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कहां से आए इतने कारतूस,
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Where did the stock of cartridges come from
कहां से आया इतने कारतूसों का जखीरा
शामली। झिंझाना क्षेत्र के अब्दाननगर में बंदर को गोली मारने के आरोपी के घर से बरामद कारतूसों का जखीरा मिलने से कई सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद देर शाम लाइसेंसी शस्त्र और कारतूस विक्रेताओं के यहां जाकर रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
दरअसल, बंदर को गोली मारने की घटना के बाद जब पुलिस ने आरोपी परिजनों के यहां तलाशी ली तो उन्हें कारतूसों का जखीरा मिला है। हालांकि पुलिस कारतूस की सही संख्या अभी नहीं बता रही है, लेकिन इनकी संख्या सैकड़ों में बताई गई है। डीएम अखिलेश सिंह के अनुसार नियमानुसार एक लाइसेंस धारी 10 से अधिक कारतूस नहीं रख सकता। 10 में से कम से कम आठ कारतूस के खोखे देने पर ही विक्रेता द्वारा कारतूस दिए जाते हैं। ऐसे मे कारतूस विक्रेताओं पर भी संदेह हो रहा है। एसपी के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी पक्ष द्वारा कारतूसों को जिन दुकानों से खरीदना बताया है वहां पर शाम को पुलिस टीमों ने जाकर जांच पड़ताल की है। उनका पूरा रिकार्ड आदि चेक किया जा रहा है।
अफसरों के आदेश पर होती है कार्रवाई
शामली। जिले में दो लाइसेंसी शस्त्र और कारतूस विक्रेता हैं। उन्हें पूरा रिकार्ड रखना होता है। कितने कारतूस बेचे गए कितना स्टॉक है ये सब जानकारियां रखनी होती हैं। उन्होंने 15 दिन पहले ही पटाखा निर्माताओं शस्त्र कारतूस बेचने वाले दुकानदारों के यहां चेकिंग के लिए एसडीएम को निर्देशित किया जा चुका है। ये कार्रवाई चल रही है। पुलिस की ओर से शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति आने पर ही इस पर कार्रवाई होती है।
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किसकी सिफारिश पर मिले दो दो लाइसेंस
झिंझाना। एक ही घर में दो भाइयों के नाम दो दो शस्त्र लाइसेंस होने से भी पुलिस हैरान है। आमतौर पर ऐसा बहुत कम होता है। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इसके लिए किसकी सिफारिश लगी है। पुलिस उक्त चारों लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति भी जिलाधिकारी से करेगी।
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शामली। झिंझाना क्षेत्र के अब्दाननगर में बंदर को गोली मारने के आरोपी के घर से बरामद कारतूसों का जखीरा मिलने से कई सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद देर शाम लाइसेंसी शस्त्र और कारतूस विक्रेताओं के यहां जाकर रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।
दरअसल, बंदर को गोली मारने की घटना के बाद जब पुलिस ने आरोपी परिजनों के यहां तलाशी ली तो उन्हें कारतूसों का जखीरा मिला है। हालांकि पुलिस कारतूस की सही संख्या अभी नहीं बता रही है, लेकिन इनकी संख्या सैकड़ों में बताई गई है। डीएम अखिलेश सिंह के अनुसार नियमानुसार एक लाइसेंस धारी 10 से अधिक कारतूस नहीं रख सकता। 10 में से कम से कम आठ कारतूस के खोखे देने पर ही विक्रेता द्वारा कारतूस दिए जाते हैं। ऐसे मे कारतूस विक्रेताओं पर भी संदेह हो रहा है। एसपी के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपी पक्ष द्वारा कारतूसों को जिन दुकानों से खरीदना बताया है वहां पर शाम को पुलिस टीमों ने जाकर जांच पड़ताल की है। उनका पूरा रिकार्ड आदि चेक किया जा रहा है।
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अफसरों के आदेश पर होती है कार्रवाई
शामली। जिले में दो लाइसेंसी शस्त्र और कारतूस विक्रेता हैं। उन्हें पूरा रिकार्ड रखना होता है। कितने कारतूस बेचे गए कितना स्टॉक है ये सब जानकारियां रखनी होती हैं। उन्होंने 15 दिन पहले ही पटाखा निर्माताओं शस्त्र कारतूस बेचने वाले दुकानदारों के यहां चेकिंग के लिए एसडीएम को निर्देशित किया जा चुका है। ये कार्रवाई चल रही है। पुलिस की ओर से शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति आने पर ही इस पर कार्रवाई होती है।
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किसकी सिफारिश पर मिले दो दो लाइसेंस
झिंझाना। एक ही घर में दो भाइयों के नाम दो दो शस्त्र लाइसेंस होने से भी पुलिस हैरान है। आमतौर पर ऐसा बहुत कम होता है। ऐसे में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इसके लिए किसकी सिफारिश लगी है। पुलिस उक्त चारों लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति भी जिलाधिकारी से करेगी।