फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   UP: Fake notes were given to Aftab by his brother-in-law Shahid, resident of Kairana, Meerut police raid

नकली नोटों का मामला: शाहिद की तलाश में सुरक्षा एजेंसियों ने डाला डेरा, आफताब को लेकर चौंकाने वाले खुलासे

Tue, 14 Feb 2023 11:56 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली Published by: कपिल kapil Updated Tue, 14 Feb 2023 11:56 PM IST
सार

मेरठ में नकली नोटों का मामला : आफताब के जीजा शाहिद की गिरफ्तारी के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने शामली में डेरा डाल रखा है।

विज्ञापन
UP: Fake notes were given to Aftab by his brother-in-law Shahid, resident of Kairana, Meerut police raid
पूछताछ करती टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो दिन पहले मेरठ पुलिस ने दो-दो हजार के नकली नोटों के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने नकली नोट कैराना निवासी अपने जीजा शाहिद से लिए थे। जिसकी तलाश में मेरठ की थाना दिल्ली गेट की पुलिस ने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है।

विज्ञापन


दो दिन पहले मेरठ में घंटाघर के पास पुलिस ने आफताब निवासी अहमद नगर लिसाड़ी गेट को दो-दो हजार के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। आफताब दुकानदार को नकली नोट देने का प्रयास कर रहा था। आफताब व उसका भाई और पिता नेपाल तक ट्रक चलाने का काम करता है। आफताब के पाकिस्तान से भी संबंध बताए जा रहे है। नकली नोट पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों ने भी आफताब से पूछताछ की थी। जिसके बाद पता चला था कि आफताब ने नकली नोट कैराना निवासी अपने जीजा शाहिद से लिए थे।
विज्ञापन


सोमवार रात मेरठ के थाना दिल्ली गेट के एसआई योगेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ कोतवाली में आमद दर्ज कराई। इसके बाद मेरठ पुलिस ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर कई मोहल्लों में दबिश दी। मंगलवार को पूरे दिन मेरठ पुलिस क्षेत्र में डेरा डाले रही। मेरठ के थाना दिल्ली गेट के कोतवाली प्रभारी ऋषिपाल सिंह ने फोन पर बताया कि आफताब ने कैराना निवासी अपने जीजा शाहिद से नकली नोट लिए थे। जल्द ही शाहिद को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कैराना कोतवाली प्रभारी पंकज त्यागी ने मेरठ पुलिस की आमद दर्ज होने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Meerut: ट्रक चालक ने नशे में एक किलोमीटर तक कार को घसीटा, वीडियो देखकर अफसर भी हैरान

नकली नोटों का कैराना से पुराना नाता
90 के दशक में कैराना में गठरी व्यवसाय की शुरुआत हुई थी। कैराना के लोगों की पाकिस्तान में रिश्तेदारी होने के कारण कैराना के लोग पाकिस्तान आते-जाते थे। कैराना के लोग पाकिस्तान में पान सुपारी ले जाते थे। वापस आने के दौरान मिर्जा नाम की चप्पल व डिस्को कपड़ा लेकर आते थे।

यह भी पढ़ें: Meerut: बोरे में शव मिलने का मामला, महिला की पहचान हुई न आरोपी तक पहुंची पुलिस, दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

लालच बढ़ा तो कैराना निवासी इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा आदि ने तीन हजार रुपयों में कैराना की महिलाओं को पाकिस्तान भेजना शुरू किया। सारा खर्चा गठरी ठेकेदार का होता था। पाकिस्तान आने-जाने के तीन हजार मिलते थे। बदले में सोने की तस्करी होने लगी। बाद में पाकिस्तान से भारत पिस्टल लाने के लिए गठरी व्यवसाय की आड़ ली जाने लगी। 90 के दशक के अंत में भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान ने नकली नोटों का सहारा लिया। इकबाल काना भारत की सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए पाकिस्तान भाग गया।

वहीं पर रहकर भारत विरोधी काम करने लगा। एक समय था जब कैराना में दुकानदार प्रत्येक 500 रुपये के नोट को शक की नजर से देखते थे कि कही नोट नकली न हो। लेकिन नोटबंदी के बाद नए नोट बाजार में आने से नकली नोटों पर लगाम लग गई थी। लेकिन मेरठ में पकड़े गए नकली नोट के तार फिर से कैराना से जुड़ गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed