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Shamli News: फोन की रोशनी से घटा आंखों का पानी, बढ़ रही परेशानी
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बिजनौर। फोन का इस्तेमाल आज के समय बहुत लाभकारी है। मगर, इसका ज्यादा प्रयोग परेशानी खड़ी कर रहा है। छोटी उम्र में अधिक फोन देखने से आंखों में ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है। जिससे बच्चों को आंखों में दर्द, एलर्जी जैसे परेशानी हो रही है। मेडिकल अस्पताल में इस समस्या के रोजाना 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
मेडिकल अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 150 मरीजों की ओपीडी हो रही हैं। इनमें छोटे बच्चे भी आंखों की समस्या से ग्रसित पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा बच्चे आंखों की ड्राइनेस की समस्या के हैं। दरअसल, स्मार्टफोन का लगातार प्रयोग करने से पलकें कम झपकती हैं। जिससे आंखों में नमी की कमी हो जाती है और सूखापन महसूस होता है। इसके अलावा, फोन से निकलने वाली नीली रोशनी भी आंखों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। स्मार्टफोन और कंप्यूटर स्क्रीन का अधिक प्रयोग करने से यह समस्या बढ़ी है। इसकी वजह से बच्चों के सिर में दर्द, आंखों में दर्द आदि की समस्याएं हो रही हैं। पढ़ाई के अलावा बच्चे रील्स, गेम खेलने में स्मार्टफोन और कंप्यूटर कर प्रयोग कर रहे हैं।
-- -- ड्राई आई के लक्षण
- आंखों में सूखापन होना
- आंखों में जलन या खुजली
- आंखों में थकान महसूस होना
- धुंधली दृष्टि होना
- आंखों में दर्द होना
- प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
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ऐसे करें बचाव
- फोन का ज्यादा प्रयोग करने से बचें
- नियमित रूप से पलकें झपकाएं
- स्मार्टफोन की ब्राइटनेस कम करें
- आंखों को आराम दें
- पर्याप्त नींद लें
- आंखों को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पिएं
- चिकित्सक के परामर्श पर आंखों में दवाई डालें
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वर्जन::
स्मार्ट फोन का अधिक प्रयोग करने से बच्चों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है। आंखों में खुजली अधिक हो रही है। इसके अलावा ड्राइनेस दूर करने के लिए बच्चों बार-बार पलक झपक रहे हैं। बच्चों को ज्यादा फोन न देखने दें। - डॉ. रजनीश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल
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मेडिकल अस्पताल के नेत्र विभाग में रोजाना करीब 150 मरीजों की ओपीडी हो रही हैं। इनमें छोटे बच्चे भी आंखों की समस्या से ग्रसित पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादा बच्चे आंखों की ड्राइनेस की समस्या के हैं। दरअसल, स्मार्टफोन का लगातार प्रयोग करने से पलकें कम झपकती हैं। जिससे आंखों में नमी की कमी हो जाती है और सूखापन महसूस होता है। इसके अलावा, फोन से निकलने वाली नीली रोशनी भी आंखों के लिए हानिकारक हो सकती हैं। स्मार्टफोन और कंप्यूटर स्क्रीन का अधिक प्रयोग करने से यह समस्या बढ़ी है। इसकी वजह से बच्चों के सिर में दर्द, आंखों में दर्द आदि की समस्याएं हो रही हैं। पढ़ाई के अलावा बच्चे रील्स, गेम खेलने में स्मार्टफोन और कंप्यूटर कर प्रयोग कर रहे हैं।
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- आंखों में सूखापन होना
- आंखों में जलन या खुजली
- आंखों में थकान महसूस होना
- धुंधली दृष्टि होना
- आंखों में दर्द होना
- प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता
ऐसे करें बचाव
- फोन का ज्यादा प्रयोग करने से बचें
- नियमित रूप से पलकें झपकाएं
- स्मार्टफोन की ब्राइटनेस कम करें
- आंखों को आराम दें
- पर्याप्त नींद लें
- आंखों को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पिएं
- चिकित्सक के परामर्श पर आंखों में दवाई डालें
वर्जन::
स्मार्ट फोन का अधिक प्रयोग करने से बच्चों की आंखों में ड्राइनेस की समस्या बढ़ रही है। आंखों में खुजली अधिक हो रही है। इसके अलावा ड्राइनेस दूर करने के लिए बच्चों बार-बार पलक झपक रहे हैं। बच्चों को ज्यादा फोन न देखने दें। - डॉ. रजनीश शर्मा, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल
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