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शहर में जाम से हालात हुए बेकाबू, व्यापारी भड़के

Thu, 14 Nov 2019 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 11:48 PM IST
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Things became uncontrollable due to the jam in the city, businessmen raged
शामली मिल रोड पर गन्ने की ट्रैक्टर ट्रॉली से लगा जाम। - फोटो : SHAMLI
शहर में जाम से हालात हुए बेकाबू, व्यापारी भड़के
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शामली। शामली शुगर मिल में बार बार तकनीकी खराबी से शहर की यातायात व्यवस्था चौपट होने लगी है। बुधवार रात चार घंटे चलकर मिल रात ढाई बजे फिर तकनीकी खराबी से बंद हो गई। मिल बंद होने से मिल ने गेट पर तौल भी बंद कर दी, जिससे शहर में गन्ने का अंबार लग गया। गन्ने के वाहनों से शहर जाम हो गया। स्कूली वाहन भी फंसे। दुकानों के आगे गन्ने के वाहन खड़े होने से कारोबारियों का कारोबार प्रभावित हो गया, जिससे व्यापारी भी भड़क गए । उन्होंने भी अफसरों से मिल प्रशासन की शिकायत की। डीएम ने मिल प्रशासन को नोटिस जारी किया है।
शामली शुगर मिल में पांच नवंबर से पेराई शुरू हुई थी, लेकिन तब से मिल कई बार तकनीकी खराबी से बंद हो चुकी है। बुधवार को भी दिन में मिल बंद रही थी। मिल प्रशासन के अनुसार रात करीब साढ़े आठ बजे कुछ देर के मिल मिल चली, लेकिन रात ढाई बजे फिर से तकनीकी खराबी से मिल बंद हो गई। ऐसे में मिल प्रशासन ने मिल गेट पर गन्ने की तौल भी बंद कर दी। रात भर मिल बंद रही और शहर में गन्ने के वाहनों का जमावड़ा लगता गया।
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सुबह सोकर उठे तो लगा मिला गन्ने का अंबार
बृहस्पतिवार सुबह जब लोग सोकर उठे तो शहर गन्ने की बुग्गी और ट्रॉलियों से भरा था और किसान भी लगातार गन्ना लेकर पहुंच रहे थे। मिल प्रबधंन के अनुसार दोपहर ढाई बजे मिल चालू हुई इसके बाद भी कई बार रुकी। मिल ने सही ढंग से काम चालू नहीं किया था। ऐसे में गन्ने की खरीद भी काफी धीमी रही।
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रात को अस्पताल रोड भी जाम, कैसे निकलेंगी एंबुलेंस
शाम करीब सात बजे शहर में शुगर मिल रोड पूरी तरह जाम हो गई थी। एमएस के रोड पर वर्मा मार्केट तक वाहन पहुंच गए थे दूसरी ओर धीमानपुरा फाटक तक । शहर के अंदर हनुमान धाम, जिला अस्पताल रोड, बुढ़ाना रोड से अंदर आ रही रोड पर भी गन्ने की बुग्गियां और ट्रैक्टर ट्रॉली अटी पड़ी थी। चिंता की बात ये थी कि शामली सरकारी अस्पताल तक वाहन निकलने की जगह नही थी। ऐसे में यदि कोई मरीज गंभीर हालत में अस्पताल आने लगे या यहां से रेफर किया जाने लगे तो यहां से एंबुलेंस ही नहीं मिल सकेगी। पिछले साल भी में एंबुलेंस फंसने से मरीज को समय पर उपचार ना मिलने से उसकी मौत हो गई थी।
मिल अफसर नही उठाते फोन
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि शहर में जाम के चलते कारोबार ठप होने लगा है। दुकान पर ग्राहक नहीं आ रहे। समस्या के हल के लिए मिल अधिकारियों से वार्ता को फोन किया, तो रिसीव तक नही उठाया। इसके बाद सीओ को पूरी जानकारी दी। व्यापारियों ने इस समस्या पर अधिकारियों से भी मिलने का निर्णय लिया।
गन्ना मंत्री ने लिया संज्ञान,
शामली शुगर मिल के बार बार खराब होने से शहर में जाम के हालात को प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने डीएम अखिलेश सिंह से मामले में सख्ती को कहा है। डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि मिल का पेराई सत्र शुरू होने से पूर्व ही मिल को जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रर्याप्त व्यवस्था को कहा गया था, लेकिन मिल का बार बार खराब होना और शहर में जाम लगने से साफ है कि उनके द्वारा ये व्यवस्थाएं नहीं की गई। डीएम ने नोटिस प्राप्ति के 48 घंटे के अंदर जवाब मांगा है कि कई बार कहने के बावजूद उन्होंने मिल की तकनीकी खामियां दूर करने के क्या प्रयास किए।

मिल प्रशासन मिल को सुचारु रुप से चलाने के पूरे प्रयास कर रहा है, लेकिन तकनीकी खराबी से समस्या बन रही है। मिल खराब होने पर किसानों को मेसेज भेजकर भी सूचना दी जा रही है, ताकि वे गन्ना ना लाएं। मिल कोई नया इंडेंट भी जारी नहीं किया है। पुराने इंडेंट पर ही किसान गन्ना ला रहे हैं। करीब एक लाख क्विंटल गन्ने का इंडेंट अभी आना है।
कुलदीप पिलानिया ,जीएम केन
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