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Shamli News: पिता-पुत्र की हत्या में बर्खास्त सिपाही, उसके भाई समेत तीन को उम्रकैद

Tue, 18 Aug 2026 12:35 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Tue, 18 Aug 2026 12:35 AM IST
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Three people, including a dismissed soldier and his brother, were sentenced to life imprisonment for the murder of a father and son.
कैराना में अदालत में जाते हत्या के मुजरिम विक्रांत और उसका भाई अर्जुन तथा चचेरा भाई मोनू व पिता
कैराना (शामली)। सोमवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने मखमूलपुर में पिता-पुत्र भूपेंद्र और अर्जुन की हत्या के मामले में यूपी पुलिस के बर्खास्त सिपाही विक्रांत, उसके भाई अर्जुन और चचेरे भाई मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसी हत्याकांड में विक्रांत के पिता वीरेंद्र को पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने चारों पर 2.19 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। जबकि दोष सिद्ध नहीं होने पर प्रदीप निवासी टिल्ला मोड लोनी, गाजियाबाद और सुनील निवासी नंगलाबड़ी, बागपत को दोषुमक्त किया है।
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छह अप्रैल 2022 को नौकरी लगवाने के नाम पर लिए गए दो लाख रुपये के विवाद में कांधला क्षेत्र के गांव मखमूलपुर में मेरठ के कंकरखेड़ा की न्यू सैनिक विहार कॉलोनी निवासी भूपेंद्र सिंह तालियान और उनके पुत्र नेशनल स्तरीय कबड़डी खिलाड़ी अर्जुन तालियान की पिटाई करने के बाद सल्फा गांव के जंगल में ले जाकर दो-दो गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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भूपेंद्र की मां सुरेश देवी ने सिपाही विक्रांत, विक्रांत के भाई अर्जुन, पिता वीरेंद्र, मां मुदरेश, पत्नी शिवानी और चचेरे भाई मोनू के खिलाफ कांधला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो दिन बाद ही विक्रांत समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में पुलिस जांच में आरोपियों का सहयोग करने में प्रदीप निवासी टिल्ला मोड़ लोनी, गाजियाबाद और सुनील निवासी बागपत के नंगलाबड़ी का नाम भी सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने शिवानी और मुदरेश का नाम चार्जशीट से निकाल दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में मामला चल रहा था। 29 जून 2022 को पुलिस ने इस मामले में 224 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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इस मामले में कोर्ट में 152 तारीख लगी, जिसमें 14 गवाह पेश किए गए। कोर्ट ने मृतक भूपेंद्र की मां सुरेश देवी और पीआरवी के सिपाही सोनू की गवाही पर 13 अगस्त को चारों को दोषी सिद्ध करार दिया था। सोमवार को विक्रांत, उसके भाई अर्जुन, चचेरे भाई मोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि पिता वीरेंद्र को पांच साल की सजा सुनाई गई।
न्यायाधीश ने पिता पुत्र की हत्या को बताया जघन्य अपराध
पिता पुत्र की हत्या में फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार राय ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हत्या करना सबसे बड़ा अपराध है। मुजरिमों ने पिता-पुत्र की हत्या करके जघन्य अपराध किया है इसलिए इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है।

नेशनल स्तर का कबड्डी खिलाड़ी था अर्जुन
सुरेश देवी ने बताया कि अर्जुन कबड्डी का नेशनल स्तर का खिलाड़ी था। उसने दिल्ली और भोपाल में हुई नेशनल स्तर की कबड्डी चैंपियनशिप में मेडल भी झटके थे। वह देश के लिए गोल्ड मेडल लाने का सपना संजोए हुए था, मगर हत्या ने उसके सपने को चकनाचूर कर दिया था।
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