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Shamli News: मंदिर की दुकानों के किराये की रसीद न देने पर भड़के व्यापारी
Sun, 04 Feb 2024 02:06 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 04 Feb 2024 02:06 AM IST
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शामली टंकी रोड पर भैरव मंदिर के सामने धरने पर बैठे दुकानदार
शामली। शहर के टंकी रोड स्थित भैरव मंदिर की प्रबंध समिति द्वारा दुकानों का किराया बढ़ाने और रसीद न देने के विरोध में दुकानों को बंद कर दुकानदारों ने धरना प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने प्रबंध समिति पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर एसडीएम सदर और सीओ सिटी मौके पर पहुंचे। करीब पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद प्रबंध समिति के संचालक ने किराये की रसीद देने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कुछ दुकानदार धरने पर बैठे रहे। इस पर पुलिस ने सख्ती दिखाते उन्हें वहां से हटाया। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
शहर के टंकी रोड पर भैरव मंदिर की 107 दुकानें हैं, जो प्रबंध समिति द्वारा किराये पर दी गई है। प्रबंध समिति ने दो माह पहले किराये में वृद्धि कर दी थी। इस मामले में दुकानदारों ने डीएम से मिलकर किराया वृद्धि को वापस कराए जाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार सुबह दस बजे सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी और मंदिर के मुख्य दरवाजे के पास धरना देकर बैठ गए। दुकानदारों का कहना था कि वे दो माह से बढ़ा हुआ किराया दे रहे हैं, लेकिन प्रबंध समिति उन्हें किराया जमा होने की रसीद नहीं दे रही है। दुकानदारों इसका विरोध करते हुए हंगामा किया।
धरना-प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम सदर विनय कुमार भदौरिया और सीओ सिटी श्याम सिंह आदर्श मंडी व कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को समझाकर धरना खत्म करने को कहा, लेकिन वे किराए की रसीद देने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अधिकारियों ने मंदिर की प्रबंध कमेटी के संचालक पीर शेरनाथ महाराज से वार्ता की। वार्ता में दुकानदारों की तरफ से चार लोगों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाया गया। करीब पांच घंटे तक चली गहमागहमी के बाद शेरनाथ महाराज ने कहा कि किराया बढ़ाया जाना पहले से ही तय किया हुआ था। उन्होंने कहा कि दुकानदार दो माह से किराया दे रहे थे, लेकिन इस महीने किराया देने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने दुकानदाराें को किराया जमा की रसीद देने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कुछ दुकानदार अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठे रहे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं माने तो पुलिस ने सख्ती से उन्हें वहां से हटाया। इस दौरान एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ।
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पितृ स्थल हटाने का मामला भी उठाया
शामली। भैरव मंदिर में पितृ स्थल क्षतिग्रस्त होने व उन्हें वहां से हटाने का पूर्व में मामला चर्चा में रहा है। दुकानदारों के धरना देने पर वे लोग भी पहुंच गए, जिनके मंदिर में पितृ स्थल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की प्रबंध कमेटी उनके पितृ स्थलों को वहां से हटाना चाहती है और जो पितृ स्थल क्षतिग्रस्त हुए थे, वे ठीक नहीं कराए गए। इस मामले में अधिकारियों ने कहा कि इस मामले पर बाद में विचार किया जाएगा। प्रबंध समिति के संचालक शेरनाथ महाराज ने कहा कि कुछ लोग तो पितृ स्थल स्वेच्छा से ही वहां से ले जा रहे हैं। मंदिर में निर्माण कार्य चलने के दौरान पूर्व में एक पितृ स्थल क्षतिग्रस्त हो गया था।
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शहर के टंकी रोड पर भैरव मंदिर की 107 दुकानें हैं, जो प्रबंध समिति द्वारा किराये पर दी गई है। प्रबंध समिति ने दो माह पहले किराये में वृद्धि कर दी थी। इस मामले में दुकानदारों ने डीएम से मिलकर किराया वृद्धि को वापस कराए जाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार सुबह दस बजे सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी और मंदिर के मुख्य दरवाजे के पास धरना देकर बैठ गए। दुकानदारों का कहना था कि वे दो माह से बढ़ा हुआ किराया दे रहे हैं, लेकिन प्रबंध समिति उन्हें किराया जमा होने की रसीद नहीं दे रही है। दुकानदारों इसका विरोध करते हुए हंगामा किया।
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धरना-प्रदर्शन की सूचना पर एसडीएम सदर विनय कुमार भदौरिया और सीओ सिटी श्याम सिंह आदर्श मंडी व कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानदारों को समझाकर धरना खत्म करने को कहा, लेकिन वे किराए की रसीद देने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद अधिकारियों ने मंदिर की प्रबंध कमेटी के संचालक पीर शेरनाथ महाराज से वार्ता की। वार्ता में दुकानदारों की तरफ से चार लोगों के प्रतिनिधि मंडल को बुलाया गया। करीब पांच घंटे तक चली गहमागहमी के बाद शेरनाथ महाराज ने कहा कि किराया बढ़ाया जाना पहले से ही तय किया हुआ था। उन्होंने कहा कि दुकानदार दो माह से किराया दे रहे थे, लेकिन इस महीने किराया देने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्होंने दुकानदाराें को किराया जमा की रसीद देने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी कुछ दुकानदार अन्य लोगों के साथ धरने पर बैठे रहे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब नहीं माने तो पुलिस ने सख्ती से उन्हें वहां से हटाया। इस दौरान एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद धरना खत्म हुआ।
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पितृ स्थल हटाने का मामला भी उठाया
शामली। भैरव मंदिर में पितृ स्थल क्षतिग्रस्त होने व उन्हें वहां से हटाने का पूर्व में मामला चर्चा में रहा है। दुकानदारों के धरना देने पर वे लोग भी पहुंच गए, जिनके मंदिर में पितृ स्थल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर की प्रबंध कमेटी उनके पितृ स्थलों को वहां से हटाना चाहती है और जो पितृ स्थल क्षतिग्रस्त हुए थे, वे ठीक नहीं कराए गए। इस मामले में अधिकारियों ने कहा कि इस मामले पर बाद में विचार किया जाएगा। प्रबंध समिति के संचालक शेरनाथ महाराज ने कहा कि कुछ लोग तो पितृ स्थल स्वेच्छा से ही वहां से ले जा रहे हैं। मंदिर में निर्माण कार्य चलने के दौरान पूर्व में एक पितृ स्थल क्षतिग्रस्त हो गया था।

शामली टंकी रोड पर भैरव मंदिर के सामने धरने पर बैठे दुकानदार