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कोरोना काल में व्यापारी मांग रहे आर्थिक राहत पैकेज

Wed, 09 Jun 2021 11:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jun 2021 11:58 PM IST
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Traders are seeking economic relief package during the Corona period
कोरोना काल में व्यापारी मांग रहे आर्थिक राहत पैकेज
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शामली। पिछले साल लागू हुए लॉकडाउन की मार से उबरने की कोशिश कर रहे व्यापार को कोरोना कर्फ्यू ने तगड़ा झटका दिया है। कारोबार को पटरी पर लौटने में लंबा समय लगेगा। इस दौरान व्यापारियों को जो नुकसान हुआ है, उससे उबरने के लिए वे आर्थिक राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं। साथ ही बिजली बिल, जीएसटी, ईएमआई और ब्याज में छूट व्यापारियों की प्रमुख मांगें हैं।
लॉकडाउन में सराफा कारोबार तो पूरी तरह ठप हो गया। एक तो सोने-चांदी की महंगाई से पहले से ही मांग कम थी। ऊपर से शादी सीजन में लॉकडाउन लग जाने से कारोबार पूरी तरह ठप हो गया। व्यापारियों को इससे उबरने के लिए रियायतों की जरूरत है।
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- रवि संगल, सराफा व्यापारी।
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व्यापारी वर्ग किसी तरह की सहूलियत नहीं मिलने से परेशान है। उसे बिजली के बिल, कर्मचारियों का वेतन, जीएसटी और आयकर जमा करना है। कारोबार है नहीं, ऐसे में सरकार को व्यापारियों के लिए आर्थिक राहत पैकेज देना चाहिए। - राजेश जैन, कपड़ा व्यापारी।
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पिछले साल लॉकडाउन की मार झेलनी और इस बार भी कोरोना कर्फ्यू रहा। व्यापार जब भी पटरी पर लौटने की कोशिश करता है तो कोई न कोई समस्या आ जाती है, जबकि खर्च बढ़ते जा रहे हैं। सरकार को व्यापारी वर्ग के लिए राहत पैकेज एवं अन्य छूट देनी चाहिए। - विजय बहादुर, किराना मर्चेंट।
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व्यापारियों को आर्थिक राहत पैकेज के साथ ही कोरोना से जान गंवाने वाले जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के परिजनों को दस लाख तथा अन्य संस्थाओं में पंजीकृत व्यापारियों के परिजनों को कम से कम पांच लाख की सहायता राशि दी जानी चाहिए। व्यापारी कर्ज में डूबा हुआ है। उसे छूट नहीं मिली तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाएंगे। - घनश्याम दास गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल।
कारोबार लंबे समय से ठप रहा है। अभी भी कोरोना संक्रमण के प्रभाव से बाहर नहीं निकला है, जबकि बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन, जीएसटी, इनकम टैक्स और बैंक का ब्याज लगातार बढ़ रहा है। व्यापारियों के हित के लिए सरकार को कुछ न कुछ घोषणा करनी चाहिए।

कोरोना काल में व्यापार पर तगड़ी मार पड़ी है। बढ़ते खर्च और घटते कारोबार ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। बर्तनों की मांग तो शादी एवं त्योहारी सीजन में ही ज्यादा होती है। इन्हीं मौके पर कोरोना का संक्रमण फैल जाता है। व्यापारियों को नुकसान से उबारने के लिए सरकार को अलग से राहत पैकेज देना चाहिए। - अनुज गोयल, बर्तन व्यापारी।
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