फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Typhoid patients increase in rainy season

Shamli News: बरसात के मौसम में बढ़े बुखार के मरीज

Sat, 20 Jul 2024 04:01 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sat, 20 Jul 2024 04:01 AM IST
विज्ञापन
Typhoid patients increase in rainy season
शामली। बरसात का मौसम शुरू होते ही टाइफाइड बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना होने वाली जांच में 20 से 25 मरीजों में टाइफाइड बुखार के केस मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान में सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराना चाहिए।
विज्ञापन

जुलाई के महीने से बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। इस मौसम में दूषित पानी व गलत खानपान की वजह से टाइफाइड बुखार होता है। इसकी शुरूआत बुखार से होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। एक सप्ताह बाद टाइफाइड के लक्षण नजर आने लगते है। जिला अस्पताल में लैब टैक्नीशियन शिवांगी ने बताया लैब में रोजाना 70 से 80 सैंपलों की जांच हो रही है। इनमें 20 से 25 मरीजों में टाइफाइड होना सामने आ रहा है।
विज्ञापन

वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि बरसात के मौसम में टाइफाइड के केस बढ़ जाते हैं। इसकी वजह दूषित पानी व बासी भोजन करना होता है। लैब में जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें कई ऐसे भी हो सकते हैं, जिन्हें पहले टाइफाइड हुआ हो और उन्होंने बुखार ठीक होने के बाद दवा बीच में छोड़ दी। उन्हें फिर से बुखार आने पर उनकी जांच में टाइफाइड आ सकता है। उनका कहना है कि मरीजों को साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए और ताजा बना भोजन करना चाहिए। बासी भोजन करने से बचना चाहिए। अगर किसी को बुखार होता है तो चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराना चाहिए। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो बुखार कई सप्ताह तक रह सकता है और बाद में गंभीर हालत में पहुंच सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि अस्पताल में बुखार के मरीजों की जांच की सुविधा है और पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लक्षण
तेज बुखार होना।
पेट में दर्द होना व भूख कम होना।
शरीर पर लाल भूरे रंग के चकत्ते होना।
खांसी व मांसपेशियों में दर्द होना।
उल्टी होना जी मिचलाना।
दस्त होना या कब्ज होना।

बचाव
दूषित पानी न पीए व बासी भोजन न करें।
हाथों को साफ करने के बाद भोजन करें।
घर व आसपास साफ सफाई रखें।
बुखार होने पर इलाज में देरी न करें।
चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed