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Shamli News: खुद के खर्च से विकास राठी ने सरकारी विद्यालय को बनाया स्मार्ट
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सोंटा गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय
शामली। मन में यदि कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो किसी भी कार्य को आसानी से किया जा सकता है। ऐसा ही कार्य कर दिखाया सोंटा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात विकास राठी ने। राठी ने खुद, अध्यापकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से विद्यालय को स्मार्ट बनाने में अहम भूमिका निभाई है। विद्यालय मेंं जहां स्मार्ट क्लास हैं। वहीं, बिजली गुल होते ही इनवर्टर से पंखे चल जाते हैं। विकास का चयन राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है।
सोंटा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में विकास राठी सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। उन्होंने राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन किया था और उनका व दो शिक्षकों का पुरस्कार के लिए लखनऊ नाम भेजा गया था। उन्होंने अपने स्कूल के छात्रों को शिक्षा, खेल में आगे भेजने, जन सभागिता में योगदान देने, छात्रों का नामांकन कराने, पर्यावरण के प्रति जागरूक करने सहित आदि बिंदुओं पर कार्य किया था। विकास राठी की मेहनत और राज्य पुरस्कार के सभी पैरा मीटर को देखते हुए उनका चयन राज्य पुरस्कार के लिए किया गया।
विकास राठी ने बताया कि दो साल तक वह प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में भी तैनात रह चुके हैं। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को खेलकूद के क्षेत्र में आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विकास राठी ने जहां विद्यालय की एक कक्षा में खुद के खर्च पर फर्नीचर मंगवाकर लगाया हुआ है। वहीं, लोगों के सहयोग से विद्यालय को स्वच्छ बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। विकास के कारण ही विद्यालय को स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार भी मिल चुका है।
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सोंटा गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में विकास राठी सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। उन्होंने राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन किया था और उनका व दो शिक्षकों का पुरस्कार के लिए लखनऊ नाम भेजा गया था। उन्होंने अपने स्कूल के छात्रों को शिक्षा, खेल में आगे भेजने, जन सभागिता में योगदान देने, छात्रों का नामांकन कराने, पर्यावरण के प्रति जागरूक करने सहित आदि बिंदुओं पर कार्य किया था। विकास राठी की मेहनत और राज्य पुरस्कार के सभी पैरा मीटर को देखते हुए उनका चयन राज्य पुरस्कार के लिए किया गया।
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विकास राठी ने बताया कि दो साल तक वह प्रभारी प्रधानाध्यापक के रूप में भी तैनात रह चुके हैं। शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को खेलकूद के क्षेत्र में आगे ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। विकास राठी ने जहां विद्यालय की एक कक्षा में खुद के खर्च पर फर्नीचर मंगवाकर लगाया हुआ है। वहीं, लोगों के सहयोग से विद्यालय को स्वच्छ बनाने में भी अहम भूमिका निभाई। विकास के कारण ही विद्यालय को स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार भी मिल चुका है।
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