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Shamli News: यूएनओ कर्मी की जमीन कब्जाई
Tue, 10 Jun 2025 12:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:34 AM IST
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शामली। संयुक्त राष्ट्र संघ डेनमार्क में क्वालिटी मैनेजर पद पर कार्यरत रहे देवप्रकाश वैश की बनत में स्थित जमीन को पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल के भाई विनय बंसल, भतीजे चरत बंसल व सात-आठ अज्ञात ने हड़प लिया है। ट्रैक्टर चलाकर फसल भी नष्ट कर दी है। इस मामले में वैश की बेटी निजा मेहरा ने आदर्श मंडी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बनत की मूल निवासी एवं हाल में स्वामी नगर दयाल बाग आगरा में रह रहीं निजा मेहरा ने आदर्श मंडी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी व उनके पिता देवप्रकाश वैश की गांव बनत में कृषि भूमि है। उसके पिता संयुक्त राष्ट्र संघ डेनमार्क में कार्यरत थे। इस कारण वे जमीन की देखभाल नहीं कर पाए, इसी का फायदा उठाकर विनय बंसल व उनके भतीजे चरत बंसल निवासी शामली ने सरकारी कर्मचारियों से सांठगांठ कर कृषि भूमि को हड़पने के उद्देश्य से चकबंदी अधिकारी जानसठ कैंप मुजफ्फरनगर के न्यायालय में वाद दायर किया।
चकबंदी न्यायालय ने 16 सितंबर 2011 को पारित आदेश में संशोधन तालिका के पहले पेज के अंतिम में नोट में स्पष्ट रूप से लिखा कि खतौनी खाता संख्या 788 में गाटा संख्या 1195 नहीं है। संशोधन तालिका में पेज संख्या दो पर लिखा है कि संशोधन तालिका बंजर ग्राम सभा से संबंधित है, जिसके लिए डीएम की अनुमति जरूरी बताई।
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आरोप है कि विनय व चरत बंसल ने नियम 109 क की मूल पत्रावली के वाद संख्या 91 धारा 9ए (2) अशोक कुमार बनाम ग्राम सभा में 20 मार्च 2009 के आदेश के तीसरी लाइन में खाता संख्या 788 में अंक 7 की जगह कूट रचना करके 9 बना दिया। महिला का आरोप है कि विनय व चरत ने सरकारी कर्मचारियों से सांठगांठ करके अदालती आदेश में कूट रचना की और ग्राम सभा की चार बीघा बंजर भूमि का नुकसान किया और साथ ही उसकी व उसके पिता की सात-आठ बीघा भूमि को भी हड़प लिया। यह वाद न्यायालय में अभी लंबित है।
महिला का आरोप है कि सात जून की सुबह विनय व चरत ने अपने सात-आठ लोगों के साथ उनकी कृषि भूमि पर चार ट्रैक्टर चलाकर गन्ने व ज्वार की लाखों रुपये कीमत की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया।
पुलिस ने निजा मेहरा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। उधर, चरत बंसल का कहना है कि उन्होंने न तो किसी की जमीन हड़पी और न ही कोई फसल नष्ट की है। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं।
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बनत की मूल निवासी एवं हाल में स्वामी नगर दयाल बाग आगरा में रह रहीं निजा मेहरा ने आदर्श मंडी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी व उनके पिता देवप्रकाश वैश की गांव बनत में कृषि भूमि है। उसके पिता संयुक्त राष्ट्र संघ डेनमार्क में कार्यरत थे। इस कारण वे जमीन की देखभाल नहीं कर पाए, इसी का फायदा उठाकर विनय बंसल व उनके भतीजे चरत बंसल निवासी शामली ने सरकारी कर्मचारियों से सांठगांठ कर कृषि भूमि को हड़पने के उद्देश्य से चकबंदी अधिकारी जानसठ कैंप मुजफ्फरनगर के न्यायालय में वाद दायर किया।
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चकबंदी न्यायालय ने 16 सितंबर 2011 को पारित आदेश में संशोधन तालिका के पहले पेज के अंतिम में नोट में स्पष्ट रूप से लिखा कि खतौनी खाता संख्या 788 में गाटा संख्या 1195 नहीं है। संशोधन तालिका में पेज संख्या दो पर लिखा है कि संशोधन तालिका बंजर ग्राम सभा से संबंधित है, जिसके लिए डीएम की अनुमति जरूरी बताई।
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आरोप है कि विनय व चरत बंसल ने नियम 109 क की मूल पत्रावली के वाद संख्या 91 धारा 9ए (2) अशोक कुमार बनाम ग्राम सभा में 20 मार्च 2009 के आदेश के तीसरी लाइन में खाता संख्या 788 में अंक 7 की जगह कूट रचना करके 9 बना दिया। महिला का आरोप है कि विनय व चरत ने सरकारी कर्मचारियों से सांठगांठ करके अदालती आदेश में कूट रचना की और ग्राम सभा की चार बीघा बंजर भूमि का नुकसान किया और साथ ही उसकी व उसके पिता की सात-आठ बीघा भूमि को भी हड़प लिया। यह वाद न्यायालय में अभी लंबित है।
महिला का आरोप है कि सात जून की सुबह विनय व चरत ने अपने सात-आठ लोगों के साथ उनकी कृषि भूमि पर चार ट्रैक्टर चलाकर गन्ने व ज्वार की लाखों रुपये कीमत की फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया।
पुलिस ने निजा मेहरा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। उधर, चरत बंसल का कहना है कि उन्होंने न तो किसी की जमीन हड़पी और न ही कोई फसल नष्ट की है। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और बेबुनियाद हैं।