{"_id":"65aad6c533acbbe37e005506","slug":"there-is-no-relief-from-helpless-cattle-campaigns-limited-to-khanapurthi-shamli-news-c-26-1-smrt1048-15215-2024-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: बेसहारा गोवंशों से नहीं मिल रही निजात, खानापूर्ति तक सिमटे अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: बेसहारा गोवंशों से नहीं मिल रही निजात, खानापूर्ति तक सिमटे अभियान
Sat, 20 Jan 2024 01:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 20 Jan 2024 01:39 AM IST
विज्ञापन
जलालाबाद में घुमते आवारा गोवंश
शामली। जिले में बेसहारा गोवंशों से लोगों को कोई निजात नहीं मिल पा रही है। शासन-प्रशासन की तरफ से गोवंशों को पकड़ने के लिए कई बार अभियान चलाने के दावे किए गए, लेकिन ये अभियान खानापूर्ति तक ही सिमट कर रह गए। नतीजा ये है कि सड़कों से लेकर खेतों तक आवारा पशु झुंड के रूप में घूमते रहे हैं। गोवंश जहां खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं इनके हमले में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं। गोवंश के हमले से पीड़ित परिजनों का दर्द है कि उनको आज तक भी कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।
कस्बे में घूम रहे गोवंशों से ग्राहक व राहगीर परेशान
जलालाबाद। कस्बे के मुख्य चौराहों, गलियों, बाजारों में आवारा गोवंश लोगों पर हमला तक कर रहे हैं। हाईवे, सड़कों पर पर इनके कारण हादसे हो रहे हैं। आवारा पशुओं के कारण कस्बे में पहले भी दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। नगर पंचायत द्वारा अभियान चलाकर कुछ पशुओं को पकड़कर खानापूर्ति की गई। क्षेत्र के गांवों में भी बेसहारा गाेवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो राहगीरों पर हमला भी कर देते है और खेत में घुसकर फसल का नुकसान करते है।
गोवंश से टकराकर बाइक सवार युवक की हो चुकी मौत
झिंझाना। गत माह कस्बा निवासी युवक प्रवेश चौधरी की बाइक गांव टपराना के पास सांड से टकरा गई थी जिसमें प्रवेश की मौत हो गई थी। कस्बे व क्षेत्र में आवारा गोवंश घूमने से खेती और राहगीरों को नुकसान पहुंच रहा हैं। आवारा गोवंशों से लोगों में भय बना हुआ है। नगर पंचायत के लिपिक अशोक कुमार ने बताया कि गत दिनों कई दर्जन आवारा पशुओं को पड़कर ऊन गोशाला भिजवाया था। झिंझाना क्षेत्र के आसपास के गांव वाले पशुओं को झिंझाना की ओर भगा देते हैं।
विज्ञापन
लावारिस गोवंश कर रहे फसल बर्बाद
कैराना। खेतों में घूम रहे आवारा गोवंश किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। वहीं गौवंशों को भागने के दौरान किसानों को गोवंशोेेेेे द्वारा हमला करने का डर भी सताता है। गांव पंजीठ निवासी किसान पुष्कर सैनी ने बताया कि उनके खेतों में शाम के समय गोवंश फसलों को बर्बाद करते हैं। मामौर निवासी किसान मेहताब ने बताया कि खेतों में फसल बर्बाद करने का खतरा बना रहता है। लावारिस गोवंश घायल भी कर देते हैं।
जिले में ये हो चुकी घटनाएं
केस एक
एक माह पहले 19 दिसंबर 2023 की रात को कस्बा बनत के मोहल्ला जवाहरनगर निवासी नवीन गिरी की बाइक पर जाते समय तहसील के पास सांड़ ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में नवीन की मौत हो गई थी। मृतक के पिता सुनील ने बताया इस घटना के संबंध में प्रशासन की तरफ न तो कोई जानकारी ली गई और न ही प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद मिली है। मृतक की पत्नी नौ माह की गर्भवती है।
केस दो
शहर के मोहल्ला शांति नगर निवासी दयानंद वर्मा की 14 दिसंबर 2022 को मोहल्ले में ही सांड़ ने टक्कर मार दी थी जिसमें दयानंद की मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र अनिल वर्मा ने बताया कि उस समय राजस्व विभाग के लेखपाल ने उनके घर आकर घटना की जानकारी ली थी। उन्हाेंने सभी दस्तावेज लेखपाल को उपलब्ध करा दिए थे, लेकिन आज तक प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाई।
केस तीन
कांधला क्षेत्र के गांव नाला में करीब एक साल पहले किसान महावीर को सांड़ ने टक्कर मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। उस समय ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की थी। अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया था। परिजनों का कहना है कि आज तक प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
केस चार
थानाभवन क्षेत्र के गांव अंबेहटा याकूबपुर निवासी वीर सिंह ने बताया दो साल पहले खेत में काम करते समय सांड़ ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने तहसील में आवेदन किया था। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी होने के नाते उन्हें करीब 75 हजार रुपये मिले थे जबकि इलाज में खर्चा इससे दोगुना हुआ।
विज्ञापन
कस्बे में घूम रहे गोवंशों से ग्राहक व राहगीर परेशान
जलालाबाद। कस्बे के मुख्य चौराहों, गलियों, बाजारों में आवारा गोवंश लोगों पर हमला तक कर रहे हैं। हाईवे, सड़कों पर पर इनके कारण हादसे हो रहे हैं। आवारा पशुओं के कारण कस्बे में पहले भी दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। नगर पंचायत द्वारा अभियान चलाकर कुछ पशुओं को पकड़कर खानापूर्ति की गई। क्षेत्र के गांवों में भी बेसहारा गाेवंशों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो राहगीरों पर हमला भी कर देते है और खेत में घुसकर फसल का नुकसान करते है।
विज्ञापन
गोवंश से टकराकर बाइक सवार युवक की हो चुकी मौत
झिंझाना। गत माह कस्बा निवासी युवक प्रवेश चौधरी की बाइक गांव टपराना के पास सांड से टकरा गई थी जिसमें प्रवेश की मौत हो गई थी। कस्बे व क्षेत्र में आवारा गोवंश घूमने से खेती और राहगीरों को नुकसान पहुंच रहा हैं। आवारा गोवंशों से लोगों में भय बना हुआ है। नगर पंचायत के लिपिक अशोक कुमार ने बताया कि गत दिनों कई दर्जन आवारा पशुओं को पड़कर ऊन गोशाला भिजवाया था। झिंझाना क्षेत्र के आसपास के गांव वाले पशुओं को झिंझाना की ओर भगा देते हैं।
विज्ञापन
लावारिस गोवंश कर रहे फसल बर्बाद
कैराना। खेतों में घूम रहे आवारा गोवंश किसानों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। वहीं गौवंशों को भागने के दौरान किसानों को गोवंशोेेेेे द्वारा हमला करने का डर भी सताता है। गांव पंजीठ निवासी किसान पुष्कर सैनी ने बताया कि उनके खेतों में शाम के समय गोवंश फसलों को बर्बाद करते हैं। मामौर निवासी किसान मेहताब ने बताया कि खेतों में फसल बर्बाद करने का खतरा बना रहता है। लावारिस गोवंश घायल भी कर देते हैं।
जिले में ये हो चुकी घटनाएं
केस एक
एक माह पहले 19 दिसंबर 2023 की रात को कस्बा बनत के मोहल्ला जवाहरनगर निवासी नवीन गिरी की बाइक पर जाते समय तहसील के पास सांड़ ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में नवीन की मौत हो गई थी। मृतक के पिता सुनील ने बताया इस घटना के संबंध में प्रशासन की तरफ न तो कोई जानकारी ली गई और न ही प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद मिली है। मृतक की पत्नी नौ माह की गर्भवती है।
केस दो
शहर के मोहल्ला शांति नगर निवासी दयानंद वर्मा की 14 दिसंबर 2022 को मोहल्ले में ही सांड़ ने टक्कर मार दी थी जिसमें दयानंद की मौत हो गई थी। मृतक के पुत्र अनिल वर्मा ने बताया कि उस समय राजस्व विभाग के लेखपाल ने उनके घर आकर घटना की जानकारी ली थी। उन्हाेंने सभी दस्तावेज लेखपाल को उपलब्ध करा दिए थे, लेकिन आज तक प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाई।
केस तीन
कांधला क्षेत्र के गांव नाला में करीब एक साल पहले किसान महावीर को सांड़ ने टक्कर मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। उस समय ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की थी। अधिकारियों ने मदद का आश्वासन दिया था। परिजनों का कहना है कि आज तक प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
केस चार
थानाभवन क्षेत्र के गांव अंबेहटा याकूबपुर निवासी वीर सिंह ने बताया दो साल पहले खेत में काम करते समय सांड़ ने टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इलाज में करीब डेढ़ लाख रुपये खर्च हुए थे। उन्होंने तहसील में आवेदन किया था। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी होने के नाते उन्हें करीब 75 हजार रुपये मिले थे जबकि इलाज में खर्चा इससे दोगुना हुआ।