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यह भवन जर्जर है, यहां प्रवेश करना मना है

Thu, 17 Sep 2020 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2020 12:24 AM IST
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This building is dilapidated, it is not allowed to enter here
यह भवन जर्जर है, यहां प्रवेश करना मना है
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शामली। शहर में जर्जर भवनों का रिकार्ड नगरपालिका के पास नहीं है। मोहल्ला बरखंडी स्थित बालक जूनियर हाईस्कूल का भवन एक साल से अधिक जर्जर हालत में है, जो कभी भी गिर सकता है। बाकायदा इसकी दीवार पर भी लिखा हुआ है कि यह भवन जर्जर है, यहां प्रवेश करना मना है। इस जर्जर भवन की तरफ बेसिक शिक्षा विभाग और पालिका का कोई ध्यान नहीं है।
बरसात के मौसम में मकानों में नमी बन जाती है। बारिश थमने के बाद धूप खिलने पर पुराने व जर्जर भवनों के गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे जानमाल की हानि हो सकती है। पालिका की तरफ से शहर में जर्जर भवनों को चिह्नित नहीं किया जाता और न ही उनका कोई रिकार्ड पालिका के पास है। रिकार्ड न होने के कारण जर्जर भवनों में रहने वाले लोगों को सचेत करने संबंधी कोई नोटिस भी जारी नहीं हो पाते, जबकि शहर में कई स्थानों पर जर्जर और पुराने भवन हैं।
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शहर में मोहल्ला बरखंडी में स्थित बालक जूनियर हाईस्कूल का भवन एक साल पहले से जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसकी छत गिरने से यह खंडहर में तब्दील हो चुका है। बाकायदा इसकी दीवार पर भी लिखा हुआ है कि यह भवन जर्जर है, यहां प्रवेश करना मना है। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग हो या पालिका इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बालक जूनियर हाईस्कूल में 110 बच्चों का नामांकन
बालक जूनियर हाईस्कूल नगर क्षेत्र शामली (संविलित) में वर्तमान में 110 बच्चे हैं। प्रधानाध्यापक नीरज गोयल ने बताया कि विद्यालय परिसर में जूनियर हाईस्कूल के अलावा प्राथमिक विद्यालय 10 और 14 भी चलते हैं। इन दोनों विद्यालयों में 314 बच्चे हैं। अभी बच्चों के प्रवेश चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल सितंबर 2019 में जूनियर हाईस्कूल के भवन की छत गिर गई थी। उस समय विद्यालय में बच्चों की संख्या 75 बच्चे थी। जिस समय छत गिरी, उस समय विद्यालय में बच्चे नहीं थे। इसके बाद से इस विद्यालय के बच्चों को परिसर में दूसरे विद्यालय के कक्ष में बैठाने की व्यवस्था बनाई गई है। जर्जर भवन संबंधी जानकारी उसी समय विभागीय अधिकारियों को दे दी गई थी।
पालिका ने खड़े किए हाथ
प्रधानाध्यापक नीरज गोयल ने बताया कि उन्होंने जर्जर भवन और शौचालयों की मरम्मत के लिए वार्ड सभासद और विद्यालय प्रबंध समिति की तरफ से इस साल 29 जुलाई को पालिका को पत्र भेजा गया था। पांच अगस्त को भेजे पत्र के जवाब में पालिका ने मरम्मत कराने से हाथ खड़े करते हुए कहा कि सरकारी विद्यालय की मरम्मत आदि कराने की जिम्मेेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है।

कोट
नगरपालिका के पास शहर में जर्जर भवनों से संबंधित कोई सूची नहीं है और न ही कोई भवन पालिका स्तर से चिह्नित किया गया है। भवन स्वामी की तरफ से दी जाने वाली भवन संबंधी जानकारी रिकार्ड में दर्ज की जाती है।
- सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका शामली।
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बरखंडी में स्थित बालक जूनियर हाईस्कूल का भवन जर्जर हालत में होने का मामला जानकारी में है। विभागीय स्तर से इसकी मरम्मत के लिए कार्रवाई चल रही है।
- सुधीर कुमार, जिला समन्वयक बीएसए कार्यालय।
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