फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   We have to live in the village with peace

हमें तो अमन चैन के साथ गांव में ही रहणा है

Sun, 10 Nov 2019 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Nov 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
We have to live in the village with peace
गांव भैसवाल में अयोध्या का फैसला आने के बाद मुस्लिम वृद्व के साथ चाय पिते बाबा सूरजमल। - फोटो : SHAMLI
शामली। म्हारे देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला है, उसे तो सब माणेंगे। हम भी फैसले का सम्माण करते हैं। हम तो यहीं पले- बढ़े हैं, एक दूसरे के सुुुख दुख में शामिल होते आए हैं। सबको गांव में ही मिल जुलकर रहणा है।
विज्ञापन

अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अमर उजाला टीम ने बतीसा खाप चौधरी बाबा सूरजमल के गांव भैंसवाल गांव का दौरा किया। जाट बहुल गांव में मुस्लिम समाज के भी कई परिवार हैं। बाबा सूरजमल अपने घर के बरामदे में चारपाई पर बैठे थे। बगल में ही गांव के यूसुफ और नसीम भी थे। तीनों चाय की चुस्कियों के बीच अयोध्या मसले पर ही चर्चा कर रहे थे। पूछने पर यूसुफ ने बताया कि दोपहर में ही थोड़ी फुर्सत मिलती है। थोड़ी दूर बाबा जी के पास बैठकर बतिया लेते हैं। आज बाबा ने आवाज लगा ली तो यहां बैठ गए। यूसुफ और नसीम दोनों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सबसे बड़ी अदालत है, उसका फैसला मान्य है। अयोध्या में कुछ भी बने हमें तो यहीं सबके साथ मिल जुलकर रहणा है। हम तो यही बाबा जी के सामने ही पले बड़े हुए हैं।
विज्ञापन

इसके बाद बाबा सूरजमल गांव में ही काशीराम शर्मा के गन्ने के कोल्हू पर पहुंचे। यहां मौजूद लोगों से चारपाई पर बैठकर बातचीत शुरू हो गई। इनमें दोनों वर्ग के लोग शामिल रहे। अयोध्या मसले पर बात शुरू हुई तो सबकी एक ही राय थी कि फैसले का सम्मान करेंगे। साजिद और नसीम बोले कि सबको अपने देश के कानून और अदालत पर भरोसा है। हिंदुस्तान की सबसे बड़ी अदालत का फैसला तो सभी मानेंगे। लाल सिंह, विनोद बोले कि इस गांव में तो हिंदू और मुस्लिम दोनों साथ बैठकर हुक्का गुड़गुड़ाते हैं। एक दूसरे के दुख सुख में शामिल होते हैं। दूर तक लोग इस गांव के भाईचारे की मिसाल देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

संजय शर्मा ने बताया कि यह कोल्हू काशीराम शर्मा का है। कोल्हू पर अधिकतर मुस्लिम ही काम करते हैं। कुछ तो कई साल से यही आते हैं, बस मान लो यही लोग इस कोल्हू को चलाते हैं । इन पर भरोसा इतना है कि पूरा कोल्हू इनके भरोसे छोड़कर चले जाते हैं। गांव के लोगों में आपसी सद्भाव और भाईचारा नजर आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed