{"_id":"603002b68ebc3ee92662a5ab","slug":"there-will-be-seat-reservation-in-panchayat-elections-in-three-phases-shamli-news-mrt526207248","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन चरणों में होगा पंचायत चुनाव में सीट का आरक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन चरणों में होगा पंचायत चुनाव में सीट का आरक्षण
विज्ञापन
तीन चरणों में होगा पंचायत चुनाव में सीट आरक्षण
शामली। पंचायत चुनाव में 1995 से 2015 तक आरक्षित रही सीटों का आरक्षण इस बार बदल जाएगा। यदि इस प्रक्रिया में ब्लाक की सीटों का आरक्षण पूरा नहीं होता तो 2015 का आरक्षण देखा जाएगा। इसमें भी यदि आरक्षित सीटों की संख्या पूरी नहीं होगी तो बची हुई ग्राम पंचायतों का पूर्व आरक्षण शून्य मानकर आरक्षित किया जाएगा। इस तरह आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण का प्रशिक्षण दिया गया। लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर लौटे डीपीआरओ आलोक शर्मा एवं एएमए एमके जैन ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों एवं कंप्यूटर ऑपरेटर्स को आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पीपीटी के माध्यम से समझाई। डीपीआरओ ने बताया कि ब्लॉक से ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों के पदों को अनुसूचित जनजाति की महिला, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला व पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के क्रम में आरक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण का निर्धारण चक्रानुक्रम होगा। 1995 से 2015 के आरक्षण को देखा जाएगा। जो पंचायतें इन चुनावों में जिस वर्ग के लिए आरक्षित रहीं, इस बार उन्हें उनसे अगले वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा।
इसके बाद भी यदि ब्लॉक में आरक्षित पद पूरे नहीं होते तो दूसरे चरण में 2015 का आरक्षण देखा जाएगा। इस चुनाव में जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित रहा, वह इस बार आरक्षित नहीं होगा। इस प्रक्रिया के बाद भी यदि पदों का आरक्षण पूरा नहीं होता है तो पिछला आरक्षण शून्य मानकर नए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो मार्च तक आरक्षण का निर्धारण कर दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी सहित सभी बीडीओ, एडीओ मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। पंचायत चुनाव में 1995 से 2015 तक आरक्षित रही सीटों का आरक्षण इस बार बदल जाएगा। यदि इस प्रक्रिया में ब्लाक की सीटों का आरक्षण पूरा नहीं होता तो 2015 का आरक्षण देखा जाएगा। इसमें भी यदि आरक्षित सीटों की संख्या पूरी नहीं होगी तो बची हुई ग्राम पंचायतों का पूर्व आरक्षण शून्य मानकर आरक्षित किया जाएगा। इस तरह आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण का प्रशिक्षण दिया गया। लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर लौटे डीपीआरओ आलोक शर्मा एवं एएमए एमके जैन ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों एवं कंप्यूटर ऑपरेटर्स को आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पीपीटी के माध्यम से समझाई। डीपीआरओ ने बताया कि ब्लॉक से ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों के पदों को अनुसूचित जनजाति की महिला, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला व पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के क्रम में आरक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण का निर्धारण चक्रानुक्रम होगा। 1995 से 2015 के आरक्षण को देखा जाएगा। जो पंचायतें इन चुनावों में जिस वर्ग के लिए आरक्षित रहीं, इस बार उन्हें उनसे अगले वर्ग के लिए आरक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद भी यदि ब्लॉक में आरक्षित पद पूरे नहीं होते तो दूसरे चरण में 2015 का आरक्षण देखा जाएगा। इस चुनाव में जो पद जिस वर्ग के लिए आरक्षित रहा, वह इस बार आरक्षित नहीं होगा। इस प्रक्रिया के बाद भी यदि पदों का आरक्षण पूरा नहीं होता है तो पिछला आरक्षण शून्य मानकर नए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो मार्च तक आरक्षण का निर्धारण कर दिया जाएगा। प्रशिक्षण में सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी सहित सभी बीडीओ, एडीओ मौजूद रहे।
विज्ञापन