजार रुपये जमा कराने के बाद आरोपियों ने उससे 45 हजार रुपये और मांगे। रुपये देने से इन्कार करने पर आरोपियो ने उसे आतंकवादियों से मिलने के आरोप में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में महिला को साइबर ठगी का पता चला।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान : एसपी
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे मांगे, तो रुपये न दें। किसी से ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक न खोलें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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पीड़िता रूपा ने बताया कि एक सितंबर को पूर्वाह्न करीब 11 बजे उसके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके खाते में किसी व्यक्ति ने 23 लाख रुपये भेजे हैं। इसके बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप पर बात की और कुछ वीडियो भी भेजे। उन्होंने रकम पर टैक्स कटने की बात कहकर महिला से रुपये जमा कराने को कहा। आरोपियों के झांसे में आकर महिला ने अलग-अलग किस्तों में 17 हजार, 20 हजार और 17 हजार रुपये उनके दिए स्कैनर पर भेज दिए। पीड़िताा के मुताबिक 54 हजार रुपये जमा कराने के बाद आरोपियों ने उससे 45 हजार रुपये और मांगे। रुपये देने से इन्कार करने पर आरोपियो ने उसे आतंकवादियों से मिलने के आरोप में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में महिला को साइबर ठगी का पता चला।
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एसपी एनपी सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान : एसपी
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई या ईडी का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पैसे मांगे, तो रुपये न दें। किसी से ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक न खोलें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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