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ट्रकों पर लगेगी डिवाइस, पकड़ी जाएगी टैक्स चोरी
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:12 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। डीएम ने कहा कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने से व्यापारियों के साथ ही आमजन को लाभ होगा। ज्वैलरी और वाहन एक्सचेंज कराने पर जीएसटी नहीं लगेगा।
वहीं, टैक्स चोरी रोकने के लिए माल वाहक वाहनों पर डिवाइस लगाने की व्यवस्था भी होगी। 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है, लेकिन वह बिक्री के लिए सामान पंजीकृत व्यापारी से ही खरीदेंगे।
शनिवार दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्यकर अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि जनपद में वाणिज्यकर विभाग में 4112 व्यापारी पंजीकृत थे, जिनमें से 4023 व्यापारियों का जीएसटी में माइग्रेशन हो चुका है, जबकि 120 नए रजिस्ट्रेशन जीएसटी में व्यापारियों ने कराए हैं। उन्होंने बताया कि अभी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों के पास समय है।
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वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर एके दोहरे, पीडी गुप्ता तथा एपी राय ने बताया कि जीएसटी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। जीएसटी पोर्टल पर जाकर व्यापारी खुद ही रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद कोई भी व्यापारी एमआरपी से ज्यादा कीमत पर सामान नहीं बेचेगा।
इसके अलावा समाधान योजना में व्यापारियों को तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था मिलेगी। जीएसटी प्रक्रिया को ठीक ढंग से समझने और उसमें रिटर्न दाखिल करने सहित विभिन्न जानकारी के लिए जनसुविधा केंद्रों की मदद ली जा सकती है।
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वहीं, टैक्स चोरी रोकने के लिए माल वाहक वाहनों पर डिवाइस लगाने की व्यवस्था भी होगी। 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की बाध्यता नहीं है, लेकिन वह बिक्री के लिए सामान पंजीकृत व्यापारी से ही खरीदेंगे।
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शनिवार दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट सभाकक्ष में वाणिज्यकर अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि जनपद में वाणिज्यकर विभाग में 4112 व्यापारी पंजीकृत थे, जिनमें से 4023 व्यापारियों का जीएसटी में माइग्रेशन हो चुका है, जबकि 120 नए रजिस्ट्रेशन जीएसटी में व्यापारियों ने कराए हैं। उन्होंने बताया कि अभी जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए व्यापारियों के पास समय है।
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वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर एके दोहरे, पीडी गुप्ता तथा एपी राय ने बताया कि जीएसटी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। जीएसटी पोर्टल पर जाकर व्यापारी खुद ही रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद कोई भी व्यापारी एमआरपी से ज्यादा कीमत पर सामान नहीं बेचेगा।
इसके अलावा समाधान योजना में व्यापारियों को तीन महीने में रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था मिलेगी। जीएसटी प्रक्रिया को ठीक ढंग से समझने और उसमें रिटर्न दाखिल करने सहित विभिन्न जानकारी के लिए जनसुविधा केंद्रों की मदद ली जा सकती है।