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ससुराल से बीवी बच्चों को लाना है अनुमति दो दो
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ससुराल से बीवी, बच्चों को लाना है अनुमति दो दो
शामली। लॉकडाउन में सब कुछ बंद है। वाहन भी नहीं चल रहे। ऐसे में कई लोगों के सामने व्यवहारिक परेशानी आ रही है। किसी की मां बीमार है तो किसी के बीवी, बच्चे दूसरे शहर में फंसे है। किसी की बेटी हॉस्टल खाली कराने से दूसरे शहर में परेशान है। इसी तरह की समस्याएं लेकर लोग अनुमति लेने को कलक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर दर्जनों लोग पहुंचे। अमर उजाला ने इनसे बात कर समस्या जानी।
मां का आपरेशन हुआ था, डॉक्टर को दिखाना है
कलक्ट्रेट पहुंचे गांव भारसी के उत्तम ने बताया कि उसकी मम्मी का रसौली का आपरेशन मोदीनगर में हुआ था। उनको तकलीफ हो रही है। फोन पर डॉक्टर से बात की उन्होंने मां को बुलाया है। उनके टांके भी कटने हैं, ऐसे में किसी और डॉक्टर को भी नहीं दिखा सकते। इसलिए डीएम से मां को डॉक्टर केे दिखाने के लिए अनुमति लेने आए हैं।
हॉस्टल खाली करा लिया बेटी को लाना है
शामली की शांति कालोनी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी रुड़की आईआईटी से पीएचडी कर रही है। वह वहीं पर हॉस्टल में रहती है, लेकिन अब वहां से हॉस्टल खाली कराया जा रहा है, लेकिन बस वाहन बंद हैं, उसे कैसे लाएं। इसलिए गाड़ी से बेटी को लाने के लिए डीएम से अनुमति लेने आए हैं।
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बीवी, बच्चों को लाना है अनुमति दे दो
मुंडेट कला के गांव के प्रमोद कुमार ने बताया कि उसकी ससुराल उत्तराखंड के बिहारीगढ़ में है। उसके ससुर बीमार थे। उसके बीवी, बच्चे वहां गए थे। तभी लॉक डाउन हो गया। वहां से फोन आया कि वहां उनका बड़ा बेटा भी बीमार है। उसे भी घर में खाना बनाने आदि में परेशानी हो रही है। इसलिए बीवी बच्चों को वहां से गाड़ी ले जाकर लाने की अनुमति लेने आया है।
गुरूग्राम से बेटी को लाना है
जलालाबाद के राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी गुरुग्राम में एक प्राइवेट बैंक में काम करती है। वहां बैंक में अवकाश कर दिया गया है। बसें बंद हैं, बेटी वहां अकेली है। अब बेटी को वहां से लेने जाना है। इसलिए बेटी को गाड़ी से लाने की अनुमति लेने आए हैं।
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शामली। लॉकडाउन में सब कुछ बंद है। वाहन भी नहीं चल रहे। ऐसे में कई लोगों के सामने व्यवहारिक परेशानी आ रही है। किसी की मां बीमार है तो किसी के बीवी, बच्चे दूसरे शहर में फंसे है। किसी की बेटी हॉस्टल खाली कराने से दूसरे शहर में परेशान है। इसी तरह की समस्याएं लेकर लोग अनुमति लेने को कलक्ट्रेट पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को डीएम कार्यालय पर दर्जनों लोग पहुंचे। अमर उजाला ने इनसे बात कर समस्या जानी।
मां का आपरेशन हुआ था, डॉक्टर को दिखाना है
कलक्ट्रेट पहुंचे गांव भारसी के उत्तम ने बताया कि उसकी मम्मी का रसौली का आपरेशन मोदीनगर में हुआ था। उनको तकलीफ हो रही है। फोन पर डॉक्टर से बात की उन्होंने मां को बुलाया है। उनके टांके भी कटने हैं, ऐसे में किसी और डॉक्टर को भी नहीं दिखा सकते। इसलिए डीएम से मां को डॉक्टर केे दिखाने के लिए अनुमति लेने आए हैं।
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हॉस्टल खाली करा लिया बेटी को लाना है
शामली की शांति कालोनी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी रुड़की आईआईटी से पीएचडी कर रही है। वह वहीं पर हॉस्टल में रहती है, लेकिन अब वहां से हॉस्टल खाली कराया जा रहा है, लेकिन बस वाहन बंद हैं, उसे कैसे लाएं। इसलिए गाड़ी से बेटी को लाने के लिए डीएम से अनुमति लेने आए हैं।
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बीवी, बच्चों को लाना है अनुमति दे दो
मुंडेट कला के गांव के प्रमोद कुमार ने बताया कि उसकी ससुराल उत्तराखंड के बिहारीगढ़ में है। उसके ससुर बीमार थे। उसके बीवी, बच्चे वहां गए थे। तभी लॉक डाउन हो गया। वहां से फोन आया कि वहां उनका बड़ा बेटा भी बीमार है। उसे भी घर में खाना बनाने आदि में परेशानी हो रही है। इसलिए बीवी बच्चों को वहां से गाड़ी ले जाकर लाने की अनुमति लेने आया है।
गुरूग्राम से बेटी को लाना है
जलालाबाद के राधेश्याम ने बताया कि उनकी बेटी गुरुग्राम में एक प्राइवेट बैंक में काम करती है। वहां बैंक में अवकाश कर दिया गया है। बसें बंद हैं, बेटी वहां अकेली है। अब बेटी को वहां से लेने जाना है। इसलिए बेटी को गाड़ी से लाने की अनुमति लेने आए हैं।